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पिस्टल अड़ाकर किराना व्यवसायी के घर से डेढ़ लाख की डकैती की

गुरुवार की रात पोरथा के किराना व्यवसायी के घर छह सशस्त्र डकैतों ने धावा बोल दिया और घर के लोगों को कवर करते हुए डेढ़...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 31, 2018, 04:10 AM IST

पिस्टल अड़ाकर किराना व्यवसायी के घर से डेढ़ लाख की डकैती की
गुरुवार की रात पोरथा के किराना व्यवसायी के घर छह सशस्त्र डकैतों ने धावा बोल दिया और घर के लोगों को कवर करते हुए डेढ़ लाख नकद लेकर भाग निकले। पुलिस शुक्रवार को दिन भर उनकी तलाश में जुटी रही। पांच अलग अलग टीम बनाकर डकैतों की तलाश में रवाना किया गया है, वहीं कुछ संदिग्ध लोगों का भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सक्ती थाना क्षेत्र के ग्राम पोरथा में संजय अग्रवाल पिता राजकुमार अग्रवाल की किराना दुकान है, वह आधार कार्ड बनाने का भी काम करता है। गुरुवार की देर रात तक वह खुद फिल्म देख रहा था, वहीं उसकी बहन भी पढाई कर रही थी। दूसरे कमरे में उसके पिता जी और चाचा तथा अन्य लोग सोए थे। रात 2.30 बजे घर में कुछ गिरने की आवाज आई तो वह अपने पिता के कमरे में गया। बाउंड्री पार कर करीब 6 नकाबपोश हॉल में घुस चुके थे। आवाज सुनकर उसके चाचा और उसकी मां भी आ गई। एएसपी पंकज चंद्रा के अनुसार डकैतों ने संजय के कान में पिस्टल अड़ाकर पैसों की मांग की तो पहले 50-50 हजार की दो गड्डी दी गई और मांगने पर 50 हजार और दिया गया। पैसा लेने के बाद 3 डकैत भाग निकले। साढ़े 3 बजे थाना में सूचना मिलने पर रात में ही टीआई एमपी टंडन व पुलिस मौके पर पहुंची।

जानिए : पीड़ित की जुबानी क्या हुआ रात में

मैं और मेरा चाचा मुकेश अग्रवाल रात्रि 2 बजे तक टीवी पर मद्रासी पिक्चर देख रहे थे। इसके बाद मैं अपने कमरे में सोने चला गया एवं मेरा चाचा दरवाजे के बाजू में सोने लगा एकाएक दरवाजे की कुंडी टूटने की आवाज आई तो कमरे से बाहर निकलकर देखा कि 6 युवक जो छत्तीसगढ़ी में बात कर रहे थे, जिनमें से एक बिना नकाब का था जिसे मैं देखने पर पहचान लूंगा एवं 5 नकाबपोश युवक मेरे चाचा का मुंह को दबाकर पैसे की मांग कर रहे थे, जब मैं कमरे से बाहर आय । लूट के उद्देश्य से आए लड़कों ने नकदी रुपए देने की बात कही। मैंने मेरी जान एवं चाचा की जान बचाने के लिए डेढ़ लाख रुपए युवकों को दिए, तब वो पैसे लेकर जिस रास्ते से आए थे उस रास्ते से वापस चले गए । मेरे घर में 5 सदस्य रहते हैं जान बचाने के लिए मैंने आरोपियों को पैसे दिया ।

(संजय अग्रवाल पिता राजकुमार अग्रवाल ने जैसा भास्कर को बताया )

संजय का दावा: पिस्टल ताना था उसे खुद भगाया

पुलिस के अनुसार पूछताछ में संजय ने बताया है कि पैसा लेने के बाद कुछ डकैत भाग गए तथा एक डकैत जो उस पर पिस्टल तान कर खड़ा था। अन्य डकैतों के भागने के बाद उसने पिस्टल उसी डकैत की ओर मोड़ दिया और उसे भगाया। उसने बताया है कि भी डकैत छत्तीसगढ़ी में ही बोल रहे थे और केवल पैसे ही मांग रहे थे।

शुक्रवार की सुबह मौके पर पड़ताल करती पुलिस की टीम।

सरपंच के घर जाकर रूका डॉग, बेटा हिरासत में

डकैती के बाद मौके पर रात में ही थानों की टीम पहुंची। करीब 5 बजे एसपी श्रीमती नीतू कमल भी मौके पर पहुंच गई और मौका मुआयना किया, उन्होंने स्वयं बाउंड्री के ऊपर चढ़कर यह जानने का प्रयास किया कि डकैत कैसे भागे होंगे। पुलिस का डॉग स्क्वायड भी पहुंचा। डॉग पोरथा के सरपंच की गली में जाकर भटक गया। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें सरपंच का बेटा भी शामिल है। पुलिस कुछ पुराने अाराेपियों से भी पूछताछ कर रही है।

पांच टीम जुटी जांच में

पुलिस ने डकैती के आरोपियों को पकड़ने के लिए पांच अलग अलग टीम बनाई है। एसडीओपी अमित पाटले की टीम खरसिया की ओर गई है। क्राइम ब्रांच प्रभारी टीआई विजय चौधरी, भीमसेन राठौर, टीआई एमपी टंडन अौर अड़भार चौकी प्रभारी दिलीप सिंह की टीम जांच में जुटी हैं। एसपी नीतू कमल और एएसपी पंकज चंद्रा भी दिन भर डटे रहे।

मिस फायर कारतूस मिले

एसडीओपी अमित पटेल ने बताया कि डकैत जो पिस्टल लेकर आए थे उसकी दो कारतूस भी आसपास गिरे थे। पुलिस के अनुसार दोनों कारतूस मिस फायर हो चुके हैं। खोखा भी एक कारतूस में लगाने की कोशिश की गई है।

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