लाइब्रेरी देख कर पढ़ाने का तरीका सीखा, टीचर्स का अनुभव भी जाना

Rajnandgaon News - जिले के 1838 प्राथमिक शालाओं में कक्षा पहली के बच्चों को रूम-टू-रीड प्रोग्राम के तहत पढ़ने, लिखने व पुस्तकों के प्रति...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:37 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news learn how to teach by watching the library go to the experience of teachers
जिले के 1838 प्राथमिक शालाओं में कक्षा पहली के बच्चों को रूम-टू-रीड प्रोग्राम के तहत पढ़ने, लिखने व पुस्तकों के प्रति रूचि बढ़ाने का तरीका सिखाया जाता है। यह प्रोग्राम अब दूसरे जिले के अफसरों को भी पसंद आने लगा है। शुक्रवार को सुकमा जिले के 8 अफसरों की टीम ने जिले के प्राथमिक शालाओं का निरीक्षण किया और रूम-टू-रीड प्रोग्राम को नजदीक से देखा और समझा। अफसरों की टीम ने जोरातराई प्राथमिक शाला में बनाए गए क्लास रूम को देखकर खूब तारीफ की।

अफसरों ने कहा कि क्लास रूम को देखने से यह कोई निजी स्कूल की नर्सरी व केजी वन क्लास की तरह लग रहा है जहां पर 700 पुस्तकों की लाइब्रेरी है। पुस्तकें ऐसी हैं कि बच्चे इनमें दिए गए चित्रों को देखकर आसानी से भाषा का ज्ञान कर सकते हैं। अफसरों ने एक घंटे तक क्लास में बैठकर रूम-टू-रीड प्रोग्राम के संचालन का तरीका सीखा।

यूनिसेफ के अफसर रहे मौजूद: इस मौके पर यूनिसेफ के अफसर भी मौजूद रहे, क्योंकि यूनिसेफ की ओर से ही जिले के 60 प्राथमिक शालाओं में इसकी शुरुआत की गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने अपने संसाधनों के माध्यम से अन्य प्राथमिक शालाओं में इसे लांच किया। अफसरों की टीम में सुकमा जिले के प्रतिनिधि व छिंदगढ ब्लॉक अफसर शामिल थे। सुकमा कलेक्टर को प्रतिवेदन सौंपकर वहां भी इस प्रोग्राम को लांच करने कहा जाएगा। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक भूपेन्द्र साहू ने बताया कि प्रोग्राम को लेकर सुकमा के अफसर उत्सुक दिखे।

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