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जानवरों के लिए लाया सड़ा केला, हुआ हंगामा

मनगटा वन चेतना केंद्र में माैजूद जानवरों को सड़ी -गली सब्जी और फल खिलाया जा रहा है। इसकी शिकायत तो लंबे समय से बनी...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:10 AM IST
मनगटा वन चेतना केंद्र में माैजूद जानवरों को सड़ी -गली सब्जी और फल खिलाया जा रहा है। इसकी शिकायत तो लंबे समय से बनी हुई थी, लेकिन खुलासा रविवार की दोपहर हुआ। जब चेतना केंद्र का बीट गार्ड अजय श्रीवास्तव मालवाहक में भरकर सड़े हुए केले लेकर आया था।

कुछ साफ सुथरे केलों के बीच इन सड़े हुए केलों को रखा गया था, ताकि किसी को इस पर शक न हो। लेकिन सड़े केलों पर संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्य व क्षेत्र के जनपद सदस्य जितेंद्र साहू की नजर पड़ गई। उनसे मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया इसके बाद करीब डेढ़ घंटे बीट गार्ड जितेंद्र के साथ बहस करता रहा, जिसके बाद गार्ड ने बताया कि केला समिति के उपाध्यक्ष कुमारी बाई ने ही भिजवाया है। वन चेतना केंद्र की देखरेख के लिए शासन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त वन प्रबंधन समिति बनाई है। इसी समिति की बैठक में तीन माह पहले जानवरों को केला नहीं देने का निर्णय लिया गया था। तब भी मामला सड़े हुए केले खिलाने की शिकायत के बाद ही खुला था। इसके अलावा केंद्र में मौजूद हिरण भी केले को नहीं खा रहे थे, जिसे देखते हुए केंद्र के जानवरों के लिए केले काे प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बावजूद रविवार को बीट गार्ड अजय श्रीवास्तव गाड़ी में केला भरकर ले गया। इसी का विरोध करने जितेंद्र मौके पर पहुंचा था, तब उसकी नजर केले की खेप पर पड़ी, गाड़ी में रखे केलों में से 40 फीसदी सड़ा हुआ था। जितेंद्र के विरोध करने पर अजय ने उससे बहस करना शुरू कर दिया। लेकिन जितेंद्र अपनी बात पर अड़ा रहा, करीब डेढ़ घंटे चले इस बहस के बाद सड़े हुए केले को बीट गार्ड ने बाहर फेंका। लेकिन मनाही के बावजूद शेष केले की खेप लेकर वह चेतना केंद्र के भीतर चला गया। इस पूरे मामले ने चेतना केंद्र के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार व मनमानी की पोल खोल दी है। ग्रामीण भी, भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं।

राजनांदगांव.गाड़ी में लाया सड़ा केला।

पहले भी की है शिकायत


मामले की जांच कर रहे