• Home
  • Chhattisgarh News
  • Sakti News
  • सीएम ने रात में कहा-दो माह में कराएंगे टॉयलेट की शेष राशि का भुगतान, दूसरे दिन पैसे के लिए छपाेरा में किया चक्काजाम
--Advertisement--

सीएम ने रात में कहा-दो माह में कराएंगे टॉयलेट की शेष राशि का भुगतान, दूसरे दिन पैसे के लिए छपाेरा में किया चक्काजाम

स्वच्छ भारत अभियान के तहत मालखरौदा जनपद पंचायत जिले की पहली जनपद है जहां के सभी गांव के सभी घरों में शत प्रतिशत...

Danik Bhaskar | Mar 17, 2018, 06:00 AM IST
स्वच्छ भारत अभियान के तहत मालखरौदा जनपद पंचायत जिले की पहली जनपद है जहां के सभी गांव के सभी घरों में शत प्रतिशत टॉयलेट बनाने का दावा किया गया है, दो साल पहले इस जनपद को ओडीएफ घोषित किया गया है, लेकिन यहां टॉयलेट बनाने वालों को अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया है। गुरूवार को मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दो माह के अंदर टॉयलेट निर्माण की लंबित राशि जारी कर दी जाएगी दूसरे दिन शुक्रवार को छपोरा की महिलाओं व ग्रामीणों ने बस स्टैंड में चक्काजाम शुरू कर दिया।

शौचालय निर्माण करने के दो साल बाद भी राशि नहीं मिलने से परेशान छपोरा के ग्रामीणों ने 16मार्च को बस स्टैंड छपोरा मे सुबह 7 बजे चक्काजाम कर दिया जिसके कारण सक्ती, हसौद एवं डभरा की ओर जाने वाली सड़कों में चार पहिया वाहन, बस, ट्रक की लंबी लाइन लग गई। ग्रामीणों ने साइकिल भी निकलने नहीं दी। देवकुमारी श्रीवास, नीता साहू, सरोजनी जायसवाल, कपिल चौहान, सीमा साहू, देवमती ने बताया कि कलेक्टर को 26फरवरी को आवेदन दिया गया था। उन्होंने 13 मार्च तक पैसा नहीं मिलने पर आंदोलन करने कहा था। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। 15 मार्च को छपोरा में फिर अधिकारियों को सचेत किया इसके बाद 16 मार्च को चक्काजाम किया गया। इस आंदोलन को जनता कांग्रेस के संगठन मंत्री सुभान खान, फुलेशवर चंद्रा, संतोष नायक सहित अन्य कार्यकर्ताओं का समर्थन था।

तीन घंटे बाद पहुंचे अधिकारी

चक्काजाम शुरू होने के तीन घंटा बाद जनपद पंचायत मालखरौदा के सीइओ विनय कुमार सोनी, तहसीलदार श्री सिदार मौके पर पहुंचे व महिलाओं को बताया कि छपोरा मे कुल 782 शौचालय बनाए गए हैं, जिसमें से 442 का ही पैसा मिला है, जिसका भुगतान हो चुका है, शेष लोगों का पैसा 15 दिनों के अंदर भुगतान करने का वादा किया गया। ग्रामीणों ने सचिव भागवत साहू को छपोरा से हटाने की भी मांग की। अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

छपोरा में चक्काजाम करने सड़क पर बैठी महिलाएं