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पीएससी टॉप-10 में रहे धमधा एसडीएम की पीलिया से मौत, 4 दिन से चल रहा था इलाज

विकास वर्ष 2013 के यंग प्रशासनिक अधिकारी थे। इनका इलाज पिछले कुछ दिनों से रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में चल रहा था।

dainikbhaskar.com| Last Modified - May 16, 2018, 11:39 AM IST

SDM vikas nayak died due to jaundice
पीएससी टॉप-10 में रहे धमधा एसडीएम की पीलिया से मौत, 4 दिन से चल रहा था इलाज

रायपुर। पीएससी-2013 में टॉप-10 की सूची में शामिल रहे धमधा एसडीएम डॉ. विकास नायक की मंगलवार को पीलिया से मौत हो गई। उनका इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उन्हें चार दिन पहले दिल्ली के एक अस्पताल से यहां शिफ्ट किया गया था। वे अपने भाई का किसी शिक्षण संस्थान में दाखिला करवाने के लिए दिल्ली गए थे। वहीं उनकी तबीयत बिगड़ी। दिल्ली के अस्पताल में उन्हें दो दिन भर्ती रखा गया। उसके बाद यहां लालपुर स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया।

 

 

- डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार एसडीएम विकास सिकलिन के मरीज थे। माना जा रहा है कि पीलिया की वजह से उनके दोनों फेफड़े में इंफेक्शन फैल गया था। इसकी वजह से उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। मरीज की स्थिति गंभीर होने के कारण वेंटीलेटर पर रखा गया। विकास धमधा में जनपद पंचायत के सीईओ के बाद तहसीलदार और एसडीएम रहे। छह महीने पहले ही उन्हें एसडीएम बनाया गया था। 

 

सवा महीने में पीलिया से 7की मौत, 400 से ज्यादा मरीज 


- राजधानी में पिछले सवा महीने में पीलिया से 400 से ज्यादा लोग पीड़ित हो चुके हैं। अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी हैं। इनमें चार मोवा-कांपा और एक-एक गोपालनगर व आमासिवनी के हैं। मृतकों में तीन गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। जांच में साबित हो चुका है कि नलों में दूषित पानी आने के कारण लोग पीलिया के शिकार हो रहे हैं। मरीजों के ब्लड जांच में हेपेटाइटिस ई की पुष्टि हो रही है। 

- ध्यान देने वाली बात है कि पीलिया का प्रकोप बढ़ने के मामले में हाईकोर्ट ने नेशनल हैल्थ मिशन से पूछा था कि इससे निपटने क्या इंतजाम किए गए हैं?

 

गृह मंत्री ने दिया था अटपटा जवाब 

 

- हाल ही में राज्य के गृह मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि- मौत तो स्वाभाविक है सबकी। वहां किसी का रोक नहीं है, ये तो ईश्वरीय घटना है। कई बार दुर्घटना से मौत हो जाती है। बीमारी से मौत हो जाती है। रोक थाम होती है, सरकार काम कर रही है पीलिया एक बीमारी है। जहां तक कोई भी बीमारी है तो इलाज के दौरान भी मौत हो जाती है। सरकार की रोकथाम की मंशा है।

 

पांच साल में पीलिया से मौतें

 

2018 में अब तक 6
2017 में 05 की मौत
2016 में 76 की मौत

2015 में 75 की मौत
2014 में 15 की मौत

 

 

कंटेंट : यशवंत साहू 

 

 

 

 

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