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छठवीं से 12वीं तक पीरियड अब 40 मिनट नहीं बल्कि 1 घंटे का दिन में लगेंगी सिर्फ 4 कक्षाएं

- राज्य बनने के बाद पीरियड के टाइम में यह पहला बड़ा बदलाव है।

Bhaskar News | Last Modified - Jun 14, 2018, 12:16 AM IST

छठवीं से 12वीं तक पीरियड अब 40 मिनट नहीं बल्कि 1 घंटे का दिन में लगेंगी सिर्फ 4 कक्षाएं

रायपुर.नए शिक्षा सत्र यानी 18 जून से राजधानी समेत रायपुर जिले के सरकारी स्कूलों में 40 मिनट के बजाय एक घंटे के पीरियड का नया प्रयोग शुरू होने जा रहा है। यह प्रयोग 6वीं से 12वीं तक, हर कक्षा में लागू होगा। अंतर ये होगा कि अब तक स्कूलों में रोजाना कम से कम छह पीरियल लगते थे, नई टाइमिंग में केवल 4 ही होंगे। राज्य बनने के बाद पीरियड के टाइम में यह पहला बड़ा बदलाव है। शिक्षाविद इसकी दो वजहें बता रहे हैं। पहला-ज्यादा लंबा पीरियल रहने से सब्जेक्ट पर ज्यादा फोकस होगा। दूसरी वजह ये है कि एक दिन में कम पीरियड लगने से खाली समय में बाकी गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

- नए शिक्षा सत्र के तहत स्कूल 18 जून से खुलेंगे। टाइमिंग पुराना ही रहेगा, अर्थात जहां दो पाली में स्कूल लगता है वहां पहली पाली सुबह 7 से 11.30 बजे तक और दूसरी दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक चलेगी। एक पाली वाले स्कूलों में पढ़ाई सुबह 10 से 4 बजे तक होगी।

- जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा के अनुसार पीरियल कम होने के बावजूद जिस विषय में पहले जितनी पढ़ाई होती थी, अब भी उतनी होगी। जैसे, सप्ताह में छह दिन की क्लास है। पहले 40 मिनट प्रति विषय के अनुसार देखें तो छह दिन में कुल 240 मिनट की पढ़ाई संबंधित विषय में होती थी।

- अब एक घंटे यानी 60 मिनट के अनुसार चार दिन में ही उतनी पढ़ाई हो जाएगी। शनिवार को दूसरी गतिविधियां चलेंगी। पिछले साल इस दिन लइका मड़ई हो रही थी।

अच्छी पहल, सभी स्कूलों में लागू करें : बीकेएस रे

- माध्यमिक शिक्षा मंडल के पूर्व अध्यक्ष, शिक्षाविद व रिटायर्ड आईएएस बीकेएस रे का कहना है कि 40 मिनट के बजाय एक घंटे का पीरियल करना अच्छा है। सरकारी ही नहीं, हर स्कूल में पढ़ाई इसी फार्मूले से होनी चाहिए, क्योंकि जितना फोकस अभी पढ़ाई पर है, उसमें 40 मिनट का पीरियड कम पड़ता है। इतने समय में सवाल पूछने व जबाव देने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं बचता, जो अब रहेगा।

बाकी गतिविधियों के लिए मिलेगा ज्यादा वक्त

- अफसरों का कहना है कि खेलकूद, मनोरंजन समेत अन्य गतिविधियों की टाइमिंग में भी फेरबदल किया जा रहा है। इसके तहत दो पीरियड पढ़ाई होने के बाद स्कूलों में खेलकूद, मनोरंजन व अन्य गतिविधियां होगी। इसके बाद फिर आखिरी में दो पीरियड पढ़ाई होगी।

- पहले विभिन्न विषयों की पढ़ाई होने के बाद आखिरी में खेलकूद समेत अन्य गतिविधियां होती थी। तब यह बातें सामने आती थी कि कई विद्यार्थी व शिक्षक आखिरी पीरियड में गायब रहते हैं। अब नए सिस्टम से आखिरी पीरियड तक बच्चे व शिक्षकों की उपस्थिति बनी रहेगी। पढ़ाई का माहौल अंतिम तक रहेगा।

बेहतर नतीजों की उम्मीद

-डीईओ एएन. बंजारा के अनुसार नए फार्मूले में चार पीरियड दो पार्ट मेंम लगेंगे। पहले दो पीरियड के बाद विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी। इसके बाद आखिरी दो घंटे में दो पीरियल होंगे। नतीजों पर इसका अच्छा असर पड़ने की उम्मीद है।

सरकारी के बाद सीजी बोर्ड के निजी स्कूलों में भी
- स्कूलों में एक घंटे के पीरियड का प्रयोग अगर सरकारी स्कूलों में कामयाब हुआ तो इसे राजधानी के निजी स्कूलों में भी लागू किया जा सकता है। इसलिए शिक्षा विभाग रायपुर में किए गए इस प्रयोग पर नजर रखे हुए है।

- जानकारों के मुताबिक एक माह में इस प्रयोग के बेहतर नतीजे आए तो इसे उन निजी स्कूलों में लागू करने के लिए कहा जा सकता है, जहां सीजी बोर्ड की पढ़ाई हो रही है।
- राजधानी के बड़े निजी स्कूलों में से अधिकांश में सीबीएसई और आईसीएसई पैटर्न लागू है। अफसरों ने बताया कि उन स्कूलों को पीरियड का समय बढ़ाने के लिए संबंधित मुख्यालयों से संपर्क करना होगा, जिसमें वक्त लगेगा।

इतने स्कूलों में लागू

461- मिडिल स्कूल

205 - हाई-हायर सेकंडरी

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