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सुकमा में देर रात नक्सली मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद

किस्टाराम थाना इलाके में शुक्रवार-शनिवार की रात नक्सलियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया।

Danik Bhaskar | Apr 21, 2018, 11:25 AM IST
प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।

सुकमा. किस्टाराम इलाके में नक्सलियों ने फिर से सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया। घटना में सीआरपीएफ के एक जवान के चेहरे पर गोली लगी जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जवान शुक्रवार की रात एरिया डोमिनेशन के लिए किस्टाराम कैंप से निकले थे। पुलिस अफसरों के अनुसार कैंप से शुक्रवार की देर रात सीआरपीएफ 208 और 212 बटालियन के जवान अलग-अलग टीमों में बटकर एरिया डोमिनेशन के लिए निकले थे।

212 बटालियन के लिए जवान कैंप से पश्चिम दिशा में तीन किमी आगे बढ़े तो रात सवा बजे के करीब नक्सलियों ने जवानों पर अचानक ही हमला कर दिया। इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान बटालियन के एएसआई अनिल मौर्य के चेहरे पर एक गोली लगी गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अनिल उत्तरप्रदेश के अमेठी का रहने वाला था। इधर रात में जवान के शहीद होने के बाद उसके शव को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से रायपुर ले जाया गया। यहां से शव को गृहग्राम के लिए रवाना किया गया है। सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि जवानों ने भी नक्सलियों के खिलाफ जमकर गोलाबारी की। जैसे ही जवान भारी पड़ने लगे तो नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

यूपी का था जवान, सीएम योगी आदित्यनाथ ने की 25 लाख रुपए देने की घोषणा
किस्टारम में शहीद हुआ जवान यूपी के अमेठी का रहने वाला था ऐसे में जैसे ही उत्तर प्रदेश सरकार तक जवान के शहीद होने की खबर पहुुंची वैसे ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवान के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर दी है।

13 मार्च को इसी इलाके में एमपीवी उड़ाया था,इसी बटालियन के 9 जवान हुए थे शहीद
शुक्रवार की देर रात नक्सलियों ने जहां एक जवान को शहीद किया वहीं एक माह पहले 13 मार्च को नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। किस्टाराम में सीआरपीएफ 212 बटालियन के ही जवानों से भरी एमपीवी को बारुदी सुरंग से उड़ा दिया था। घटना में छुट्टी से व चिंतलनार बाजार से खरीदारी कर लौट रहे 11 जवानों में से 9 जवान शहीद हो गए थे। 2 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ब्लास्ट के बाद नक्सलियों ने जवानों से चार इंसास राइफल भी लूट लिए थे।

पीएम विजिट से एक दिन पहले सीआरपीएफ कैंप उड़ाया था

- नक्सलियों ने 13 अप्रैल की रात सुकमा से 7 किमी दूर बोरागुड़ा के पास कोंटा मुख्य मार्ग एनएच-30 पर सीआरपीएफ के उजाड़ पड़े कैंप में तीन धमाके कर उसे उड़ा दिया था।

- इससे पहले नक्सलियों ने 5 दिन पहले बीजापुर में तीन घंटे के अंतराल में तीन बड़े ब्लास्ट किए थे। दो ब्लास्ट तो नाकाम हो गए, लेकिन एक ब्लास्ट की चपेट में पुलिस की मिनी बस आ गई। घटना में डीआरजी के दो जवान शहीद हो गए और सात गंभीर रूप से घायल हैं।

- विस्फोट के बाद नक्सलियों ने आसपास के क्षेत्र में ‘पीएम गो बैक’ लिखे बैनर-पोस्टर टांगा था। इनमें प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध किया गया था।

'मोदी यहां की खनिज संपदा कार्पोरेट घरानों को सौंपने आ रहे'

- ब्लास्ट के बाद लगाए गए बैनर-पोस्टर और पर्चे नक्सलियों के पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी की ओर से जारी किए गए थे।

- इनमें लिखा था- मोदी गो बैक। पीएम बस्तर के विकास के लिए नहीं, बल्कि यहां की खनिज संपदा कॉरपोरेट घरानों को सौंपने आ रहे हैं।

सड़क निर्माण में लगे ट्रक में लगाई आग, इंजीनियर को किया अगवा

- किस्टाराम क्षेत्र में नक्सलियों ने 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे के करीब धर्मपेंटा और फैदागुडम के बीच सड़क निर्माण में लगे ट्रक को आग के हवाले कर दिया।

- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग 15 हथियार बंद नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया। वहीं एक इंजीनियर को अगवा किया था जिसे बाद में नक्सलियों ने मार दिया था।