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पढ़ाई-लिखाई, खेती-सिंचाई, वित्तीय प्रबंधन और स्किल डेवलपमेंट में राजनांदगांव प्रदेश में सबसे आगे... अपना महासमुंद भी पीछे नहीं

विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए पहले पिछड़ों काे आगे लाने की नीति के तहत नीति आयोग ने 1 अप्रैल से महत्वाकांक्षी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:10 AM IST

विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए पहले पिछड़ों काे आगे लाने की नीति के तहत नीति आयोग ने 1 अप्रैल से महत्वाकांक्षी जिलों की निगरानी शुरू कर दी है। बीते बुधवार को नीति अायोग ने ‘ट्रांसफॉरमेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम’ के तहत 115 जिलों की सूची जारी की थी। ये वे जिले हैं जो देश के पिछड़े इलाकों में शामिल हैं। सरकार का ऐसा मानना है कि इनके विकास से सामूहिक विकास की दशा-दिशा में सुधार होगा। गौरतलब है कि इस सूची में छत्तीसगढ़ के 10 जिले भी शामिल हैं। इन जिलों पर पिछड़े होने की छाप न लगे, इस मंशा के तहत सरकार ने इस योजना को अंडरडेवलप (अविकसित) की जगह एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट यानी महत्वाकांक्षी जिले कहने की बात तय की थी।

स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा, वित्तीय समावेश, कृषि व जल संसाधन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना की पांच श्रेणियों में 49 पैमाने शामिल कर नीति आयोग ने जिलों की बेसलाइन रैंकिंग तैयार की है। अब विकास योजनाओं की प्रगति के आधार पर मूल्यांकन होगा। हर महीने आंका जाएगा कि इन जिलों ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कितनी बढ़ोतरी दर्ज कराई है। पहला रिपोर्ट कार्ड मई में जारी किया जाएगा।

ऐसे हुई थी कार्यक्रम की शुरुआत

9 अगस्त 2017 को भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होने के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जब पिछड़े इलाकों के सामाजिक-आर्थिक हालात में बदलाव आएगा तभी देश के सामूहिक विकास को गति मिलेगी। पीएम ने जनवरी में कलेक्टरों के सम्मेलन में ‘ट्रांसफॉरमेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम’ की शुरुआत करते हुए योजना के समन्वय और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया में जी-जान से जुटने की बात कही थी।

देश के 115 जिले योजना में शामिल, 101 की जारी की गई थी रैंकिंग, इनमें 35 माओवाद से प्रभावित इलाके

जािनए... अलग-अलग श्रेणी में देश में किस स्थान पर आए अपने 10 जिले

बेसलाइनरैंक

रैंक जिला अंक

2 राजनांदगांव 47.96%

7 महासमुंद 45.87%

9 कोरबा 45.19%

23 कांकेर 40.28%

38 बस्तर 37.40%

45 बीजापुर 36.36%

50 कोंडागांव 35.54%

56 दंतेवाड़ा 35.00%

71 नारायणपुर 33.38%

92 सुकमा 29.93%

48.13% देश में पहले पर विजयानगरम

26.02% अंतिम पायदान पर हरियाणा का मेवात

वित्तीयसमावेश

रैंक जिला अंक

1 राजनांदगांव 74.09%

2 महासमुंद 71.23%

3 बीजापुर 69.88%

4 कांकेर 58.43%

6 कोरबा 57.55%

32 नारायणपुर 43.56%

33 बस्तर 43.51%

42 दंतेवाड़ा 40.68%

75 सुकमा 31.77%

86 काेंडागांव 29.48%

74.09% देश में पहले स्थान पर छग का राजनांदगांव

10.70% अंतिम पायदान पर असोम का बक्सा

स्वास्थ्यव पोषण

रैंक जिला अंक

3 कोरबा 51.69%

8 महासमुंद 48.26%

10 दंतेवाड़ा 46.46%

13 कांकेर 44.85%

15 राजनांदगांव 44.30%

17 बीजापुर 44.00%

28 बस्तर 41.87%

39 कोंडागांव 39.76%

74 नारायणपुर 36.52%

78 सुकमा 35.80%

58.80% देश में पहले स्थान पर विरुधुनगर

18.21% अंतिम स्थान पर तेलंगाना का अदिलाबाद

स्किलडेवलपमेंट

रैंक जिला अंक

15 राजनांदगांव 14.29%

19 कोरबा 13.31%

23 कांकेर 12.10%

45 दंतेवाड़ा 6.11%

49 नारायणपुर 5.32%

57 सुकमा 3.99%

64 बस्तर 2.87%

87 महासमुंद 0.00%

88 बीजापुर 0.00%

97 कोंडागांव 0.00%

49.19% पहले स्थान पर झारखंड का पूर्वी सिंहभूम

00.00% अंतिम पर असोम का बक्सा

इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य व वित्तीय समावेश में हम काफी बेहतर, शिक्षा, कौशल विकास और कृषि में साबित करने की है जरूरत

