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रायपुर जेल में जगह नहीं, गिरफ्तार नर्सों को दूसरे जिलों में भेजने की तैयारी

कांग्रेस के विधायक सत्यनारायण शर्मा और मेयर जेल पहुंचे, नर्सों को भेजने का जता​ रहे विरोध

Dainik Bhaskar

Jun 02, 2018, 10:07 AM IST

रायपुर। सेंट्रल जेल में बंद नर्सों पर अब साथ रहने का भी संकट मंडराने लगा है। गिरफ्तार कर जेल लाई गई नर्सों को दूसरे जिलों में भेजने की तैयारी हो रही है। कारण यह है कि सेंट्रल जेल के महिला विंग की क्षमता ज्यादा नहीं है। वहीं नर्सों का कहना है कि वो जहां रहेंगी साथ रहेंगी।

- जानकारी के मुताबिक 607 नर्सों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं पुलिस शुरू में 500 नर्सों के गिरफ्तार करने का दावा कर रही थी। इन सभी नर्सों को जेल भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि महिला जेल में 238 कैदियों को रखने की क्षमता है। इसके चलते दिक्कत आ रही है।

- ऐसे में जेल में बंद नर्सों को दूसरे जिलों में भेजने की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है। उधर, जेल में उनसे मिलने के लिए कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा और मेयर प्रमोद दुबे भी पहुंचे। उन्होंने नर्सों की गिरफ्तारी और फिर उन्हें अन्य जिलों में भेजने का विरोध जताया है।

- इधर बस्तर जिला अध्यक्ष प्रार्थना राजदास ने कहा कि वे जहां भी रहेंगी साथ में रहेंगी। केंद्रीय जेल में अगर महिला कैदियों को रखने की ज्यादा क्षमता नहीं है तो ज्यादा गिरफ्तारियां क्यों की गई है? वे किसी भी अन्य जिला जाने को तैयार नहीं है, उनके साथ पुलिस प्रशासन गलत कर रही है।

सुबह हुई थी नर्सों की गिरफ्तारी

- विभिन्न मांगों को लेकर रायपुर के धरना स्थल पर हड़ताल पर बैठी नर्सों को पुलिस ने सुबह गिरफ्तार कर जेल ले गई थी। यहां पर भी नर्सों ने महिला जेल के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले जेल परिसर में नर्सों के नाम और पते नोट किए गए। पुलिस ने शुक्रवार सुबह नर्सों को धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

- पुलिस की टीम नर्सों को गिरफ्तार करने के लिए सुबह करीब 6 बजे ही पहुंच गई थी। उस दौरान पुलिस एक बस लेकर पहुंची थी। सुबह 10 बजे से नर्सों की गिरफ्तारी शुरू की गई। इसके बाद नर्सों की तादात बढ़नी शुरू हो गई। फिर पुलिस को तीन बसें और बुलानी पड़ी। सभी बसों में नर्सों को भरकर ले जाया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद अभी और वाहन पुलिस ने मंगाए गए।

28 मई की रात लगाई गई थी एस्मा

- राज्य सरकार की ओर से 28 मई की रात हड़ताली नर्सों पर एस्मा लगा दिया गया था। इसके बाद सभी नर्सों को काम पर लौटने के लिए कहा गया। इसमें से कुछ नर्सेंं तो काम पर चली गईं, लेकिन ज्यादातर ने हटने से मना कर दिया। इसके बाद सीएमएचओ की ओर से गुरूवार को नर्सों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। आजाद नगर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में पांच नर्सें नामजद और अन्य के खिलाफ थी।

- एस्मा लागू होने के बाद से ना सिर्फ धरना स्थल पर बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है बल्कि उन्हें हटाने के लिए यहां भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया। पुलिस ने धरना स्थल पर एस्मा आदेश की कॉपी भी चस्पा कर दी थी।

