निमोनिया का इलाज, मौत के बाद जांच रिपोर्ट में निकला स्वाइन फ्लू

Rajnandgaon News - स्वाइन फ्लू जैसे गंभीर और संवेदनशील मामले को लेकर स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही अब भी बरकरार है। 10 दिन पहले जिस मरीज...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 02:51 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news treatment of pneumonia swine flu in the probe report after death
स्वाइन फ्लू जैसे गंभीर और संवेदनशील मामले को लेकर स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही अब भी बरकरार है। 10 दिन पहले जिस मरीज की मृत्यु निमोनिया से होने का दावा किया गया था, मरणोपरांत उसकी रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू निकल आया है। जिसने जिम्मेदारों के होश उड़ा दिए हैं क्योंकि डॉक्टर निमोनिया समझकर ही मरीज का इलाज करते रहे, इस भ्रम ने मरीज की जान ले ली।

स्वास्थ्य संचालनालय से शुक्रवार देर रात रिपोर्ट भेजी गई तब जाकर अफसरों की नींद टूटी। शनिवार सुबह टीम को मृतक के घर भेजा गया, जहां हेल्थ जांच के बाद पांच सदस्यों को टीका लगाया गया। परिजन ने बताया कि लखोली के रहने वाले मदनलाल (37) (परिवर्तित नाम) की तबियत 15 दिन पहले अचानक खराब हो गई। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। 2 मार्च को मरीज को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर निमोनिया का इलाज करते रहे। मरीज की तबियत और बिगड़ गई। 3 मार्च को मरीज को एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया। यहां भी निमोनिया का इलाज चलता रहा। 5 मार्च की सुबह करीब 8 बजे मरीज की मौत हो गई।

राजनांदगांव. शनिवार को मृतक के परिजनों को स्वाइन फ्लू रोधी वैक्सीन लगाते स्वास्थ्यकर्मी, भास्कर ने नाम के साथ चेहरा छिपाया, परिजन को भय है कि कहीं इसके बाद लोग मदद तो क्या उनसे बात भी नहीं करेंगे।

भेजे थे सैंपल, मृत्यु बाद मिली रिपोर्ट

एम्स में इलाज के दौरान मरीज के स्वाब सैंपल स्वाइन फ्लू जांच के लिए भेजे गए थे। मरीज के मौत के 10 दिन बाद यानी शुक्रवार को रिपोर्ट आई, जिसमें स्वाइन फ्लू पॉजीटिव निकला। अफसोस पहले रिपोर्ट आई रहती तो शायद मरीज की जान बच सकती थी। मृतक गरीब परिवार से था, उसके छोटे बच्चे है। मौत के बाद बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी प|ी के कंधे पर आ गई है। परिवार में शोक की व्याप्त है।

परिजन को भी सर्दी जुकाम की शिकायत

शनिवार को हेल्थ टीम मृतक के घर पहुंची तो क्रमवार सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कुछ परिजन खासकर छोटे बच्चों ने सर्दी जुकाम और तबियत खराब होने की बात बताई। डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी कि तबियत ज्यादा खराब होने पर तुरंत अस्पताल जाकर चेकअप कराए। 5 मार्च को लखोली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पड़ताल कर स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था कि व्यक्ति की मौत निमोनिया से हुई थी।

भास्कर अलर्ट: अंतिम संस्कार में नहीं बरती सावधानी, इसके कारण संक्रमण का खतरा

निमोनिया के भ्रम में मृतक के अंतिम संस्कार में ज्यादा सावधानी नहीं बरती गई थी। जिससे इलाके में संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। क्योंकि डायरिया और पीलिया को लेकर लखोली वार्ड पहले से ही संवेदनशील है। चूंकि मृत्यु के पूर्व सैंपल निकाल लिया गया था इसलिए शव को पॉलीथिन में पैक कर भेजा गया था। संचालनालय से जारी गाइडलाइन के मुताबिक पॉलीथिन से पैक को शव को परिजनों से दूर रखने के निर्देश है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। गाइड लाइन के मुताबिक पॉलीथिन में पैक शव के आसपास सोडियम हायपोक्लोराइड घोल 10000 पीपीएम का छिड़काव किया जाना चाहिए। निमोनिया के भ्रम में ऐसा नहीं किया गया।

भास्कर पड़ताल: मैनेजर के भरोसे है जिला सर्विलांस यूनिट

स्वाइन फ्लू के मामले को लेकर स्वास्थ्य महकमा कितना सतर्क है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ऐसे मामलों की निगरानी के लिए बनाया गए जिला सर्विलांस यूनिट सिर्फ एक मैनेजर के भरोसे चल रहा है। विभाग की निगरानी व्यवस्था भगवान भरोसे है। पहले एक ऑपरेटर था लोस चुनाव के कार्य के लिए उसकी ड्यूटी लगा दी है।

सीएमएचओ से मामले की जानकारी ली जाएगी


भास्कर रिकॉल: जिले में चौथी मौत, 7 मामले सामने आए

राजनांदगांव। जिले में इस साल स्वाइन फ्लू के सात मामले सामने आ चुके है। इसमें से चार पीड़ितों की मौत हो चुकी है। डोंगरगढ़ में साल का पहला मामला सामने आया था, इसके बाद खैरागढ़ और राजनांदगांव में मामले सामने आए। पिछले पांच वर्षों में जिले में स्वाइन फ्लू के 20 मामले आ चुके है। इसके बाद भी स्वास्थ्य महकमे के द्वारा गंभीरता नहीं बरती जा रही है।

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