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मानसगान... रामायण कलयुग का प्रयोग शास्त्र: बैस

मानसगान... रामायण कलयुग का प्रयोग शास्त्र: बैस सिर्री | ग्राम अटंग में तीन दिवसीय मानसगान प्रतियोगिता का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 05, 2018, 03:40 AM IST

मानसगान... रामायण कलयुग का प्रयोग शास्त्र: बैस
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सिर्री |
ग्राम अटंग में तीन दिवसीय मानसगान प्रतियोगिता का शुभारंभ पं. राधेरमन शर्मा, चिरायु कृदत्त, निम्मी चौबे, शांति देवी, गायत्री के आतिथ्य में हुआ। द्वितीय दिवस अतिथि के रूप में जप उपाध्यक्ष छत्रपाल बैस उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रामायण कलयुग का प्रयोग शास्त्र है। एक भाई को दूसरे भाई के प्रति कैसा होना चाहिए, गो माता के प्रति हमारा क्या फर्ज होना चाहिए, हम एक दूसरे के प्रति कैसा व्यवहार करें, यह सारी शिक्षा रामायण को पढ़ने और सुनने से मिलती है। कार्यक्रम में रोशन चंद्राकर, रूद्रनाथ साहू, डाॅ. द्वारिका साहू समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।

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Web Title: मानसगान... रामायण कलयुग का प्रयोग शास्त्र: बैस
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