लोक सुराज 2018, भुगतान की ऐसी जल्दी, 20 दिन में दे दिए 17 लाख

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 06:56 AM IST

Rajnandgaon News - जनपद पंंचायत में तात्कालीन सीईओ रूपेश पांडे पर 25 लाख से अधिक की राशि के गबन के आरोप में जांच में चौंकाने वाले तथ्य...

Dongargaon News - chhattisgarh news lok suraj 2018 paid in such a fast 20 days 17 million
जनपद पंंचायत में तात्कालीन सीईओ रूपेश पांडे पर 25 लाख से अधिक की राशि के गबन के आरोप में जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसमें ग्राम सुराज व लोक सुराज अभियान 2018 के प्रचार-प्रसार व फ्लैक्स के लिए एक फर्म को छह बार में 10 लाख तो, स्टेशनरी के लिए एक अन्य फर्म को पांच तथा पौने दो लाख रुपए भोजन व्यय का भुगतान जिले मुख्यालय की फर्म को किया गया है। यह सभी भुगतान 3 अगस्त 2018 से लेकर 23 अगस्त 2018 तक कुल 20 दिन में एनईएफटी के माध्यम से सीईओ पांडे ने किया गया है।

भास्कर पड़ताल में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई, वह यह कि पांडे ने जनपद में मनरेगा शाखा का प्रभार 8 अगस्त को लिया है और जो एफडी की राशि ग्रामीण बैंक शाखा तुमड़ीबोड़ में जमा थी। वह मनरेगा मद की राशि थी उसे मनरेगा शाखा के चार्ज लेने से पांच दिन पहले ही 3 अगस्त 2018 को ही अपने हस्ताक्षर कर बैंक से नगदीकरण करा लिया था। ज्ञात हो कि उक्त एफडी वर्ष 2008 से मनरेगा मद की सरप्लस राशि थी जिसे वर्ष 2013 में सबधि जमा कराया गया था। हालांकि जनपद में अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उक्त राशि के बारे में जांच जारी है।

घपला: खरीदी व व्यय में भंडार क्रय नियम किए दरकिनार

ऐसे समझिए इस लेन-देन को

भास्कर पड़ताल में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार जनपद पंचायत की दो एफ डी खाता ग्रामीण बैंक की शाखा तुमड़ीबोड़ में 22 अगस्त 2013 को खोला गया, इसमें मनरेगा मद के खाते से क्रमश: पांच लाख 39 हजार 268 रुपए व छह लाख 59 हजार एक सौ 25 रुपए की कुल राशि 11 लाख 98 हजार तीन सौ 93 रुपए की कुल दो एफडी की गई। उक्त दोनों एफडी को तात्कालीन सीईओ रूपेश पांडे ने तीन अगस्त 2018 को परिपक्वता तिथि के पूर्व नगदीकरण कर फिक्स डिपॉजिट की। ब्याज सहित कुल राशि 16 लाख 92 हजार छह सौ 20 रुपए को सीईओ जनपद पंचायत के वर्ष 2014-15 से डेड पड़े खाता क्र. 71027535481 में जमा कर उक्त खाते से ही 20 दिनों में पूरे रकम को एनई एफटी के माध्यम से बंदरबांट कर खाते को बंद भी कर दिया।

जानिए क्या है व्यय संबंधी नियम

इस पूरे मामले में यह स्पष्ट है कि तात्कालीन सीईओ ने उक्त व्यय में शासन के नियमों को दरकिनार कर निजी लाभ की नियत से सभी देयकों का भुगतान डे-टू-डे कर दिया, जबकि छग शासन भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 2.1 के अनुसार सभी शासकीय विभागों के अतिरिक्त जनपद पंचायत को भी भंडार क्रय नियम की परिधि में रखा गया है। इसके नियम 4.3.3 में स्पष्ट 50 हजार से अधिक की सामाग्री को ओपन टेंडर के माध्यम से करना इसमें विज्ञापन के माध्यम से निविदा बुलाना अनिवार्य है। ज्ञात हो उक्त मामले के 10 में छह देयक की राशि एक लाख से अधिक व तीन बिल दो लाख रुपए से अधिक का है। ऐसे में शासन के नियमों की अनदेखी कर भुगतान किया जाना संदेहास्पद है।

िकसे कितना किया भुगतान

तात्कालीन सीईओ पांडे ने जनपद पंचायत के एफडी के एनकैशमेंट से आए लगभग 17 लाख रुपए का भुगतान कुल 20 दिनों में 10 ट्रांजेक्शन के माध्यम से तीन फर्म व एक जनपद के कर्मचारी के खाते में किए जाने खबर है। भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव की फर्म पी आर इंटरप्राइजेज दुर्गा मंदिर काॅलेज रोड़ राजनांदगांव को सर्वाधिक छह बार में कुल नौ लाख 86 हजार प्रचार-प्रसार व फ्लैक्स के लिया किया गया है। दो किस्त में पांच लाख रुपए पाॅकीजा आफसेट गांधी चौक राजनांदगांव को लोक सुराज अभियान के लिए स्टेशनरी व्यय का भुगतान तथा एक लाख 68 हजार रुपए लोक सुराज अभियान में भोजन के लिए राजनांदगांव के ही फर्म देवेन्द्र टी स्टाल एंड केटरर्स को व 37 हजार आठ सौ 36 रुपए का भुगतान अधिकारी छोटे लाल को किया गया है।

यह गंभीर मामला है

ये गंभीर मामला है इसमें लिप्त सभी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किए जाने की मांग किए हैं। महेंद्र साहू, सभापति,जनपद पंचायत, डोंगरगांव

जांच की जा रही है

जिला पंचायत द्वारा प्रकरण में जांच की जा रही है, इससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। एल के कचलाम, प्रभारी सीईओ

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