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पत्नी को प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए दुष्प्रेरित किया, पति को 7 वर्ष की सजा

जिस युवती से प्रेम विवाह किया था, उसी युवती के चरित्र पर युवक संदेह करने लगा था। इसी शंका में वह उसे प्रताड़ित करता...

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 03:15 AM IST
जिस युवती से प्रेम विवाह किया था, उसी युवती के चरित्र पर युवक संदेह करने लगा था। इसी शंका में वह उसे प्रताड़ित करता था। तीन बच्चे होने के बाद भी युवक संदेह के कारण उसके साथ मारपीट करता था, जिसके कारण महिला ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वंदना दीपक देवांगन ने आरोपी युवक को सात वर्ष सश्रम कारावास तथा 500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।

सरकारी वकील उदय कुमार वर्मा ने बताया कि मालखरौदा निवासी ज्ञानेश्वर भारद्वाज ने सात वर्ष पूर्व समुद्री बाई से प्रेम विवाह किया था। दोनों के एक बेटा व दो बेटियों सहित तीन संतान है। शादी के बाद से ही आरोपी ज्ञानेश्वर भारद्वाज अपनी प|ी के चरित्र पर शंका कर उससे जुआ खेलने के लिए पैसे की मांग करते हुए उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। पति की प्रताड़ना से तंग आकर महिला समुद्री बाई ने अपने ऊपर मिटटी तेल डालकर माचिस से आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अस्पताल में मृत्यु के पूर्व बयान नायब तहसीलदार मालखरौदा प्रियंका बंजारे ने दर्ज किया था। अपने बयान में महिला ने बताया था कि उसका पति शादी के बाद से उसके चरित्र पर शंकाकर हमेशा मारपीट करता था। घटना दिनांक को भी आरोपी ज्ञानेश्वर भारद्वाज के द्वारा रात्रि में शंका करके मारपीट की गई। जिससे तंग आकर उसने मिट्‌टी तेल डालकर आग लगा ली थी। अभियोजन ने प्रकरण में 25 गवाहों का परीक्षण न्यायालय में कराया गया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश श्रीमत वंदना दीपक देवांगन आरोपी युवक ज्ञानेश्वर भारद्वाज को 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड की राशि जमा नही करने पर एक माह के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

जज ने की टिप्पणी मरणासन्न स्थिति में कोई झूठ नहीं बाेलता

जज श्रीमती वंदना दीपक देवांगन ने अपने फैसले में लिखा है कि कोई व्यक्ति अपने मुंह से असत्य कथनों के साथ अपने भगवान से नहीं मिलेगा। यह निश्चायक तथ्य है कि जो व्यक्ति मृत्यु के करीब है वह निर्दोष व्यक्ति को झूठा फंसाने के लिए असत्य कथन नहीं बोलेगा।