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दस घंटे काम के बदले मिल रहे 160 रुपए शोषण के खिलाफ जुटे मजदूरों का धरना

भास्कर न्यूज | ओटगन (सिमगा) कामता गांव में श्वेता एग्रो पोल्ट्री फार्म के 200 मजदूर 25 जुलाई से मजदूरी दर बढ़ाने सहित...

Dainik Bhaskar

Jul 27, 2018, 03:35 AM IST
दस घंटे काम के बदले मिल रहे 160 रुपए शोषण के खिलाफ जुटे मजदूरों का धरना
भास्कर न्यूज | ओटगन (सिमगा)

कामता गांव में श्वेता एग्रो पोल्ट्री फार्म के 200 मजदूर 25 जुलाई से मजदूरी दर बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पोल्ट्री फार्म के मुख्य गेट के सामने हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे हड़ताल पर डटे रहेंगे। मजदूरों का कहना है कि 10 घंटे के काम के बाद भी 160 रुपए मजदूरी दी जाती है। फार्म में चोट लगने पर न इलाज कराया जाता है और न ही इलाज का पैसा दिया जाता है।

गुरुवार को किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रामविलास साहू ने हड़ताल पर बैठे मजदूरों को समर्थन देते हुए उनकी मांगों को जायज बताता। मजदूरों के साथ पुलिस अफसरों और पोल्ट्री फार्म के मैनेजर को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष के साथ ब्लॉक कांग्रेस के महामंत्री हिरेन कोसले, सरपंच चंद्रशेखर साहू, अश्विनी बारले भी उपस्थित थे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि पोल्ट्री फार्म के मालिक के आने तक हड़ताल वापस ली जाती है। सात दिन के भीतर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। कामता के पोल्ट्री फार्म में बिनैका, ओटगन कामता, झिरीया, लांजा, पौंसरी, नयापारा, सिमगा सहित आसपास गांवों के लगभग 200 से अधिक लोग मजदूरी करने आते हैं। यहां नाबालिग लड़के-लड़कियां भी बड़ी संख्या में मजदूरी करते हैं। रुक्मणि, सुनीता, कांति, मानबाई, रेशमी, संतोषी, सहदेव, प्रदीप, लाला, रमेश, प्रह्लाद, छबी और राजू आदि का कहना है कि फार्म में सुबह 8 से 6 बजे तक काम करने के बाद केवल 160 रुपए मजदूरी दी जाती है, जिसे बढ़ाया जाए। मीना कोसले व मंजू बंजारे ने बताया कि काम के दौरान किसी मजदूर को चोट लगने पर नहीं इलाज कराया जाता है और ना ही इलाज का खर्च दिया जाता है। सिमगा निवासी नाबालिग मजदूर ओमप्रकाश ने बताया कि मशीन चलाते हुए उसके पैर की उंगली कट जाने पर भी उसका इलाज नहीं कराया गया।

सुरक्षा के लिए महिला कर्मचारी नहीं: पोल्ट्री में स्थानीय के बदले बाहरी मजदूरों को ज्यादा रखा गया है। यहां सबसे ज्यादा महिला मजदूर हैं फिर भी उनकी सुरक्षा के लिए एक भी महिला मुंशी या कर्मचारी नहीं है।

ओटगन (सिमगा). कामता स्थित पोल्ट्री के बाहर मजदूरी बढ़ाने को लेकर हड़ताल पर बैठे मजदूर।

महिलाओं के साथ मुंशी करता है दुर्व्यवहार

पोल्ट्री के मुंशी द्वारा महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की जाती है। विरोध करने वालों को नौकरी से हटा दिया जाता है। लंच टाइम में खाना खाने के लिए साफ व सुरक्षित स्थान भी नहीं है। ऐसी स्थिति में गंदगी के बीच खाना खाना पड़ता है। वहीं महिलाओं और पुरुषों के लिए एक ही शौचालय है।

मालिक के लौटने पर ही निकलेगा हल: मैनेजर

इस संबंध में पोल्ट्री फार्म के मैनेजर सोहन सिंह का कहना है कि मालिक अभी नाइजीरिया में है। उनके आने के बाद ही कोई हल निकलेगा। मैं इस मामले में कुछ नहीं कर सकता हूं।

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