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नगर के सूखते तालाबों को बचाने भरना होगा बारिश का पानी

नगर में छोटे बड़े करके एक दर्जन से ज्यादा तालाब हैं। जिसमें कुछ का कैचमेंट एरिया अच्छा है और ऊपरी हिस्से में होने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 03:20 AM IST

नगर के सूखते तालाबों को बचाने भरना होगा बारिश का पानी
नगर में छोटे बड़े करके एक दर्जन से ज्यादा तालाब हैं। जिसमें कुछ का कैचमेंट एरिया अच्छा है और ऊपरी हिस्से में होने से नगर के आधे प्रमुख तालाबों को व्यर्थ बह रहे पानी से ही भरा जा सकेगा। तालाबों को संरक्षित करने के लिए उन्हें बारिश के पानी से भरना होगा। इसके लिए योजनाएं बनती है मगर गंभीरता न होने के कारण काम नहीं हो पाते। नगर के ऊपर के हिस्से में शंकरमुड़ा तालाब एवं महलपारा का बांध है। वहां से नीचे की ओर आने पर छोटा रानी तालाब है। वहां से डेढ़ किमी आने पर नीचे की ओर जोगी तालाब, छिंदतालाब सहित 4 तालाब हैं। इसके साथ शंकरमुड़ा तालाब के उलट का पानी और सिपेज का पानी सराईपाली के पदमपुर रोड़ स्थित बड़े तालाब में आता है जिसके कारण एकमात्र वही तालाब है जिसमें सालभर पानी रहता है हालांकि संकुचित होते तालाब में पानी भी धीरे-धीरे कम होते जा रहा है। इसका सीधा असर नगर के भू जलस्तर पर पड़ रहा है। आज से 20 साल पहले नगर के जितने बोर थे उनकी 100 फीट अधिकतम गहराई थी आज यह 500 से ऊपर चली गई है। तालाबों के संरक्षण का मुद्दा समय समय पर सामाजिक संस्थाएं उठाती रहीं हैं।

जद्दोजहद

आज से 20 साल पहले नगर के जितने बोर थे उनकी 100 फीट अधिकतम गहराई थी आज यह 500 से ऊपर चली गई है

प्रदूषण रोकना होगा

तालाबों में नाली का पानी भी जाकर उन्हें प्रदूषित कर रहा है जिसे रोकना जरूरी है। इस संबंध में प्रयास संस्था ने लगातार विधायक और कलेक्टर पर दबाव बनाया। पूर्व कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने एक तालाब को विकसित करने और बाकी तालाबों को संरक्षित करने का आश्वासन भी दिया। विधायक ने इस बात को मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात कही लेकिन कुछ नहीं हुआ।

सराईपाली| तालाबों को बारिश की पानी भरने के दिशा में प्रयास करना होगा।

एेसे भर सकते हैं तालाब

पहले महलपारा बांध के उलट से रानी तालाब होते हुए पानी जोगी तालाब तक आता था जिसकी नहरें कहीं कहीं आज भी नजर आती हैं। और जोगी तालाब के नीचे 4 तालाबों तक पहुंचता था। आज स्थिति यह है उलट का पानी व्यर्थ बह रहा है जिसे व्यवस्थित कर आज भी 6 तालाबों को बचाया जा सकता है। जिसमें प्राकृतिक ढंग से बारिश का बांध से व्यर्थ बह रहा पानी तालाबों को जीवन दे सकता है। गूगल से अगर हम शंकरमुड़ा तालाब और महलपारा बांध को देखते हैं ये जोगी तालाब से लगभग 12 और 9 फीट ऊपर हैं। पूर्व सीएमओ राजेश गुप्ता ने विगत वर्ष मार्च में हुई आम बैठक में इस पर योजना बनाने का आश्वासन भी दिया था। तालाबों को बचाना है तो उन्हें संरक्षित कर बारिश के पानी से भरना होगा। विधायक रामलाल चौहान ने कहा कि यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री को दिया हुआ है उसका क्या स्टेटस है पता करना होगा।

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Web Title: नगर के सूखते तालाबों को बचाने भरना होगा बारिश का पानी
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