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सर्वे टीम को हाईटेक बस स्टैंड का शौचालय दिखाया स्वच्छ, अब यहां फैली गंदगी, बदबू

हाईटेक बस स्टैंड में यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय में गंदगी पसर गई है। इसी शौचालय को सर्वेक्षण टीम ने...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:15 AM IST
हाईटेक बस स्टैंड में यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय में गंदगी पसर गई है। इसी शौचालय को सर्वेक्षण टीम ने जांच के दौरान देख बेहतर होने का भरोसा दिया था। लेकिन सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही सार्वजनिक शौचालयों में दोबारा गंदगी फैलने लगी है। हालात यह है कि आम लोग इन शौचालयों की सुविधा लेने से भी कतरा रहे है।

इधर शहर के सार्वजनिक शौचालयों में मनमानी वसूली की भी शिकायत सामने आ रही है। महिलाओं व पुरुषों के लिए शौचालयों में प्रसाधन को नि:शुल्क रखा गया है। लेकिन शौचालयों को चलाने वाले ठेकेदार इसके लिए बकायदा 5 रुपए वसूली रहे है। इसकी शिकायत भी निगम के अफसरों तक पहुंची है। इसके बावजूद भी इन मनमानी को रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिसकी वजह से बस स्टैंड में पहुंचने वाले यात्रियों को प्रसाधन के लिए भी खुले स्थानों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

बस स्टैंड पर पहुंचने वाले यात्री प्रसाधन के लिए खुले में जा रहे

संबंधित ठेकेदार पानी की समस्या को बता रहे कारण

शौचालयों में साफ-सफाई नहीं होने का कारण ठेकेदार पानी की समस्या को बता रहे है। शौचालय चलाने वालों का पक्ष है कि उन्हे जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। टयूबवेल की व्यवस्था है, लेकिन इससे भी पर्याप्त पानी नहीं आ रहा । जिसकी वजह से सफाई में दिक्कत हो रही है। हालांकि इसकी सूचना इन ठेकेदारों ने अब तक निगम के अफसरों को नहीं दी है। इधर अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

स्वच्छता अभियान चलाने वाले अफसरों को नहीं दिख रही खामी

नए बस स्टैंड के शौचालय की ही तरह शहर के अन्य सार्वजनिक शौचालयों में मनमानी वसूली जारी है। सफाई को लेकर भी यहां लापरवाही बरती जा रही है। लेकिन लगातार स्वच्छता के लिए अभियान चलाने वाला निगम इन सार्वजनिक शौचालयों में झांकने का प्रयास नहीं कर रहा है। मामले को लेकर निगम आयुक्त अश्वनी देवांगन ने बताया कि उन्हेंं गंदगी जैसी शिकायत नहीं मिली है, अगर ऐसा है तो वे कल ही टीम को भेजकर रुपए वसूलने की जांच और सफाई शुरू कराएंगे।

बाजार क्षेत्र में व्यवस्था तक नहीं व्यापारियों, खरीदारों को परेशानी

शहर के सर्विस रोड और अन्य जगहों पर निगम ने प्रसाधन के लिए यूरीन बॉक्स तो लगा दिए है। लेकिन शहर के सबसे व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में कहीं भी यूरीन बॉक्स या प्रसाधन के लिए व्यवस्था नहीं है। सिनेमा लाइन से लेकर गुडाखू लाइन, कामठी लाइन, रामाधीन मार्ग में सैकड़ों दुकान व प्रतिष्ठान माैजूद है,जहां बड़ी संख्या में हर समय महिलाओं की भी आवाजाही रहती है। लेकिन इन महिलाओं के लिए कहीं भी सार्वजनिक प्रसाधन की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से उन्हें खासी परेशानी होती है।

यूरीन बॉक्स भी इस्तेमाल करने के लायक नहीं

लोगों को प्रसाधन के लिए खुले स्थानों का प्रयाेग न करना पड़े, इसके लिए नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च कर भीड़ भाड़ वाले इलाकों में यूरीन और टॉयलेट बॉक्स लगवाया है। लेकिन कुछ महिनों में ही इनमें से ज्यादातर यूरीन बॉक्स इस्तेमाल करने के लायक नहीं बचे है। सफाई नहीं होने की वजह ने इन यूरीन बॉक्सों में गंदगी और सड़ांध है।

मुक्कड़ों में भी पसरने लगा कचरा नहीं हो रही इसकी मॉनिटरिंग

सर्वेक्षण के पहले निगम ने शहर से मुक्कड़ खत्म करने का दावा किया था, काफी हद तक निगम को इसमें सफलता भी मिल गई थी। लेकिन अब धीरे -धीरे शहर में दोबारा मुक्कड़ बनने लगे है। इसका मुख्य कारण निगम प्रशासन की कमजोर मानिटरिंग है। पूर्व में लगातार अफसरों को मानिटरिंग का जिम्मा दिया गया था। लेकिन अब सफाई को लेकर दोबारा सुस्त रवैया निगम ने अपनाना शुरू कर दिया है। जबकि पहले रोजाना कचरा उठाया जाता था लोगों को भी जागरूक करते थे।