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उद्देश्य पर ग्रहण केंद्र से नहीं पहुंचा फंड, फर्नीचर और शिक्षकीय सेटअप को तरस रहा प्रदेश का पहला मॉडल कॉलेज

Bhaskar News Network

May 17, 2019, 07:41 AM IST

Rajnandgaon News - जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम सोमनी में बना प्रदेश का पहला मॉडल कॉलेज केंद्र से फंड नहीं मिलने के कारण...

Rajnandgaon News - chhattisgarh news the first model college of the state longing for fund furniture and teacher setup not reaching the objective center
जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम सोमनी में बना प्रदेश का पहला मॉडल कॉलेज केंद्र से फंड नहीं मिलने के कारण फर्नीचर, उपकरण और शिक्षकीय सेटअप के लिए तरस रहा है। इसकी चर्चा एक बार फिर इसलिए हो रही है क्योंकि कॉलेज एक बैच स्नातक के बाद डिग्रियां लेने वाला है। वो भी बिना मॉडल पढ़ाई के। किराए के भवन में मॉडल पढ़ाई के दावे के बीच जल्द ही डिग्रियां बांटी जाएंगी।

चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कॉलेज भवन का लोकार्पण किया था। सेटअप नहीं होने के कारण मॉडल कॉलेज के 73 स्टूडेंट्स दिग्विजय कॉलेज मे पढ़ाई कर रहे हैं। प्रथम वर्ष में 50, सेकंड ईयर में 16 और फाइनल ईयर में 7 स्टूडेंट्स शामिल है। अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स ने परीक्षा दिला ली है, जल्द विवि डिग्रियां देगा। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) ने कॉलेज बनवाया है। 2016 में तात्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कॉलेज की आधारशिला रखी थी। 10 करोड़ की लागत से पांच एकड़ भूमि पर कॉलेज का निर्माण कराया गया है। 2018 सिंतबर में भवन तैयार हुआ। लेकिन फर्नीचर, लैब उपकरण और शिक्षकीय सेटअप प्रदान नहीं करने के कारण कॉलेज का संचालन नहीं हो पा रहा है। जिम्मेदार फंड की कमी को वजह बता रहे हैं। जिसकी पूर्ति अब तक नहीं हो पाई है।

10 करोड़ रु. से 5 एकड़ में भवन तैयार पर किराए के कॉलेज में मॉडल पढ़ाई का दावा, अब विद्यार्थियों को बांटी जाएंगी स्नातक की डिग्रियां

जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम सोमनी में बना है प्रदेश का पहला मॉडल कॉलेज

पांच शिक्षकों ने भरोसे हो रही पढ़ाई

एजुकेशन हब के लिहाज से कॉलेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। संचालन में हो रही देरी से स्टूडेंट्स परेशानी में आ गए है। मंशा अधूरी रह गई है। कॉलेज में बीएससी मैथमेटिक्स विथ कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई की जानी है, वर्तमान में कॉलेज के स्टूडेंट्स दिग्विजय कॉलेज में पढ़ाई कर रहे है, जहां पर पहले से ही काफी स्टूडेंट्स अध्ययनरत है, ऐसे में अध्यापन व्यवस्था बनाने में दिक्कत हो रही है। अध्यापन कराने पांच शिक्षक अलग से रखे गए है।

इसलिए फंसा पेंच, जो नहीं सुलझा

जिम्मेदारों का कहना था कि स्वीकृति के समय कॉलेज को जो पोस्ट दिए गए थे वे संविदा बेस्ड थे, इन पोस्ट को रेगुलर कराने की मांग की जा रही है। प्रस्ताव अक्टूबर में केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। ऐसे में कॉलेज में सेटअप की पूर्ति नहीं की सकी है। राेजगार मूलक कोर्स कराने की मंशा से मॉडल कॉलेज बनवाया गया है। लेकिन ये सफेद हाथी से ज्यादा कुछ नहीं।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा- दूसरी जगह नहीं हो सकती मॉडल पढाई

दिग्विजय कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व सचिव रहे ऋषि शास्त्री ने कहा कि किसी भी कॉलेज में मॉडल कॉलेज के तर्ज पर पढ़ाई नहीं हो सकती है। मॉडल पढ़ाई के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। पूर्व सरकार ने वाहवाही लूटने की मंशा से कॉलेज बनवा दिया, लेकिन शिक्षकीय सेटअप पूरा नहीं कर पाए। अब बीना मॉडल पढ़ाई के स्टूडेंट्स को डिग्री बांटी जाएगी। जो विद्यार्थियों के साथ धोखा है।

सेटअप नहीं दिया गया


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