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6 गांवों पर एक वेलनेस सेंटर, बीपी से कैंसर तक की जांच, घर-घर का रिकाॅर्ड रखेंगे

छत्तीसगढ़ में औसतन 6-7 गांव के बीच एक उपस्वास्थ्य केंद्र है। इन्हें वेलनेस सेंटरों में तब्दील किया जाएगा।

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2018, 03:37 AM IST
Sub-health centers across the country develop into health and wellness centers

रायपुर. अब हर आदमी के स्वास्थ्य का हिसाब-किताब सरकार खुद रखेगी। देश भर के उप स्वास्थ्य केंद्रों काे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने का मेगा प्लान तैयार हो गया है। इसके अनुसार प्रदेश में 1050 वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे।

- दरअसल, प्रदेश में औसतन 6-7 गांव के बीच एक उपस्वास्थ्य केंद्र है। इन्हें वेलनेस सेंटरों में तब्दील किया जाएगा। पहले चरण में 400 सेंटर शुरू होंगे। वेलनेस सेंटर में नियुक्त महिला स्टाफ उनके क्षेत्र के हर गांव में घर-घर जाकर परिवार के हर सदस्य की स्वास्थ्य जांच करवाएंगी और इनका डिजिटल और फिजिकल रिकार्ड रखेंगी। डिजिटल रिकार्ड तैयार करने के लिए हर केंद्र पर दो टैबलेट दिए जाएंगे।

-वेलनेस सेंटर के आस-पास के इलाके में रहने वाले तीस साल से अधिक उम्र के लोगों के बीपी, डायबिटीज व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की नि:शुल्क जांच की जाएगी और जरूरत के अनुसार उनको दवा और परामर्श दिया जाएगा।

- इन लोगों की बीमारी के आधार पर तीन केटेगरी बनाई जाएगी। जिसमें इलाज की जरूरत नहीं, परहेज की जरूरत और दवा की जरूरत के आधार पर इनकी बीमारियों का इलेक्ट्रानिक व फिजिकल रिकार्ड मेंटेन किया जाएगा।


दो हेल्थ अफसर तैनात
- वेलनेस सेंटर पर दो चिकित्सा अधिकारी, दो स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, लेडी हेल्थ विजिटर्स और अायुर्वेदिक प्रैक्टिशनर की भी नियुक्ति की जाएगी।

उप केंद्रों में अभी ये सुविधा

- फिलहाल, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्य रूप से दो तरह की सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। इसमें टीकाकरण और मातृत्व हेल्थ की जांच और इलाज की जाती है। इसके अलावा मौसमी बीमारी, टीबी, मलेरिया की रोकथाम के लिए उपाए किए जाते थे।

सात जिलों को प्राथमिकता
- बस्तर संभाग के सात जिलों के साथ ही महासमुंद, कोरबा और राजनांदगांव जिले के उप स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिकता में रखा गया है। 2019 तक कुल 1050 केंद्र खोले जाएंगे और 2022 तक प्रदेश के ग्रामीण और शहरी सभी 5100 उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड कर दिया जाएगा। इस तरह पूरे देश में लगभग डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे।

वेलनेस सेंटर में ये सुविधाएं

- इन केंद्रों में मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, किशाेर स्वास्थ्य, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, अंधत्व, श्रवण बाधित रोग, संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, गैर संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, ओरल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, योगा और एक्सरसाइज, काउंसिलिंग, स्कूल हेल्थ एजुकेशन, आपात कालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस साल के लिए 650 का प्रस्ताव
- वेलनेस सेंटर का मूल उद्देश्य लोगों को बीमार हाेने से बचाना है। इसमें योगा एवं अन्य जीवन शैली के रोगों की रोकथाम करना है। इसमें रोग के होने से पहले ही उसके बचाव के उपाय करना है। अभी हमें 400 वेलनेस सेंटर की मंजूरी मिली है। 2018-19 के लिए हमने 650 केंद्र का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है।
सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, एमडी, नेशनल हेल्थ मिशन

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