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जमीन का बयाना लौटाने दिया चेक बाउंस, एक साल की सजा

चेक बाउंस के तीन मामलों में सराईपाली न्यायालय ने दो आरोपियों में से एक को एक-एक और दूसरे को एक साल कैद की सजा सुनाते...

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 03:30 AM IST
जमीन का बयाना लौटाने दिया चेक बाउंस, एक साल की सजा
चेक बाउंस के तीन मामलों में सराईपाली न्यायालय ने दो आरोपियों में से एक को एक-एक और दूसरे को एक साल कैद की सजा सुनाते हुए राशि वापस करने का आदेश दिया है। गिरसा के हुर्षिकेश पटेल ने शिक्षक साखीराम पटेल से आपसी संबंध अच्छे होने के कारण छात्रावास के पीछे की जमीन का सौदा किया और 51 हजार रुपए बयाना दिया था और शेष रकम रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई।

लेकिन जब प्लाट रजिस्ट्री कराने साखीराम से कहा तो उसने रजिस्ट्री बंद है कह कर टाल दिया। इस हुर्षिकेश ने पटवारी से जानकारी ली। जिस पर पटवारी ने बताया कि वह जमीन दूसरे व्यक्ति के पक्ष मे रजिस्ट्री हो चुकी है। सच्चाई जानने का बाद साखीराम पटेल से बयाना की राशि लौटाने की मांग की। जिस पर साखीराम पटेल ने स्टेट बैंक सराईपाली का 38 हजार रुपए का चेक दिया और 13 हजार बाद मे देने का वादा किया। चेक बैंक में लगाने पर बाऊंस हो गया। इसके बाद प्रार्थी ने न्यायालय में मामला दर्ज कराया। जिसमें साखीराम पटेल को दोषी पाते हुए 1 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई, वहीं 57 हजार रुपया प्रतिकार अपीलीय भुगतान करने का आदेश दिया।

6 लाख का उधार चुकाने दिए चेक बाउंस: इधर ग्राम गिरसा के कार्तिकराम ने स्थानीय न्यायालय में मामला दायर कर आरोप लगाया था कि उसके साल्हेतराई के खिरोद्र प्रधान अच्छे संबंध थे। खिरोद्र ने कार्तिकराम से घरेलू आवश्यकता बताते हुए 6 लाख रुपए उधार लिए थे। साथ ही यह कहा था कि राशि अदा नहीं कर पाने पर वह साल्हेतराई स्थित भूमि जिसका रकबा 1.4 हेक्टेयर है उसे रजिस्ट्री कर देगा। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद न रकम दिया और न जमीन रजिस्ट्री कराई। बार-बार राशि मांगने पर कोआपरेटिव बैंक सांकरा का 5 लाख 50 हजार का चेक दिया।

लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने पर वह चेक बाउंस हो गया। इसकी जानकारी कार्तिकराम ने खिरोद्र प्रधान को दी, जिस पर प्रधान ने 15 दिन के अंदर राशि देने का आश्वासन दिया और अगर राशि नहीं दे पाया तो जमीन रजिस्ट्री करने की बात कही। राशि नहीं मिलता देख कार्तिकराम ने न्यायालय में मामला दायर किया। वहीं खिरोद्र ने 6 लाख में से बचे 50 हजार का चेक अलग से दिया गया था।

वह चेक भी बाउंस हो गया, दोनों अलग-अलग चले मामलाें में न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार महोबिया ने खिरोद्र प्रधान को 1-1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई और एक माह के भीतर 5 लाख 50 हजार चेक की राशि व 50 हजार के चेक की राशि भुगतान करने का आदेश दिया। यह दोनों चेक के मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता आरएन आदित्य ने पैरवी की थी।

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