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चावल की किस्मों में लंग्स और ब्रेस्ट कैंसर सेल खत्म करने वाले तत्वों की खोज

कृषि विश्वविद्यालय और भाभा रिसर्च सेंटर के शोध में चावल की किस्मों गठवन, महाराजी और लाइचा में मिल चुके हैं कैंसररोधी गुण

Danik Bhaskar | Apr 16, 2018, 03:21 AM IST

रायपुर. केवल छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली धान की तीन ऐसी किस्में जिनके कैंसररोधी गुण प्रमाणित हो चुके हैं, अब उनका इस्तेमाल कैंसर की दवाइयां बनाने के लिए किया जाएगा। कृषि विवि और भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर (बार्क) के वैज्ञानिक पूर्व में हुए शोध में यह पता लगा चुके हैं कि यहां की गठवन, महाराजी व लाइचा किस्मों में कैंसररोधी गुण मिले हैं। अब यह पता लगाया जाएगा कि चावल की इन किस्मों में ऐसे कौन से तत्व हैं, जो कैंसर की कोशिकाओं को तेजी से खत्म करते हैं। खासकर ब्रेस्ट और लंग्स कैंसर में ये काफी प्रभावी निकले हैं। इन तत्वों का पता लगाने के लिए अब कृषि विश्वविद्यालय देश के दो प्रमुख शोध संस्थानों इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी और इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मेकोलॉजी के साथ अनुबंध करने जा रहा है। ये संस्थान इन तत्वों का पता लगाएंगे, ताकि उनसे कैंस की दवाई बनाई जा सके।


- कृषि विवि और भाभा सेंटर के विशेषज्ञों ने करीब तीन माह पहले खुलासा किया था कि छत्तीसगढ़ के चावल की तीन किस्मों में कैंसर रोधी गुण हैं। जिन दो राष्ट्रीय संस्थानों से अनुबंध हो रहा है, वहां के वैज्ञानिक रिसर्च के बाद बताएंगे कि इन चावलों में ऐसे कौन से तत्व हैं जो कैंसर सेल को खत्म कर रहे हैं। सबका बारीकी से निरीक्षण होगा।

- बार्क के साथ हुए प्रारंभिक शाेध कैंसर सेल और स्वस्थ सेल पर इन चावलों के एक्सट्रैक्ट का उपयोग किया गया। इसमें पाया गया कि चावल के तत्वों ने न सिर्फ कैंसर सेल की वृद्धि को रोका बल्कि इसे नष्ट भी किया। राष्ट्रीय संस्थान से शोध होने पर यह काम आगे बढ़ेगा। इसके तहत जीवित प्राणी या जानवर पर टेस्टिंग हो सकेगी।

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- तीनों किस्मों का कैंसर के सेल्स पर प्रभाव जांचने के लिए वैज्ञानिकों ने मेथनॉल में बने एक्सट्रैक्ट का उपयोग किया। इसमें लाइचा ब्रेस्ट कैंसर सेल को नष्ट करने में सबसे प्रभावी साबित हुई। लंग्स कैंसर सेल्स को नष्ट करने में तीनों किस्में का प्रभाव अच्छा था। ह्यूमन ब्रेस्ट कैंसर सेल्स के संबंध में किये गए शोध में गठवन धान के एक्सट्रैक्ट ने 10 प्रतिशत कैंसर सेल्स को नष्ट किया। महाराजी के एक्सट्रैक्ट ने लगभग 35 प्रतिशत और लाइचा के एक्सट्रैक्ट ने करीब 65 प्रतिशत कैंसर सेल्स को खत्म किया। इसी प्रकार ह्यूमन लंग्स कैंसर के मामले में गठवन व महाराजी धान के एक्सट्रैक्ट ने 70 प्रतिशत कैंसर सेल्स को खत्म किया। जबकि लाइचा के एक्सट्रैक्ट का रिजल्ट सौ फीसदी रहा।

बातचीत अंतिम दौर में
गठवन, महाराजी और लाइचा में मिले कैंसररोधी तत्वों की पहचान के लिए जल्दी बड़ा काम होने जा रहा है। दो राष्ट्रीय संस्थानों से इस रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत अंतिम दौर में है।
डॉ एसके पाटील,
कुलपति कृषि विवि