गढ़चिरौली में बीट गार्ड को कुचला फिर उत्तर बोरतलाव के जंगल में पहुंचे राम-बलराम

Rajnandgaon News - पखांजूर इलाके से भटक जिले में आए दंतैल हाथी राम- बलराम गढ़चिरौली से वापस छग में आ गए हैं। गढ़चिरौली के कोरची में...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:40 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news in gadchiroli the beat guard crushed and then ram balram arrived in the forest of north boretawala
पखांजूर इलाके से भटक जिले में आए दंतैल हाथी राम- बलराम गढ़चिरौली से वापस छग में आ गए हैं। गढ़चिरौली के कोरची में उन्होंने एक बीट गार्ड को कुचलकर घायल कर दिया है। गुरुवार को दोनों को खैरागढ़ वन मंडल के उत्तर बोरतलाव जंगल में देखा गया। हाथी लगातार बॉर्डर के इलाके में विचरण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, कभी महाराष्ट्र की ओर बढ़ने का प्रयास करते हैं तो कभी वापस छग के जंगल में लौट रहे हैं। लेकिन खैरियत की बात ये है कि अब तक दोनों दंतैल का मिजाज नहीं बिगड़ा है, इसके चलते अब तक उन्होंने नुकसान नहीं पहुंचाया है।

इधर राजनांदगांव और खैरागढ़ दोनों की वन मंडल के डीएफओ ने इलाके में अलर्ट जारी किया है। गांवों में मुनादी कराई गई है कि अगर हाथी दिखे तो शोर न मचाएंं। पांच दिन पहले दोनों हाथी मानपुर इलाके में देखे गए थे, इसके बाद वे गढ़चिरौली की दिशा में बढ़ गए, हाथियों को बसावट वाले इलाके से दूर करने के लिए गढ़चिरौली वन विभाग की ओर से प्रयास किया गया था। हाथी राम-बलराम वापस छग की ओर लौट आए हैं।

अलर्ट: हर मूवमेंट पर अफसरों की नजर

राजनांदगांव.बोरतलाव के जंगल में भटकते राम-बलराम।

गांवों में मुनादी करा रहे रतजगा कर रहे लोग

हाथियों की दिशा को देखते हुए इलाके के गांव में लगातार मुनादी कराई जा रही है, गुरुवार को पूरे दिन उत्तर बोरतलाव से लेकर खैरागढ़ वन मंडल के हिस्से में वन विभाग के कर्मचारी मुनादी कराते रहे। इधर दो दंतैल हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है, बुधवार को हाथियों का लोकेशन छुरिया इलाके में था, जिसके चलते जंगल से लगे गांवों में पूरी रात ग्रामीण वन अफसरों के साथ जागते रहे। ताकि किसी तरह का नुकसान न होने पाए।

वन विभाग के लिए राहत नहीं मचा रहे उत्पात

वन अफसरों की माने तो अब तक हाथियों के सामने भीड़ नहीं पहुंची है, इसके चलते उनका मिजाज ठंडा है। संयोग से हाथियों ने बसावट वाले इलाके में सीधे प्रवेश भी नहीं किया है, वे जंगल के हिस्से से ही अपनी दिशा बदल रहे हैं। अगर वे बसावट वाले इलाके में पहुंचते हैं, तो लोगों को देखकर उनका मिजाज बिगड़ सकता है। आमतौर पर झुंड से बिछड़े हाथी भारी उत्पात मचाते हुए चहलकदमी करते हैं। लेकिन दोनों का मिजाज फिलहाल वन विभाग के लिए राहत वाला बना हुआ है।

ये चिंताजनक: हालात बिगड़े तो रेस्क्यू के एक्सपर्ट भी नहीं

पूरे मामले में चिंताजनक पहलू ये है कि अगर हाथियों का मिजाज बिगड़ा या किसी तरह का नुकसान पहुंचाना उन्होंने शुरू किया तो रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने जिले में अनुभवी कर्मचारियों भी मौजूद नहीं है। जिले में सालों बाद हाथी भटककर पहुंचे हैं, इसके पहले जिले के विभागीय कर्मचारियों को हाथियों को नियंत्रित करने या खदेड़ने का कोई अनुभव नहीं है। जरुरी संसाधनों की भी कमी है, ऐसे में अगर हाथियों ने नुकसान पहुंचाना शुरू किया तो अनुभवी अफसरों को अन्य जिलों से बुलाना पड़ सकता है।

पानी के तलाश में लगातार जंगल से बाहर आ रहे जानवर

जंगल क्षेत्र के गांव में जहां हाथियों की दहशत बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर आए दिन बसावट वाले इलाकों में जंगल जानवर पानी की तलाश में पहुंच रहे हैं। अंबागढ़ चौकी के हिड़कोटोला में दो तेंदुए गांव में आ घुसे थे, इसके बाद बागनदी इलाके में भालू और चितलों को देखा गया। इसके बाद बोरतलाव में एक वनभैंसा भी भटककर बसावट वाले इलाके में पहुंचा था, बुधवार को इस वनभैंसे को ग्रामीणों ने देखा। फॉरेस्ट अफसरों के मुताबिक पानी की तलाश में लगातार जंगली जानवर इलाकों में पहुंच रहे हैं। इसकी वजह से ग्रामीणों में कौफ बढ़ता जा रहा है।

सूचना के बाद अलर्ट जारी किया गया, नजर रखे हैं


तत्काल आसपास के गांवों में मुनादी कराई गई है


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