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गोंगपा और एकता परिषद के साथ मिलकर लड़ने राहुल की घोषणा, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का वादा

1. जड़ों से जुड़ाव: कांग्रेस के वोट बैंक अनुसूचित जाति, जनजाति के मुद्दों पर पूरा ध्यान। भीड़ जुटाने से ज्यादा...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:55 AM IST
गोंगपा और एकता परिषद के साथ मिलकर लड़ने राहुल की घोषणा, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का वादा
1. जड़ों से जुड़ाव: कांग्रेस के वोट बैंक अनुसूचित जाति, जनजाति के मुद्दों पर पूरा ध्यान। भीड़ जुटाने से ज्यादा नेताओं की एकजुटता पर जोर रहा। सबसे बड़ा संदेश दिया गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और आदिवासी एकता परिषद से मिलकर चुनाव लड़ने की बात ने दिया। जाहिर है आने वाले चुनाव में बिलासपुर सरगुजा क्षेत्र में कांग्रेस इनका फायदा लेना चाहती है। मंच से ही राहुल गांधी ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषण की। इसका मतलब साफ है कि अजा-जजा और किसानों को कांग्रेस सबसे बड़ा वोटर मान रही है और उन्हें फायदे भी देने को तैयार है। इसी के साथ कांग्रेस के चुनाव अभियान की शुरुआत भी हो गई।

2. उइके मरवाही तो हीरासिंह तानाखार जा सकते हैं-कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रामदयाल उइके जिन्होंने वर्ष 2000 में मरवाही सीट अजीत जोगी के लिए छोड़ी थी, कोटमी की सभा में उनकी सक्रियता मंच पर राहुल से चर्चा में साफ नजर आई। उनके अपनी पुरानी सीट पर लौटने तथा उनकी मौजूदा तानाखार सीट पर हीरासिंह जो वहां के एक समय विधायक रहे, उनकी वापसी की चर्चा सरगर्म रही।

3. सिंहदेव नहीं बोले, बघेल का संचालन- पूर्व केंद्रीय राज्य मंंत्री चरणदास महंत सभा में सक्रिय नजर आए। पीसीसी प्रेसिडेंट भूपेश बघेल ने उन्हें तथा रामदयाल उइके को बोलने का मौका दिया। सिंहदेव ने विनम्रता से बोलने से मना कर दिया। बघेल ने कार्यक्रम का संचालन किया। कुल मिलाकर मंच पर तो एक दूसरे का सम्मान दिखा यानी एकता।

4. जोगी का नाम तक नहीं लिया-करीब घंटे भर की सभा में राहुल सहित प्रदेश के सभी नेताओं में से किसी ने पूर्व मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं लिया, न उनके बारे में कोई चर्चा की। यानी कांग्रेस में जोगी नेपथ्य में। राहुल के मंच पर रेणु जोगी थीं लेकिन उनका भी नाम किसी ने नहीं लिया।

कितनी भीड़, हिसाब लगाते रहे : भीड़ की बात करें तो सभा में कांग्रेस के साथ पीले झंडे वाले गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी ताकत दिखाई। एकता परिषद के साइलेंट कार्यकर्ता भी पहुंचे। कोटमी की सभा में पहुंची भीड़ का हिसाब किताब सियासतदानों की चर्चाओं के केंद्र में रहा।

चुनावी ढोल... सीतापुर में राहुल ने ढोल बजाया तो बनने लगा वीडियो।

राजगोपाल बोले- परिवर्तन की जरूरत

एकता परिषद के राजगोपाल, जिन्होंने डाकुओं को आत्मसमर्पण के लिए बाध्य किया, 25 हजार किसानों को लेकर दिल्ली मार्च किया, कांग्रेस के समर्थन में खड़े नजर आए। मंच से उन्होंने कहा कि देश में परिवर्तन की जरूरत है। आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए 15 अगस्त से छत्तीसगढ़ सहित 5 राज्यों में यात्राएं निकाली जाएंगी तथा 2 अक्टूबर को 50 हजार आदिवासी दिल्ली में अपनी बात रखेंगे।

