Hindi News »Chhatisgarh »Sakti» पिंटू- मेरे पिताजी लोगों के दुख-सुख बांटते रहते हैं। चिंटू- बड़े रहम दिल हैं तुम्हारे पिताजी, वह ऐसा कैसे करते हैं? पिंटू- मेरे पिताजी पोस्टमैन हैं।

पिंटू- मेरे पिताजी लोगों के दुख-सुख बांटते रहते हैं। चिंटू- बड़े रहम दिल हैं तुम्हारे पिताजी, वह ऐसा कैसे करते हैं? पिंटू- मेरे पिताजी पोस्टमैन हैं।

सक्ती अकलतरा बाराद्वार बलौदा डभरा मालखरौदा ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 07, 2018, 02:40 AM IST

पिंटू- मेरे पिताजी लोगों के दुख-सुख बांटते रहते हैं। चिंटू- बड़े रहम दिल हैं तुम्हारे पिताजी, वह ऐसा कैसे करते हैं? पिंटू- मेरे पिताजी पोस्टमैन हैं।
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पिंटू- मेरे पिताजी लोगों के दुख-सुख बांटते रहते हैं। चिंटू- बड़े रहम दिल हैं तुम्हारे पिताजी, वह ऐसा कैसे करते हैं? पिंटू- मेरे पिताजी पोस्टमैन हैं।

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