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ग्रामीणों ने की लंबर मिडिल स्कूल काे हाईस्कूल में उन्नयन करने की मांग

लंबर(सराईपाली)| ग्राम लंबर में जन सहयोग से स्कूल चल रहा है, लेकिन शासन इसका उन्नयन नहीं करा रहा है। इसे लेकर...

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 03:15 AM IST
लंबर(सराईपाली)| ग्राम लंबर में जन सहयोग से स्कूल चल रहा है, लेकिन शासन इसका उन्नयन नहीं करा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। इस स्कूल 600 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। लंबर में शासकीय उच्च प्राथमिक शाला साल 1979 से संचालित है जिसका आज तक हाईस्कूल में उन्नयन नहीं किया गया है। संकुल केंद्र लंबर के अंतर्गत तीन उच्च प्राथमिक शालाएं माधोपाली, लोहरीनडीपा और लंबर हैं जिनकी दर्ज संख्या 369 है। शासकीय हाईस्कूल में पढ़ने के लिए छात्रों को 7-10 किमी की दूरी तय कर बाहर जाना पड़ता है। कई बार बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं या फिर निजी स्कूल जाने को मजबूर होते हैं।

शासन की लापरवाही एवं उच्च शिक्षा अध्ययनों में हो रही परेशानी को देखते हुए गांव के प्रबुद्ध जनों के सुझाव व जन सहयोग से 1 जुलाई 1991 को दुर्गा हाईस्कूल की स्थापना की गई थी। यहां 600 बच्चे यहां पढ़ रहे हैं। लेकिन किसी प्रकार का शासकीय अनुदान नहीं मिल रहा है। छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैठक व्यवस्था में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की अपनी आर्थिक समस्याएं है जिसके कारण वे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। गांव की पूर्व सरपंच सुनीता मदन चौरसिया और वर्तमान सरपंच रनिया चौरसिया ने बताया कि पंचायत द्वारा प्रस्ताव देकर गांव की शिक्षा पर शासन से ध्यान देने की मांग की गई है।

तीन दशक पुरानी समस्या

ग्रामीण मदन चौरसिया ने बताया कि हाईस्कूल की समस्या तीन दशक पुरानी है। विकास यात्रा, ग्राम सुराज, लोक सुराज, जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीण कई बार आवेदन करते रहे हैं। शासन द्वारा समय-समय पर प्रस्ताव मांगा भी जाता है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राज्य परियोजना कार्य राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन छत्तीसगढ़ ने 13 अक्टूबर 2011 को अपने पत्र में शासकीय उच्च प्राथमिक शाला लंबर का हाईस्कूल में उन्नयन हेतु प्रस्तावित किया गया है। मामला कहां अटका है किसी को नहीं पता। क्षेत्र के कुछ बच्चे निजी शिक्षण संस्था में शुल्क पटाकर पढ़ने को मजबूर हैं। जिससे उन्हें शासन की सरस्वती साइकिल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।