Hindi News »Chhatisgarh »Raipur »News» Non Bailable And Arrest Warrants Against 50 Doctors Of Raipur

ड्यूटी-इलाज में रहे बिजी और नहीं हुए कोर्ट के सामने पेश, राजधानी के 50 डॉक्टरों के खिलाफ गैर जमानती व गिरफ्तारी वारंट

दो बार पेशी में नहीं जाने पर उन्हें तीसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है।

Bhaskar News | Last Modified - May 02, 2018, 07:32 AM IST

  • ड्यूटी-इलाज में रहे बिजी और नहीं हुए कोर्ट के सामने पेश, राजधानी के 50 डॉक्टरों के खिलाफ गैर जमानती व गिरफ्तारी वारंट

    रायपुर.राजधानी के अंबेडकर अस्पताल के ज्यादातर डॉक्टरों को गैर जमानती और वारंट मिल चुके हैं। इन्हें किसी अपराध के लिए नहीं बल्कि कोर्ट की पेशी में बुलावे पर उपस्थित न होने पर ये वारंट जारी किए गए हैं। मेडिको लीगल केस (एमएलसी) के अधिकतर मामलों में जांच करने वाले डॉक्टर को कोर्ट में पेश होना पड़ता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि दो-दो बार नोटिस भेजने के बाद भी ये नहीं जा पाते हैं। इसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि ड्यूटी और इलाज में रहने के कारण वे वहां उपस्थित नहीं हो पाते हैं। इसमें प्रोफेसर से लेकर रेसीडेंट यानी जूनियर डॉक्टर तक भी शामिल हैं।

    दो बार पेशी में नहीं जाने पर उन्हें तीसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है। ऐसे वारंट मिलने के बाद पुलिस डॉक्टर को लेकर कोर्ट के सामने पेश होती है। कई बार ऐसा होता है कि शहर के बाहर भी डॉक्टरों के इन मामलों में पेशी के लिए जाना पड़ता है, इससे मरीजों का इलाज व ऑपरेशन प्रभावित होता है।


    हर विभाग के डॉक्टरों को करना पड़ा है वारंट का सामना

    अंबेडकर अस्पताल में ऐसा कोई विभाग नहीं है, जहां के रेसीडेंट से लेकर कंसल्टेंट डॉक्टरों को गैर जमानती और गिरफ्तारी वारंट का सामना न करना पड़ा हो। ऐसे मामलों में आपातकालीन चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को भी दो-चार होना पड़ रहा है। मेडिसिन, रेडियो डायग्नोसिस, सर्जरी, ऑर्थोपीडिक्स, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, ईएनटी, नेत्र के साथ अन्य विभागों के डॉक्टरों को गैर जमानती वारंट मिल चुका है। मारपीट से लेकर सड़क दुर्घटना, हत्या का प्रयास, हत्या, रेप के साथ संदेहास्पद मौत समेत मेडिको लीगल केस में डॉक्टरों को कोर्ट जाना पड़ता है।

    डॉक्टरों ने कहा- पेशी पर जाने से कोई समस्या नहीं

    डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें पेशी में जाने से कोई परेशानी नहीं है। कई बार मरीजों के ऑपरेशन व जांच के कारण चाहकर भी कोर्ट नहीं जा पाते हैं। कई बार काम की व्यस्तता में वारंट के बारे में ध्यान भी नहीं रहते हैं, इसके बाद जैसे ही गैरजमानती वारंट नोटिस लेकर पुलिसकर्मी पहुंचता है, तब अधिकतर उस तारीख को पेश हो जाते हैं। ज्यादातर डॉक्टर ड्यूटी समय पर ही कोर्ट चले जाते हैं। वहीं कुछ डॉक्टर मरीजों की व्यस्तता के कारण दोपहर एक या दो बजे के बाद जाते हैं। कई डॉक्टर को तो पुराने मामले में अब भी भोपाल, इंदाैर, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर भी जाना पड़ता है।

    इन डॉक्टरों के खिलाफ जारी हुए वारंट रेडियो डायग्नोसिस के सबसे ज्यादा
    - रेडियो डायग्नोसिस के प्रोफेसर के साथ तीन डॉक्टर
    - चार आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी
    - सर्जरी विभाग में एसो. प्रोफेसर समेत दो डॉक्टर
    - मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर के साथ तीन डॉक्टर
    - ईएनटी विभाग के दो डॉक्टर
    - नेत्र रोग विभाग के तीन डॉक्टर

