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फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग

अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंध में हाल में ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:10 AM IST
अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंध में हाल में ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय से समाज के लोग आक्रोशित हैं। इस फैसले का पूरे देश में विरोध हो रहा है। राजनांदगांव जिले के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के समाज के लोगों ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विरोध करने का निर्णय लिया है। दो अप्रैल को भारत बंद का समर्थन देने की तैयारी की गई है। इस मामले में कलेक्टर ने विभागीय अफसरों की बैठक भी ली।

इस संबंध में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जिले में अनुसूचित जनजाति, जाति संघर्ष समिति गठित कर जिला मुख्यालय राजनांदगांव में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही है। बैठक में समाज के लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से हमारे समाज लोग काफी दुखी, आहत एवं आशंकित हैं। 2 अप्रैल को भारत बंद में शामिल होने एवं इस दिन जिला मुख्यालय राजनांदगांव में उपस्थित होकर विरोध प्रदर्शन करने तथा इस निर्णय पर पुनर्विचार के लिए कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन भी सौंपने का निर्णय लिया है। बैठक में अजाक्स के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. केएल. टांडेकर, गोंडवाना समाज के संभागीय संरक्षक इंजीनियर हिरेसिंह घावड़े, गोंडवाना समाज के संभागीय उपाध्यक्ष मंगलसिंह उइके, युवा प्रभाग के संभागीय अध्यक्ष चंद्रेश ठाकुर, सीएल चंद्रवंशी, मुकेश ठाकुर, डॉ. विजय उके, विष्णुदेव ठाकुर, जगत सलामे ने बैठक की है।

इधर मोहला में अनुसूचित जाति, जनजाति के अधिकारों को छीने जाने का आरोप लगाते हुए 2 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया है। मोहला में भी इसके विरोध में बंद रखा जाएगा। राजेंद्र जुरेशिया, लक्ष्मेंद्र शाह, जग्गूराम शोरी, रमेश हिड़ामे, रजनलाल आदि ने समर्थन मांगा है।

प्रदर्शन का निर्णय

एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम पर सुको के निर्णय पर समाज के लोगों ने कहा

राजनांदगांव. एसटी-एससी वर्ग के पदाधिकारियों ने बैठक में लिया निर्णय।