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सीएम ने पूछा- सबको मिल रहा पीने का पानी ? लोग बोले- योजना ही अधूरी, झूठ बोल रहे अफसर

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा/किरंदुल लोक समाधान शिविर के तहत रविवार को किरंदुल के डीएवी स्कूल परिसर पहुंचे...

Dainik Bhaskar

Mar 19, 2018, 03:05 AM IST
सीएम ने पूछा- सबको मिल रहा पीने का पानी ? 
 लोग बोले- योजना ही अधूरी, झूठ बोल रहे अफसर
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा/किरंदुल

लोक समाधान शिविर के तहत रविवार को किरंदुल के डीएवी स्कूल परिसर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जल आवर्धन योजना पूरी नहीं होने पर अफसरों को तलब किया। सीएम ने आते ही मुख्यमंत्री ने आते ही पालिका सीएमओ अशोक जैन से नगर की समस्याओं व निराकरण के बारे में पूछा। इसके बाद माइक पर जब महिलाओं से पूछा कि उन्हें बिजली कनेक्शन और पीने के पानी की सुविधा मिल गई है या नहीं? तो जवाब में पंडाल में शोर-शराबा मच गया। कुछ महिलाओं ने बोला-सीएम साहब अफसर झूठ बोल रहे, अभी जल आवर्धन योजना पूरी ही नहीं हुई है। इनमें से 2 महिलाओं को शांत कराने महिला पुलिसकर्मी और गीदम तहसीलदार दिव्या पोटाई पहुंची, लेकिन बाकी लोग भी शोर मचाने लगे।

सीएम ने पीएचई के कार्यपालन अभियंता इंद्रपाल मंडावी से तल्ख लहजे में पूछा कि-जल आवर्धन योजना की खराब स्थिति है? ईई बोले कि पहले मलांगीर से पानी लेना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से अब मदाड़ी नाले से पानी लेंगे। नाराज सीएम बोले कि मदाड़ी हो या मलंगेर, योजना कब पूरी होगी, ये बताएं। सर्वे बगैर योजना बना ली, ओवरहेड टैंक बना लिया, पाइपलाइन बिछा ली, बोलते हाे कि पानी खोज रहे। कब तक होगा बताएं।

मुख्य सचिव अजय सिंह ने पूछा कि क्या इसकी डीपीआर बन गई है? जवाब में हां कहने पर मुख्य सचिव ने हैरत जताई कि यह कैसा प्रोजेक्ट है जिसमें पहले इस्टीमेट, प्रोजेक्ट बन जाता है, और बाद में पानी नहीं मिलने की समस्या आती है। मुख्यमंत्री ने फिर पूछा- कितने समय में ये काम पूरा होगा। इस पर पीएचई ईई ने कहा- अाठ महीने में। सीएम ने सीएसईबी अफसर से पूछा कि क्या नगर में शत-प्रतिशत बिजली कनेक्शन मिल गए हैं? इससे पहले कि अफसर जवाब देते, भीड़ ने फिर बोला-नहीं। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं का समाधान का भरोसा दिया। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अजय सिंह, जिलापंचायत अध्यक्ष कमला नाग, सदस्य चैतराम अटामी, नंदलाल मुड़ामी,नगर पालिका अध्यक्ष ए राजीमोल, आरसी नाहक मौजूद थे।

सीएम की घोषणा की मुख्य बातें






जगदलपुर. शादी के बाद अपनी नवब्याहता प|ी के साथ सेल्फी लेता दूल्हा।

11 सौ जोड़ों का बसा घर, कई ऐसे जो 4 साल से रह रहे साथ

जगदलपुर | लंबी तैयारियों के बाद रविवार को लालबाग मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 11 सौ जोड़े परिणय सूत्र में बंध गए। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयोजन में कई ऐसे जोड़े भी मिले जो 3-4 साल से साथ ही रह रहे। सुकमा के तोंगपाल व छिंदगढ़ से आए जोड़ों की शादी भी करा दी गई। इसे 1100 की संख्या जुटाने की जुगत का नतीजा बताया जा रहा है। संख्या अधिक होने से अव्यवस्था भी दिखी, दर्जनों दूल्हे नंगे पैरे थे, जबकि ईसाई समाज के 25 जोड़ों को अपने लाए कपड़े पहनने पड़े। सुबह से दुल्हनें भूखी-प्यासी बैठी रहीं, वीर सावरकर भवन में खाने-पीने की बदइंतजामी थी। जबकि कलेक्टर धनंजय देवांगन खुद व्यवस्था में जुटे थे।