शिक्षा

रैंक जिला अंक

12 राजनांदगांव 57.59%

36 कोरबा 51.88%

39 महासमुंद 50.47%

47 कांकेर 48.08%

55 बस्तर 46.54%

65 कोंडागांव 44.59%

74 नारायणपुर 42.74%

75 बीजापुर 42.61%

82 दंतेवाड़ा 40.44%

87 सुकमा 37.79%

92.89% देश में पहले पर तेलंगाना का भूपालपल्ली

18.96% अंतिम स्थान पर यूपी का श्रावस्ती

आधारभूतसंरचना

रैंक जिला अंक

1 महासमुंद 89.97%

2 राजनांदगांव 85.84%

3 कोरबा 81.36%

18 कांकेर 66.22%

19 कोंडागांव 65.71%

30 बस्तर 62.65%

52 नारायणपुर 53.81%

55 दंतेवाड़ा 52.55%

67 बीजापुर 50.08%

86 सुकमा 43.32%

89.97% देश में पहले स्थान पर अपना महासमुंद

23.50% अंतिम पर अरुणाचल का नामसाई

प्रगति के हिसाब से मई में जारी की जाएगी डेल्टा रैंकिंग, जिलों में अफसरों को सौंपी जा रही योजनाएं संभालने की िजम्मेदारी

कृषि-जलसंसाधन

रैंक जिला अंक

7 राजनांदगांव 21.96%

16 महासमुंद 18.48%

50 कोरबा 12.23%

53 बस्तर 11.49%

54 कांकेर 11.31%

56 कोंडागांव 10.96%

63 बीजापुर 9.39%

67 नारायणपुर 8.91%

70 सुकमा 8.65%

78 दंतेवाड़ा 6.67%

46.91% देश में पहले स्थान पर आंध्र का विजयानगरम

1.64% अंतिम पर मणिपुर का चंदेल

आइए देखें हम कहां

बेसलाइन सर्वे के मुताबिक आधारभूत संरचना में हम सबसे आगे हैं। महासमुंद, राजनांदगांव व कोरबा ने शीर्ष तीन जिलों में जगह बनाई है, जबकि छह जिले शीर्ष 50 की पंक्ति में शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में तो 8 जिले अग्रणी 50 की श्रेणी में हैं। कुल मिलाकर स्वास्थ्य का काम संतोषजनक है। वित्तीय समावेश में भी बेहतर स्थान हासिल करते हुए 8 जिले अग्रणी 50 का हिस्सा हैं, इनमें पांच जिलों ने टॉप 20 की रैंकिंग में जगह बनाई है।



यहां बेहतर काम की जरूरत : शिक्षा में सिर्फ 4 जिले ही 50 की लिस्ट में हैं, बाकी छह जिले पढ़ाई-लिखाई से दूर 51 से 101 की कतार में हैं । कृषि में तीन ही जिले 50 की रैंक में हैं। कौशल विकास में काम जरूर हो रहा, मगर नीति अायोग की रैंकिंग के अनुसार 5 जिले ही 50 की रैंकिंग से नीचे हैं।

स्रोत : नीति आयोग

आंध्र सरकार की साझेदारी से बना डैशबोर्ड रोज फीड होंगे आंकड़े, जारी होगी एमआईएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) रिपोर्ट

ऐसे बदली यहां की तस्वीर

मुद्रा लोन में भी राजनांदगांव में बेहतर ढंग से काम हुआ

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव

नीति आयोग के द्वारा पूरे देश में किए गए बेसलाइन सर्वे में राजनांदगांव दूसरे नंबर पर है। यह देश भर के 101 महत्वाकांक्षी जिलों में से एक है। बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में दूसरा और वित्तीय समावेश में जिले को पहला स्थान मिला है। ओवरऑल रैंकिंग में राजनांदगांव जिले को 47.96 फीसदी मार्क्स मिले हैं। जबकि 48.13 फीसदी अंक पाकर सर्वे में आंध्रप्रदेश का विजयानगरम जिला पहले स्थान पर है। रैंकिंग सुधारने प्रशासन की रणनीति तैयार हो रही है। अफसरों का दावा कि अगली बार रैंकिंग में सबसे आगे होंगे।

इस बार के सर्वे में राजनांदगांव जिले को बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। मतलब हाउसहोल्ड के हिसाब से पीने का पानी, बिजली व सड़कों की कनेक्टिविटी के हिसाब से पूरे देश में जिला बेहतर स्थान पर है। वहीं वित्तीय समावेश की बात करें तो अटल पेंशन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, जन-धन योजना के साथ ही मुद्रा लोन में राजनांदगांव जिले में बेहतर काम हुआ है। इस वजह से पूरे देश में राजनांदगांव अव्वल है।

हमर स्वास्थ्य एप की भूमिका: जिले में हमर स्वास्थ्य एप से हेल्थ चेकअप के पश्चात उन्हें हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है। उनकी हेल्थ हिस्ट्री हेल्थ एप में रिकार्ड की जा रही है। हेल्थ चेकअप के लिए शिविर सभी ग्राम पंचायतों में लगाए जा रहे हैं। हेल्थ कार्ड के रंग से ही मेडिकल हिस्ट्री की आरंभिक समझ हासिल हो जाती है। अगर हेल्थ कार्ड का रंग लाल है तो मरीज को गंभीर बीमारी है। यदि रंग नीला है तो कुपोषण का प्रतीक है और पीले रंग का कार्ड माइनर सर्जरी की जरूरत बताता है। हमर स्वास्थ्य एप में ग्रामीण के नाम व गांव का नाम डाल देने से मेडिकल हिस्ट्री का पता डॉक्टर लगा सकते हैं।

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