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यूजीसी के 17 में से 3 ही बिंदु ही पूरे, बीयू को मिला नोटिस

एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर विश्व विद्यालय अनुदान आयोग ने सभी यूनिवर्सिटी को मिशन-2017 के तहत 17 बिंदु पर कार्य करने...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:45 AM IST
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर

विश्व विद्यालय अनुदान आयोग ने सभी यूनिवर्सिटी को मिशन-2017 के तहत 17 बिंदु पर कार्य करने को कहा था। इसमें बिलासपुर यूनिवर्सिटी सालभर में केवल 3 बिंदु पर ही काम कर पाई। इस पर यूजीसी ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर 30 अप्रैल तक जानकारी मांगी थी। वहीं 27 जुलाई को दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय व यूजीसी के अधिकारियों की बैठक होनी है। इसमें कुलपति को बताना है कि जिस बिंदु पर काम नहीं कर पाएं हैं तो उसका कारण क्या है।

विश्व विद्यालय अनुदान आयोग और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश की सभी यूनिवर्सिटी को डिजिटलाइज करने के लिए मिशन-2017 तैयार किया था। इसमें यूजीसी ने 17 बिंदु रखे थे। इन बिंदुओं पर सभी यूनिवर्सिटी को दिसंबर 2017 तक कार्य पूर्ण कर लेना था। इसके बाद यूनिवर्सिटी द्वारा 17 बिंदुओं पर किए गए कार्यों की जानकारी यूजीसी को देनी थी।

यूजीसी ने 30 अप्रैल तक किए गए कार्यों की मांगी थी जानकारी, कुलपति को 27 जुलाई को दिल्ली बुलाया गया

इन बिंदुओं पर यूनिवर्सिटी को करना था काम

विश्व विद्यालय अनुदान आयोग ने 17 बिंदु जारी किए थे। इसमें था कि यूजीसी ने स्वमेव पोर्टल पर लगभग 400 कोर्स जारी किए थे। इस कोर्स को छात्रों को करना था। दूसरा प्वाइंट था कि स्वमेव के कोर्स का यूनिवर्सिटी को पोस्टर, ट्विटर, फेसबुक, व्हाटएप के माध्यम से प्रचार-प्रसार करना था। तीसरा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों से डिजिटल कोर्स तैयार करवाना था। चौथा बिंदु था कि स्वमेव के कोर्स के लिए टीचर को ट्रेंड किया जाए। इसके अलावा बिंदु थे कि डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी में हो रहे कार्यों के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाना, स्वमेव के कोर्स देखने के लिए डीटीएच लगवाना, ऑनलाइन कोर्स तैयार करने शिक्षकों को ट्रेनिंग देना, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों का अकाउंट बनवाना, छात्रों की डिग्री व दस्तावेज को डिजिटल लाइब्रेरी में अपलोड करना, यूनिवर्सिटी में एडमिशन, रिजल्ट, फीस जमा करने, नामांकन कराने आदि को ऑनलाइन करना, सभी प्रकार के पेमेंट डिजिटल करने, पांच गांव को गोद लेकर उन्हें जागरूक करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा अगले 15 वर्ष में इसे आगे कैसे बढ़ाएंगे, उसका प्लान देना था।

बीयू ने केवल ये किया

बीयू ने न ही छात्रों को कोर्स करने का एप्रूवल दिया है और न ही कैंपस को डिजिटल कर पाई है। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी में न ही यूनिवर्सिटी छात्रों को डाटा अपलोड की है और न ही छात्रों का अकांउट खुलवा सकी है। यूनिवर्सिटी कैंपस भी स्मार्ट नहीं बना पाने के साथ ही गोद लिए गए गांवों को जागरूक भी नहीं कर पाई है। 17 बिंदु में से यूनिवर्सिटी केवल डीटीएच लगा पाई है। इसके अलावा ऑनलाइन कोर्स तैयार करने शिक्षकों को ट्रेनिंग दी है। शिक्षकों ऑनलाइन कोर्स तैयार कर रहे हैं।

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