सीएम ने कहा-दीर्घायु रहें

मुख्यमंत्री देर शाम आयोजन में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि विवाह त्याग और कर्तव्यों से भरी परंपरा है। हम बेटी को सीने से लगाकर रखते हैं, उसे एक अपरिचित के हाथों इस विश्वास के साथ सौंपते हैं कि उसे वैसा ही लाड-प्यार मिलेगा।

पहले अपात्र, फिर शादी

ऐसे कई जोड़े भी मिले, जो कई साल से साथ रह रहे। बालेंगा के पूरन ने बताया कि वह पारो के साथ बिना शादी के 4 सालों से रह रहा है। इसी तरह छिंदगढ़ के कोयना और लमानी भी 4 साल से साथ रह रहे थे। तुरेनार की र|ा अपनी ननद के कहने पर पिछले 8 महीनों से घर में रह रही बहू की शादी अपने बेटे से कराने पहुंची थीं।

ड्रम और थाली-गिलास ही मिले

जोड़ों की शादी के लिए 11500 रुपए खर्च किए जाने थे, इसमें गृहस्थी का सामान, जोड़ा, टेंट का खर्च व प्रोत्साहन राशि शामिल है। जोड़ों की शिकायत थी कि उन्हें पलंग, गद्दा-चादर नहीं मिले, कुकर लाया गया लेकिन दिया नहीं गया। सीएम से आशीर्वाद लेने वाले जोड़ों को सबसे अधिक सामान मिला, हालांकि इनमें पलंग, गद्दा नहीं था। कचनार आमागुड़ा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विमला बघेल ने बताया कि उनके लाए गए जोड़ों को केवल ड्रम, थाली, गिलास ही मिल सका।

रमन पहुंचे किसान के घर, आंगन में साथ की पूजा, मक्का भी खाया

कोंडागांव | लोक सुराज अभियान के 8वें दिन सीएम डॉ. रमन सिंह कोंडागांव के नक्सल प्रभावित गांव पुसापाल पहुंचे। उन्होंने इस दौरान बच्चों से बात की, किसान परिवार के अांगन में तुलसी पूजन भी किया। गांव में घुसते ही सीएम पेड़ की डाल पर खेल रहे बच्चों को देखकर ठिठक गए, उनके पास पहुंचे और हाथ मिलाया। उनसे पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है। इसके बाद वे राशन दुकान पर गए, वहां महिला समूह की सदस्यों के आग्रह पर केरोसिन टैंकर दिलाने की तत्काल हामी भरी। ग्रामीण सहज महसूस करें इसलिए डॉ. रमन सबसे मिलने और हालचाल लेने की कोशिश करते दिखे।

तु़रंत मंगवाई चप्पलें, महिला को भेंट की

सीएम इसके बाद आगे बढ़े तो किसान रायसिंह नेताम के खेत में समतलीकरण का काम भी चल रहा था। कोई दिक्कत तो नहीं, ये पूछने पर नेताम परिवार ने बताया कि उन्हें तेंदूपत्ते का बोनस मिला है। लेकिन प|ी राजवंती को चरणपादुका नहीं मिली है। सीएम का इशारा मिलते ही वन विभाग के अफसरों ने तुरंत एक जोड़ी चप्पल मंगवाई और सीएम के सामने भेंट की। इस मौके पर राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की अध्यक्ष लता उसेंडी, मुख्य सचिव अजय सिंह और अन्य अफसर थे।

हेलीकॉप्टर से उतरते ही पहुंचे किसान के घर

सीएम हेलीकॉप्टर से उतरते ही पास ही में स्थित आदिवासी किसान घासीराम नेताम के घर पहुंच गए। नेताम परिवार आंगन में तुलसी चौरे में पूजा कर रहा था। सीएम को देख वे हतप्रभ रह गए। सीएम ने उनसे बात की और साथ में पूजन किया। डॉ. रमन ने वहां चाव से भुना हुआ मक्का भी खाया। वे बाड़ी में भी गए। नेताम ने उन्हें बताया कि कैसे सौर पंप से वो 15-20 क्विंटल मक्के के अलावा सब्जी की खेती कर रहा है। सीएम को किसान की बेटियों मंजू और मनीषा ने ग्रीटिंग कार्ड भेंट किया तो उन्होंने दोनों को आशीर्वाद दिया।

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