मरकाम बोले-देश को युवा नेतृत्व की जरूरत

गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम ने कहा कि आज देश का अन्नदाता किसान गरीब क्यों है? जो नहीं कमाते वह गुलछर्रे उड़ा रहे हैं। जनता के पैसे से महीने के 24 दिन विदेश में रहते हैं। देश को आज दूसरी आजादी लड़ाई लड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई। आज देश को युवा नेतृत्व की जरूरत है। राहुल भी युवा हैं। हम आपके साथ हैं।

रोड शो नहीं- खड़े रह गए सैकड़ों कार्यकर्ता

राहुल गांधी के प्रस्तावित रोड शो को एसपीजी के अधिकारियों ने मंजूरी नहीं दी। इससे बसंत विहार गेट से छत्तीसगढ़ भवन तक जो पदाधिकारी व कार्यकर्ता स्वागत के लिए खड़े हुए थे उन्हें निराशा ही हाथ लगी। राहुल गांधी का काफिला कहीं नहीं रुका इससे स्वागत करने की मंशा पूरी नहीं हो पाई।

जमीन की राजनीति कर गए राहुल

करीब 20 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने किसान, आदिवासियों के जंगल, जमीन की समस्याएं हल करने के वादे किए। प्रभावितों की नब्ज पकड़े कहा कि ‘पेसा व ट्राइबल बिल’ यूपीए की देन है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें इसे लागू होने नहीं दे रही हैं। कांग्रेस के नेतृत्ववाली यूपीए सरकार ने मनरेगा के लिए एक साल में 70 हजार करोड़ रखे। किसानों का सारा कर्जा माफ किया। पर मोदी सरकार ने 15 बड़े अमीरों का ढाई लाख करोड़ का कर्जा माफ कर दिया। किसान कर्ज माफी की मांग करते हैं, तो उन्हें लाठी, गोली मारी जाती है, जैसा मध्यप्रदेश और दूसरे राज्यों में किया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया, अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष चरणदास महंत,रामदयाल उइके, बोधराम कंवर, जयसिंह अग्रवाल, उमेश पटेल, दिलीप लहरिया, शैलेष पांडे, विजय केशरवानी, आशीष सिंह, विवेक वाजपेयी आदि उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के रोड शो को एसपीजी की ना, खड़े ही रह गए कांग्रेसी, फिर छत्तीसगढ़ भवन में मिले

छत्तीसगढ़ भवन में रुके राहुल गांधी ने लोगों से मुलाकात की।

राहुल गांधी ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ भवन में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। मुलाकात करने वालों में व्यापारी संगठन क्रेडाई, सीए एसोसिएशन, चिकित्सक, शैक्षणिक संस्थान, अधिवक्ता संघ, औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ प्रमुख हैं। इस दौरान प्रतिनिधिमंडलों के डाॅ. देवेन्द्र सिंह, डाॅ. मित्तल, अधिवक्ता चन्द्रशेखर वाजपेयी, शैलेन्द्र दुबे, डाॅ. निर्मल शुक्ला, शिक्षाविद विवेक जोगलेकर, डाॅ. अजय श्रीवास्तव, डाॅ. राजकुमार खेत्रपाल, डाॅ.आर्य शरमा, एडवोकेट देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य शामिल हैं।

व्यापारी बोले- नोट बंदी के बाद व्यापार कठिन

शहर के व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ भवन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला। व्यापारियों ने उन्हें बताया कि नोट बंदी, जीएसटी और वे-बिल की वजह से व्यापार करना कठिन हो गया है। व्यापारियों ने राहुल गांधी को बताया कि नोट बंदी के बाद से रियल स्टेट का कारोबार पूरी तरह से ठप है। व्यापारियों को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है। चार्टर्ड एकाउंटेंट एसोसिएशन की ओर उनके पदाधिकारियों ने भी अपनी समस्याएं गिनाई। क्रेडाई के पूर्व अध्यक्ष एसपी चतुर्वेदी, मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील सोंथलिया, प्रकाश ग्वालानी, श्याम शुक्ला, देवीदास वाधवानी सहित अन्य लोग थे।