- बता दें कि नर्सों को धरना स्थल से हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले ने नर्सों के एक प्रतिनिधि मंडल को स्वास्थ्य सचिव रानू साहू से बात करने भेजा था। बातचीत सार्थक नहीं होने पर पुलिस इन आंदोलनकारी नर्सों को गिरफ्तार होने की संभावना बन रही थी।

सैलरी बढ़ाए जाने की मांग पर आंदोलन

- सैलरी बढ़ाए जाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों की तीन हजार नर्सें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिसके कारण प्रदेश के अस्पतालों के हालात बिगड़ी हुई है। यहां तक की मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसी के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है।

एस्मा यानी आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम
- आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) हड़ताल को रोकने के लिए लगाया जाता है। एस्मा लागू करने से पूर्व इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्‍य माध्यम से सूचित किया जाता है। एस्मा का नियम अधिकतम 6 माह के लिए लगाया जा सकता है।

- इस अधिनियम के लागू होने के उपरान्त यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध‍ एवं दंडनीय है। क्रिमिनल प्रोसीजर 1898 (5 ऑफ 1898) के अन्तर्गत एस्मा लागू होने के उपरान्त इस आदेश से सम्बन्धी किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है।

फोटो/वीडियो : भूपेंश केसरवानी

रायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सें रायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सें
रायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सें रायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सें
गिरफ्तारी के दौरान नर्सो को बस में चढ़ाते पुलिसकर्मी गिरफ्तारी के दौरान नर्सो को बस में चढ़ाते पुलिसकर्मी
जेल ले जाने के दौरान बसों में भी नारेबाजी करती नर्सें जेल ले जाने के दौरान बसों में भी नारेबाजी करती नर्सें
जेल परिसर में नसों के नाम और पते की हुई एंट्री जेल परिसर में नसों के नाम और पते की हुई एंट्री
गिरफ्तारी के दौरान नर्सों ने किया प्रदर्शन गिरफ्तारी के दौरान नर्सों ने किया प्रदर्शन
हड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस हड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
हड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस हड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
हड़ताली नर्सों की रफ्तार के दौरान होती पुलिस ने नोकझोंक हड़ताली नर्सों की रफ्तार के दौरान होती पुलिस ने नोकझोंक
हड़ताली नर्सों की गिरफ्तारी के दौरान रास्ते में लाेगों को रोकती पुलिस हड़ताली नर्सों की गिरफ्तारी के दौरान रास्ते में लाेगों को रोकती पुलिस
रायपुर में आंदोलनरत नर्सों को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची पुलिस रायपुर में आंदोलनरत नर्सों को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची पुलिस
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रायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सेंरायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सें
रायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सेंरायपुर में महिला जेल के बाहर प्रदर्शन करती नर्सें
गिरफ्तारी के दौरान नर्सो को बस में चढ़ाते पुलिसकर्मीगिरफ्तारी के दौरान नर्सो को बस में चढ़ाते पुलिसकर्मी
जेल ले जाने के दौरान बसों में भी नारेबाजी करती नर्सेंजेल ले जाने के दौरान बसों में भी नारेबाजी करती नर्सें
जेल परिसर में नसों के नाम और पते की हुई एंट्रीजेल परिसर में नसों के नाम और पते की हुई एंट्री
गिरफ्तारी के दौरान नर्सों ने किया प्रदर्शनगिरफ्तारी के दौरान नर्सों ने किया प्रदर्शन
हड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिसहड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
हड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिसहड़ताली नर्सों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
हड़ताली नर्सों की रफ्तार के दौरान होती पुलिस ने नोकझोंकहड़ताली नर्सों की रफ्तार के दौरान होती पुलिस ने नोकझोंक
हड़ताली नर्सों की गिरफ्तारी के दौरान रास्ते में लाेगों को रोकती पुलिसहड़ताली नर्सों की गिरफ्तारी के दौरान रास्ते में लाेगों को रोकती पुलिस
रायपुर में आंदोलनरत नर्सों को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची पुलिसरायपुर में आंदोलनरत नर्सों को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची पुलिस
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