    डीन से लेकर एचओडी तक शामिल
    गैर जमानती वारंट मिलने वालों में डीन और एचओडी तक शामिल हैं। फोरेंसिक विभाग के एचओडी रहे और वर्तमान डीन मध्यप्रदेश के कई शहरों में पेशी में जातेे हैं। अंबेडकर के कई सीनियर डॉक्टर पहले इंदौर, रीवा व जबलपुर में पदस्थ रहे हैं। उन्हें आज भी पेशी में जाना पड़ता है।

    रिटायरमेंट और ट्रांसफर के बाद भी
    डॉक्टरों को रिटायरमेंट व ट्रांसफर के बाद भी पेशी में जाना पड़ता है। अंबेडकर के कई रेसीडेंट डॉक्टरों को वारंट आता है, लेकिन वे पीजी कर जा चुके हैं। ऐसे में केस लंबा खींचता है। वारंट और पेशी को लेकर महिला डॉक्टरों को भी छूट नहीं मिलती है।

    आपराधिक मामलों में बयान अहम होते हैं
    सड़क हादसे से लेकर हत्या तक के मेडिको लीगल केस में डॉक्टरों का बयान काफी महत्वपूर्ण है। पेशी में जाने वाले डॉक्टर इलाज के साथ ऑपरेशन या मुलहिजा करने वाले होते हैं। ऐसे में उनका बयान काफी मायने रखता है। मरीज को क्षतिपूर्ति राशि केस जीतने के बाद दिया जाता है। पीड़ित पक्ष के लिए यह काफी महत्वपूर्ण होता है। छोटे से बड़े आपराधिक मामले जिनमें डॉक्टरों की जांच अहम कड़ी होती है, उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ता है।

    देवभोग में पेशी, लौटने का साधन नहीं होने से परेशानी

    रेडियो डायग्नोसिस विभाग के एक कंसल्टेंट डॉक्टर (तब जूडो) को चार साल पहले पेशी में देवभोग जाना था। सुबह 6 बजे बस से निकले और दो बजे देवभोग पहुंचे। किसी तरह कोर्ट में पेशी हुई। जब बस स्टैंड पहुंचे तो पता चला कि एक ही बस थी, वह भी निकल चुकी है। वे लिफ्ट लेकर बस पकड़े। इसी विभाग के प्रोफेसर को पेशी में जगदलपुर में जाना था। जब वह पहुंचे तो पता चला कि जिस जज की कोर्ट में सुनवाई होनी है, वह छुट्टी पर है। उन्होंने रायपुर से आने का हवाला देते हुए दूसरे कोर्ट में बयान दर्ज कराने का अनुरोध भी किया, लेकिन अनुमति नहीं मिली। ऐसे में उन्हें बिना पेशी के रायपुर लौटना पड़ा। फिर उन्हें कुछ दिन बाद दाेबारा वहां जाना पड़ा।

    एक्सपर्ट व्यू : मेडिकल विशेषज्ञ साक्ष्य हैं डॉक्टर, बहुत जरूरी है पेश होना
    शहर के सीनियर क्रिमिनल एडवोकेट फैसल रिजवी का कहना है कि किसी भी एमएलसी मामलों में डॉक्टर की कोर्ट में पेशी बहुत ही जरूरी है। वे मेडिकल विशेषज्ञ साक्ष्य होते है। उनकी रिपोर्ट और बयान केस के लिए काफी महत्व रखते हैं। उनके द्वारा की गई जांच औैर रिपोर्ट से केस आगे बढ़ता है। रायपुर कोर्ट के अपर लोक अभियोजक योगेंद्र ताम्रकार बताते हैं कि जिस डॉक्टर ने क्यूरी रिपोर्ट, मुलाहिजा और परीक्षण किया है, उसका संबंधित मामले में उपस्थित होना अनिवार्य है। उनके पेश न होने से केस पेंडिंग रहता है। कई बार इलाज और ओपीडी में व्यस्त रहने से डॉक्टर समंन मिलने पर भी कोर्ट नहीं आ पाते हैं। पहली बार तो समंन जारी होता है, उसके बाद गैर जमानती वारंट फिर भी पेश नहीं हुए तो कोर्ट गिरफ्तारी वारंट जारी करता है। इसके बाद पुलिस संबंधित को कोर्ट के सामने लेकर आती है।

Topics:
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Raipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Non Bailable And Arrest Warrants Against 50 Doctors Of Raipur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×