और रात की सैर भी: राहुल गांधी छत्तीसगढ़ भवन में तमाम संगठनों व कांग्रेसियों से मिलने के बाद रात को सेकरसा रेलवे मैदान पर पहुंचे और कुछ देर अकेले सैर करते रहे।

जोगी ने पेंड्रा में जुटाई भीड़

पेंड्रा को जिला बनाऊंगा 20 लाख को रोजगार: जोगी

पूरे भाषण में और मैदान में भीड़ की बात पर ही रहा जोर

सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर/पेंड्रा

पेंड्रा के फिजिकल कॉलेज मैदान में महज चार मिनट के भाषण में जनता कांग्रेस के प्रमुख अजीत जोगी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए कहा कि वे उन्हें ज्यादा नहीं समझते इसलिए ज्यादा नहीं बोलेंगे। जोगी ने उन पर निशाना साधने के साथ ही जनता से आगामी चुनाव में समर्थन भी मांगा। उन्होंने कहा कि वे पहले ही हाईकोर्ट में शपथ पत्र दे चुके हैं कि जब उनका राज होगा, वे बेटियों के नाम पर एक-एक लाख रुपए फिक्स डिपाजिट कराएंगे। 20 लाख बेरोजगारों को रोजगार व किसानों को 2500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देंगे। पेंड्रा को जिला बनाएंगे। जोगी बीमार नजर आ रहे थे। साढ़े चार बजे पहुंचे और तीन-चार मिनट में भाषण खत्म कर माइक विधायक सियाराम कौशिक को थमा दिया। कौशिक ने आगामी विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी को वोट देने की अपील की। अमित जोगी ने अपने भाषण में कार्यक्रम में जासूसों के सक्रिय होने का अंदेशा जताया। उन्होंने कहा देख लें, यहां जन सैलाब उमड़ा है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। मैदान में टेंट नहीं लगा था। दोपहर से ही लोग खुले में तेज धूप व गर्मी में जोगी को सुनने बैठे थे। गर्मी से बचाव के लिए लगे कूलर से थोड़ी राहत मिली। पूर्व सांसद देवव्रत सिंह, कांग्रेस के पूर्व विधायक विधान मिश्रा,विधायक रामचंद्र राय, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह, ऋचा जोगी, अनिल टाह, बृजेश साहू, संतोष कौशिक सहित जनता कांग्रेस के कई नेता मंच पर मौजूद रहे। हालांकि अजीत जोगी की प|ी कोटा विधायक रेणु जोगी मंच पर नहीं थीं। बाद में पता चला कि वे कांग्रेस की सभा यानी राहुल के मंच पर मौजूद थीं।

दोहा पढ़ा तो बजी तालियां

जोगी ने छत्तीसगढ़ी में ही भाषण दिया और दोहा भी पढ़ा। बात-बात कहत हे संगी, बात कहा ले आए रे, जनता कांग्रेस ल देख के लबरा कहां लुकाय रे। दोहा सुनकर लोग तालियां बजाने लगे।

जोगी आए तो कुर्सी छोड़ मंच पर नीचे बैठ गए नेता

पूर्व मुख्यमंत्री जोगी जब मंच पर पहुंचे तो वहां बहुत भीड़ थी। कुर्सियां हटाकर जोगी को सामने लाया गया। सभी नेता कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए और उनके पास ही मंच पर नीचे बैठ गए। जोगी के भाषण के दौरान समर्थक ही शोर-शराबा करते रहे, जिसे नेता चुप कराते रहे।

जोगी के आने के पहले बंटवाए अखबार

पूर्व मुख्यमंत्री जोगी के मंच पर आने के पहले समर्थकों ने एक अखबार बंटवाया। जिसमें जोगी का बयान छपा था। इस बात को लेकर कार्यक्रम के दौरान चर्चा रही। इसे लाेगों ने प्रयोग के तौर पर देखा। अब तक ऐसा शायद ही कभी देखने को मिला हो जब किसी नेता के आने के पहले अखबार बंटवाया गया हो।

गोंगपा और एकता परिषद के साथ मिलकर लड़ने राहुल की घोषणा, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का वादा
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