• Home
  • Chhattisgarh News
  • Simga
  • Simga - बिलासपुर-रायपुर फोरलेन के काम में देरी, ठेकेदार सहित एनएचआई के अफसर हाईकोर्ट बुलाए गए
--Advertisement--

बिलासपुर-रायपुर फोरलेन के काम में देरी, ठेकेदार सहित एनएचआई के अफसर हाईकोर्ट बुलाए गए

बिलासपुर से रायपुर तक बन रही फोरलेन सड़क के काम में लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को नेशनल...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:10 AM IST
बिलासपुर से रायपुर तक बन रही फोरलेन सड़क के काम में लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हाईवे समेत दो ठेका कंपनियों के अफसरों को हाजिर होने कहा था। नवंबर में हाईकोर्ट ने काम पूरा करने के लिए दिसंबर 2018 की डेडलाइन तय करने के साथ ही एक तरफ की सड़क को मार्च 2018 तक पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।

बिलासपुर- रायपुर फोरलेन को लेकर हाईकोर्ट में रायपुर निवासी रजत तिवारी ने 2016 में जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद केंद्र, राज्य शासन से संबंधित विभागों और तीनों ठेका कंपनियों को नोटिस जारी किया गया। अब तक 14 से अधिक सुनवाई हो चुकी है, जिसमें हाईकोर्ट ने कई बार दिशा- निर्देश जारी किए। अक्टूबर में हाईकोर्ट ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए सीपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव और ईएनसी, नेशनल हाईवे के क्षेत्रीय अधिकारी और ठेका कंपनियों के जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने 13 नवंबर 2017 को फोरलेन का काम 31 दिसंबर 2018 तक पूर्ण करने कहा था। मार्च 2018 तक फोरलेन की एक तरफ की सड़क का काम पूरा करने कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। बुधवार को चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने मंगलवार को सुनवाई तय करते हुए नेशनल हाईवे, एलएंडटी और पुंज लॉयड के अधिकारियों को उपस्थित होने कहा है।

एक तरफ की.. सड़क को मार्च 2018 तक पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका

तीन साल में हाईकोर्ट में 14 बार हो चुकी है सुनवाई

नांदघाट से सिमगा के बीच फोरलेन का काम अधूरा होने के कारण दिनभर धूल उड़ती रहती है।

1266 करोड़ का फोरलेन: एक नजर में

फोरलेन के निर्माण के लिए तीन कंपनियों दिलीप बिल्डकॉन, एलएंडटी और पुंज लाॅयड के साथ शासन ने एग्रीमेंट किया। प्रोजेक्ट पर कार्य वर्ष 2012 में शुरू हुआ और अंतिम टेंडर अक्टूबर 2015 में जारी किया गया। बार-बार प्रोजेक्ट अटकने की वजह से सड़क की लागत करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए तक बढ़ गई है। पहले प्रोजेक्ट 900 करोड़ रुपए का था, अब 127 किमी की सड़क बनाने पर 1266 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रायपुर से सिमगा तक 46 किमी तक की सड़क सिक्स तथा सिमगा से बिलासपुर 79 किमी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। वर्क आर्डर के मुताबिक तीनों कंपनियों को अप्रैल-मई 2018 तक काम पूरा करना था, लेकिन अब तक एक ही तरफ की सड़क पूरी नहीं बन पाई है।

नवंबर में.. हाईकोर्ट ने काम पूरा करने के लिए दिसंबर 2018 की डेडलाइन तय की थी

रिपेयरिंग के अभाव में सर्विस रोड की हालत दिनोंदिन बिगड़ रही

पहले रायपुर से बिलासपुर पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते थे, जबकि अभी चार घंटे से अधिक लग रहे हैं। बिलासपुर- रायपुर तक पुरानी सड़क की हालत भी बेहद खराब है, जबकि इसे दुरुस्त करने और व्यवस्थित रखने को लेकर हाईकोर्ट ने कई बार निर्देश भी जारी किए हैं, लेकिन संबंधित विभागों की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की गई। अब इस सड़क की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है। अगर पुरानी सड़क की समय- समय पर मरम्मत की जाए तो लोगों की परेशानी कुछ हद तक दूर हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।