थोक बाजार बना परेशानी, जगह छोटी बता नहीं हो रहे शिफ्ट, 9 साल से भर रहे किराया

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 03:31 AM IST

Rajnandgaon News - शहर को व्यवस्थित करने को लेकर प्रशासन कितना सजग है, इसका अंदाजा बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को देखकर लगाया जा सकता है।...

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शहर को व्यवस्थित करने को लेकर प्रशासन कितना सजग है, इसका अंदाजा बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को देखकर लगाया जा सकता है। संस्कारधानी में ट्रैफिक की सबसे बड़ी बाधा है, थोक बाजार। आलू प्याज समेत अन्य थोक विक्रेताओं को 2009 में बसंतपुर स्थित कृषि उपज मंडी में दुकानों का आवंटन किया गया था। लेकिन व्यापारी वहां गए नहीं, बिना उपयोग के 9 साल से किराया भर रहे हैं और इधर घने शहर में दुकानें चालू हैं। जिससे प्रतिदिन ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।

भास्कर के पूछने पर व्यापारियों ने कहा कि जगह छोटी है। इसलिए वह वहां नहीं जा रहे। अब सवाल यह है कि प्रशासन पिछले नौ साल से इतनी गहरी नींद में है कि व्यापारियों के लिए सुलभ गोदाम की भी व्यवस्था नहीं करा पाया। जबकि दूसरी ओर इन वर्षों में शहर में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए खर्च कर निर्माण पर निर्माण कराए गए। शहर में आलू प्याज की कुल 6 थोक दुकानें हैं, तीन इमाम चौक के पास फोरलेन (जीई रोड) के सामने, दो पुराना गंज लाइन मार्ग में और एक अन्य जगह। यहां हर रोज भारी भरकम वाहनों से माल खाली करवाया जाता है और उतारा भी। इन्हीं दुकानों से डीआई 207 और 407 जैसे वाहनों में माल भरकर जिले में सप्लाई भी कराई जाती है। लोडिंग-अनलोडिंंग के लिए भारी भरकम वाहनों को यहीं रोक देते हैं।

हलाकान: बसंतपुर में हुआ था आवंटन

राजनांदगांव. गंज लाइन में ऐसे खड़े रहते हैं ट्रक, आने-जाने में बाधा।

ये तीन जगह, जहां रोज लगता है जाम

इमाम चौक फोरलेन में: इमाम चौक के पास थोक व्यापारियों की दुकानें हैं, यहां फोरलेन में गाड़ियां खड़ा कर माल लोड, अनलोड कराया जाता है। एनएच हाेने से हर रोज इस मार्ग से हजारों वाहन गुजरते हैं व रो ब्लॉक होता है।

लोडिंग के समय का निर्धारण नहीं किया गया

प्रशासन गोदाम बनाने में तो नाकाम रही, लेकिन शहर में माल लोडिंग व अनलोडिंग को समय के दायरे में बांधने के लिए भी अफसरों के पास वक्त नहीं है। कुछ साल पहले सुबह 9 से दोपहर 1 बजे और शाम को 5 से रात 8 बजे तक समय का निर्धारण किया गया था। इसके बाद यह भूल गए।

पुराना गंज लाइन मार्ग: यहां थोक विक्रेताओं की दुकानें हैं जहां 10 से 20 टन माल चढ़ाया जाता है। यहां रोड नंदई से गुरुद्वारा को जोड़ता है, इस बीच गुड़ाखू लाइन, सिनेमा लाइन और घना बाजार है, सैकड़ों आवाजाही करते हैं।

ट्रैफिक जवानों के सामने से घुस रहे वाहन

व्यवस्था बनाने की प्राथमिक जिम्मेदारी यातायात अमले की है। ये लोडिंग, अनलोडिंग पर रोक नहीं लगा पाए हैं। गुरुद्वारा चौक से सिनेमा लाइन, कामठी लाइन, गुड़ाखू लाइन, भारत माता चौक, जयस्तंभ चौक, मानव मंदिर चौक, सराफा लाइन में चार पहिया बैन हैं, फिर भी ये चले आते हैं।

पुराना रेस्ट हाउस रोड: पुराना रेस्ट हाउस रोड में ट्रेडर्स है। यहां रोज भारी भरकम ट्रकें खड़े होते हैं। यह मार्ग रेलवे स्टेशन तक पहुंचाता है। इसी रोड से सरकारी स्कूल में स्टूडेंट्स पढ़ने जाते है, काफी संख्या में यात्री सफर करते हैं।

20 टन की जरूरत थी पर बनाई 5 टन क्षमता की दुकानें







आयुक्त की भी सुन लेें... ट्रैफिक पुलिस करेगी निदान

भास्कर से चर्चा में नगर निगम आयुक्त अश्वनी देवांगन ने कहा कि जब व्यापारियों को मंडी में दुकानें काफी पहले दे दी गई है, तो फिर व्यवस्थापन के लिए मंडी जवाबदेह है। ट्रैफिक में बाधा आ रही है तो यातायात पुलिस समस्या का निदान करेगी।

  गजेंद्र सिंह, डीएसपी, ट्रैफिक


- हम कार्रवाई कर रहे है, लेकिन व्यापारी मान नहीं रहे है।


- ऐसा नहीं है, हम लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।


- चार पहिया वाहनों पर भी कार्रवाई की जा रही है।


- समय सीमा अभी भी बनी हुई हम पालन करवा रहे हैं।

गोदाम की जरूरत है


जानिए, जिम्मेदारों के जवाब समय-सीमा अभी भी बनी हुई है

दुकानों का आकार छोटा


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