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जहां पहली बार फहरा था तिरंगा वहां अब तक नहीं हुअा विकास / जहां पहली बार फहरा था तिरंगा वहां अब तक नहीं हुअा विकास

Bhaskar News Network

Jan 26, 2018, 02:40 AM IST

Saraipali News - नगर में राष्ट्रीयता का प्रतीक स्थल आज भी उपेक्षित है जहां देश के ऐतिहासिक क्षण 15 अगस्त 1947 की रात में तिरंगा फहराया...

जहां पहली बार फहरा था तिरंगा वहां अब तक नहीं हुअा विकास
नगर में राष्ट्रीयता का प्रतीक स्थल आज भी उपेक्षित है जहां देश के ऐतिहासिक क्षण 15 अगस्त 1947 की रात में तिरंगा फहराया गया था। अब इस जगह को साल में 2 बार 15 अगस्त और 26 जनवरी को याद किया जाता है। इस दिन तिरंगा फहराने के लिए बने चबूतरे व आस पास की साफ-सफाई की जाती है। आज वहां पुरानी मंडी की दुकानें बन गई हैं।

आज गांधी मंच के रूप में यह स्थल जाना जाता है लेकिन वहां देखने के लिए कुछ भी नहीं है। 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित जयदेव सतपथी ने यहां तिरंगा फहराया था। इस स्थल को आज पूरी तरह से भुला दिया गया है। इसी जगह पर 15 अगस्त और 26 जनवरी को कार्यक्रम का आयोजन होता रहा लेकिन अब वहां पर हुए कब्जों से जगह की कमी हो जाने पर अब प्रतीक स्वरूप सिर्फ तिरंगा फहराया जाता है।

सामाजिक संस्थाएंं उठाती रही है आवाज : समय समय पर अनेक सामाजिक संस्थाए भी इस मांग को पूर जोर ढंग से उठाती रही है लेकिन न प्रशासन इस तरफ ध्यान देता है न ही राजनीतिक संस्थाएं। आज भी उस स्थल पर जितनी जगह बची है उसे विकसित करके आजादी व राष्ट्रीय मुख्य आयोजन यहां हर वर्ष किया जा सकता है और आजादी का यह प्रतीक एक ऐतिहासिक धरोहर बन सकता है। सराईपाली वालों के लिए यह लालकिले के प्राचीर की तरह है जहां आजादी का जज्बा नगर के लोगों के लिए यादगार बन सकता है।

सराईपाली. 15 अगस्त 1947 को इसी जगह से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने झंडा फहराया था।

योजना सिर्फ कागजों में

भाजपा के मंडल अध्यक्ष और पूर्व मंडी अध्यक्ष भवानी शंकर चौधरी 2002 में मंडी अध्यक्ष थे तो वहां पर इस स्थल को संरक्षित करने के लिए उन्होंने रेलिंग से घेर कर उद्यान बनाने का प्रस्ताव दिया था। पूर्व पालिका अध्यक्ष शानी अमर बग्गा ने बताया कि वे जब 2006 से 2011 तक पालिका अध्यक्ष थीं उस समय पालिका द्वारा यहां पर उद्यान बनाकर स्थल को संरक्षित करने का प्रस्ताव किया गया था। इस विगत वर्ष प्रयास संस्था ने 26 जनवरी के लिए हुई बैठक में यह प्रस्ताव दिया था तथा लिखित में ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम का एसडीएम को सौपा था।

प्रस्ताव भेजा गया है

कृषि उपज मंडी के पूर्व भार साधक अधिकारी एवं तत्कालीन एसडीएम डॉ गौरव कुमार सिंह ने कहा कि मंडी की ओर से इस आजादी के स्थल का विकसित करने का प्रस्ताव भेजा था। मगर स्थिति आज भी जस की तस है।

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जहां पहली बार फहरा था तिरंगा वहां अब तक नहीं हुअा विकास
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