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ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजना का बुरा हाल, 21 हजार में से अब तक बने सिर्फ 26 सौ मकान

Rajnandgaon News - शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी पीएम आवास योजना का बुरा हाल है। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में 21402 आवास बनाने...

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2018, 03:10 AM IST
Rajnandgaon News - in the rural areas the worst of the plan only 26 hundred houses built from 21 thousand
शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी पीएम आवास योजना का बुरा हाल है। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में 21402 आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें बमुश्किल 2609 आवास ही बन पाए हैं। अब 31 दिसंबर तक उन 6351 आवासों को पूरा करने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है। जिन्हें तीसरी किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस अल्टीमेटम ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। क्योंकि आचार सहिंता के कारण फंड जारी करने का काम अटक गया था। ऐसे में लक्ष्य के विपरीत ज्यादातर आवास अधूरे ही रह गए हैं।

अधूरे मकान को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए हितग्राही जिला पंचायत व जनपद पंचायत के चक्कर काट रहे हैं। आधार वेरिफिकेशन व अन्य दस्तावेजी कारणों की वजह से भी कई हितग्राहियों को अग्रिम किस्त नहीं मिल पाई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक तीन दिसंबर की स्थिति में लक्ष्य के विपरीत 16894 आवासों का पंजीयन हो चुका है। 20042 परिवारों को घर बनाने के लिए प्रथम किस्त दी जा चुकी है। 13762 हितग्राहियों को दूसरा, 6351 हितग्राहियों को तीसरा और 1381 हितग्राहियों को चौथी किस्त दी जा चुकी है। 31 दिसंबर तक तीसरे किस्त ले चुके आवासों को पूर्ण करने का दबाव प्रशासन पर बनाया जा रहा है।

31 तक पूर्ण करने होंगे तीसरा किस्त पाने वाले हितग्राहियों के 6 हजार आवास

राजनांदगांव.आवास योजना में बनने वाले घर फंड की कमी में अधूरे है।

वनांचल में बड़ी दिक्कत मोहला में बने चार मकान

आवास निर्माण को लेकर वनांचल में सर्वाधिक दिक्कत आ रही है। मोहला में सिर्फ चार मकान बनाए हंै। इस साल ब्लॉक में 1293 मकान बनाने का लक्ष्य है। अंबागढ़ चौकी ब्लॉक में 206, छुईखदान में 468, छुरिया में 538, डोंगरगांव में 175, खैरागढ़ में 304, मानपुर में 322, राजनांदगांव में 541 मकान पूर्ण हो चुके हैं।

2017-18 में 252 मकान पूर्ण नहीं हुए

अफसरों के ध्यान नहीं देने से 2017-18 में 252 आवास पूर्ण ही नहीं हो पाए। 95 दिवस में आवास पूरा करने के लिए अलग से 16350 रुपए मजदूरी राशि भी दी जाती है। जिन घरों में शौचालय नहीं है उसके लिए मापदंड के मुताबिक 12 हजार रुपए अलग से दिए जाने का प्रावधान है।

1381 परिवारों को मिल चुकी है चौथा किस्त

राजनांदगांव जिले में 20042 परिवारों को प्रथम किस्त मिल चुका है। 13762 को दूसरा किस्त, 6351 को तीसरा किस्त और 1381 परिवारों को चौथा मिल चुका है। आवास के लिए सरकार की ओर से प्रथम किस्त में 35 हजार रुपए, दूसरे में 45 हजार, तीसरे में 40 हजार व चौथे किस्त में 10 हजार रुपए दिए जाते हैं।

शहर में पांच महीने से अटका है, मामले में अल्टीमेटम मिलने के बाद अब अधिकारियों की बढ़ी फिक्र

शहर में पांच महीने से आवास का काम रुका है। ग्राफ के मुताबिक काम नहीं होने के कारण किस्त जारी नहीं की जा रही है। आशानगर निवासी श्रवण निषाद व निर्मला निषाद और पूजा केवट ने बताया कि 45 दिन में आवास बनाकर देने का दावा किया गया था। लेकिन अब तक आवास बन नहीं बनाया है। बिना आवास के रहने में काफी दिक्कत हो रही है। गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में आवास योजना की स्थिति को लेकर मंगलवार को भास्कर ने समाचार कर प्रकाशन किया था, जिसके बाद अधिकारियों को जवाब तलब किया गया है। मामले में अल्टीमेटम मिलने के बाद से अफसर चिंतित हैं।

योजना के तहत अभी लक्ष्य का 35 फीसदी पूरा करना है

जिम्मेदार अधिकारियों की मानें तो पीएम आवास ग्रामीण में लक्ष्य के मुकाबले 35 फीसदी आवास पूरा करना है। इसलिए थर्ड किस्त के हितग्राहियों को इसमें शामिल किया गया है। आचार सहिंता से कुछ दिन पहले ही नया लक्ष्य दिया गया था। इसलिए प्रोग्रेस रिपोर्ट निम्न स्तर पर है। वर्तमान में खेती किसानी का दौर है इसलिए आवास निर्माण रुका हुआ है। जल्द पूरा जाएगा। इसके लिए सक्रियता बढ़ाई जा रही है।

  प्रशांत साहू, जिला समन्वयक, आवास (ग्रामीण)


- हां 35% आवासों को पूरा करना है, हम कोशिश कर रहे है।


- आचार सहिंता के चलते फंडिंग में थोड़ी देरी हुई है।


- आचार संहिता से पहले ही लक्ष्य दिया गया था इसलिए रेशो कम है।


- लोग खेती किसानी में लगे हैं, इसलिए निर्माण अधूरा है।

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