एनसीसी कैडेट्स को दी सैन्य हथियारों की जानकारी

Rajnandgaon News - केन्द्रीय विद्यालय राजनांदगांव में आयोजित सीएटीसी-6 कैंप के पांचवें दिवस की शुरुआत पीटी और आॅप्टिकल के साथ हुई।...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:40 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news military weapons information given to ncc cadets
केन्द्रीय विद्यालय राजनांदगांव में आयोजित सीएटीसी-6 कैंप के पांचवें दिवस की शुरुआत पीटी और आॅप्टिकल के साथ हुई। बालिकाओं ने आॅप्टिकल (जिक-जैक, हाई जम्प और वाॅल) की बाधाएं पार करते हुए लक्ष्य को प्राप्त किया।

ब्रेकफास्ट के उपरांत हवलदार अमित ने सभी कैडेट्स को सेना के हथियारों जैसे रायफल के बारे में चर्चा की। कैडेट्स के लिए उपलब्ध रायफल जैसे सर्पोटिंग और 7.62 एमएम सेल्फ लोडिंग रायफल के मारक दूरी, क्षमता, उसके कलपुर्जों के नाम सहित फायरिंग के तरीके भी बताए। 7.62 एमएम एसएलआर के बताया गया कि इन्हें दो प्रकार से फायरिंग की जा सकती है। पहला लाइनिंग पोजिशन और दूसरा स्टैंडिंग पोजिशन। इसके मैग्जिन में 18 बुलेट भरा जाता है। इसकी कारगार रेंज 300 गज है। फायरिंग रेंज में प्रशिक्षण दी जा रही है।

राजनांदगांव. फायरिंग तकनीक और फायर सेफ्टी के बारे में बताए

संचार के दो प्रकार होते हैं लाइन और रेडियाे

हवलदार सुभाष ने संचार के बारे मेें बताया। इसके दो प्रकार लाइन संचार और रेडियो संचार। लाइन संचार में टेलिफोन व रेडियो संचार में वाॅकी-टाॅकी, मोबाइल इत्यादि आते हैं। उन्होंने बताया कि सेना द्वारा कम्युनिकेशन में बाते कोड वर्ड में की जाती है। कोड वर्ड का उपयोग सुरक्षा की दृष्टि से की जाती है। जजिंग डिस्टेंस का अनुमान जरूरी होता है। जिससे गोला, बारूद का दुरूपयोग कम से कम हो। फासले 6 प्रकार के होते हैं- इकाई, दिखाई, रेंज, ओलाईव, सेक्शन अवसर, आवाज।

अापदा में घायलों को कैसे बचाएं यह बताया

आपदा प्रबंधन के अंतर्गत प्राकृतिक और कृत्रिम आपदाओं से बचने, घायल लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के आसान तरीके भी प्रायोगिक रूप से बताए गए। फायर फायटिंग टीम का सफल नेतृत्व एएसआई एलएस वर्मा अपनी टीम फायर मेन किसले गुप्ता, पुमेश कुमार और जितेन्द्र साहू के साथ किया गया। शाम को वालीबाॅल प्रतियोगिता का मुकाबला का तीन मैच और खो-खो का दो मैच खेला गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

फायर सेफ्टी के बारे में कैडेट्स को बताया गया

टी ब्रेक के बाद फायर फायटिंग और सेफ्टी के बारे में बताया गया। आग हवा, ताप और आॅक्सिजन इन तीन चीजों को मिश्रण है। आग लगने के लिए इन तीनों के मिश्रण आवश्यक है। कोई वस्तु तब जलता है जब निश्चित मात्रा में ताप मिलता है। आग बुझाने के तीन तरीके भी बताए। कुलिंग, स्मूथिंग, इस्टारवेशन। आग बुझाने यंत्र जैसे फायर बाॅल, एबीएस सिलेंडर, एफईजी का का प्रदर्शन किया गया। आग लगने और बुझाने का प्रायोगिक प्रदर्शन सभी कैडेट्स, ग्राउण्ड पर किए।

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