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विवाह पंजीयन कराने के लिए लोगों मेंे नहीं है रूचि, प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जा रहा

विवाह पंजीयन की अनिवार्यता लागू हुए 12 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन इसके प्रति लोगों की रूचि नहीं है। दूसरी तरफ प्रशासन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 27, 2018, 04:30 AM IST

विवाह पंजीयन की अनिवार्यता लागू हुए 12 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन इसके प्रति लोगों की रूचि नहीं है। दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा मे प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है क्योंकि आम लोगों को यह पता ही नही है कि इसका पंजीयन कहां होगा और कैसे होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने 2 नवंबर 2006 के एक निर्णय मे विवाह पंजीयन को अनिवार्य कर दिया था।

विवाह पंजीयन कानून के अनुसार विवाह के लिए पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं महिला की 18 वर्ष तय की गई है। 2006 से अब तक इस अंचल में हजारों की संख्या में विवाह हो चुके है, पर पंजीयन कराने मे चंद लोगों ने ही रूचि दिखाई है। चाहे वह शहरी क्षेत्र हो ग्रामीण, दोनों ही क्षेत्रों मे विवाह पंजीयन के प्रति जागरूकता का अभाव देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र का एक बहुत बड़ा वर्ग विवाह पंजीयन कानून से ही अनभिज्ञ है। जिस तरह किसी भी शासकीय कार्य हेतु जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक होते है। इसी तरह से शासकीय योजनाओं का लाभ लेने विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता होती है। अब तक विवाह पंजीयन जिन्होंने भी कराया है उनमें से ज्यादातर वीसा से जुड़े मामले है।

नगर पंचायत में विवाह पंजीयन कैसे कराएं

विवाह का पंजीयन नगर पंचायत में होता है। इसके लिए एक निर्धारित आवेदन मे विवाह का निमंत्रण पत्र, वर-वधू की फोटो के साथ 140 रुपए जमाकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन विवाह के एक माह के भीतर करना होगा। लेट फीस के साथ एक साल के भीतर करवाया जा सकेगा। सीएमओ केएल नायक ने कहा कि विवाह पंजीयन अपेक्षित नही है। इसके लिए सामाजिक जागरूकता लाने के लिए प्रयास किया जाएगा।

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Web Title: विवाह पंजीयन कराने के लिए लोगों मेंे नहीं है रूचि, प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जा रहा
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