• Hindi News
  • Chhatisgarh
  • Sukma
  • दंतेवाड़ा जेल में कचरा लेने आए कर्मियों को पीटा, चाबी छीनकर चार नक्सली भागे, अलार्म बजने पर जवानों ने जेल से 100 मीटर दूर दबोचा
--Advertisement--

दंतेवाड़ा जेल में कचरा लेने आए कर्मियों को पीटा, चाबी छीनकर चार नक्सली भागे, अलार्म बजने पर जवानों ने जेल से 100 मीटर दूर दबोचा

Dainik Bhaskar

Mar 25, 2018, 03:35 AM IST
दंतेवाड़ा जेल में कचरा लेने आए कर्मियों को पीटा, चाबी छीनकर चार नक्सली भागे, अलार्म बजने पर जवानों ने जेल से 100 मीटर दूर दबोचा

भास्कर न्यूज नेटवर्क | दंतेवाड़ा

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की जेल में बंद चार नक्सलियों ने शनिवार को कूड़ा उठाने आए नगरपालिका कर्मियों के साथ मारपीट कर भागने की कोशिश की। लेकिन एक कर्मचारी के अलार्म बजाने के साथ ही बाहर खड़े सीएएफ के जवानों ने उन्हें महज 15 मिनट में ही 100 मीटर की दूरी पर पकड़ लिया। भागने की कोशिश करने वालों में भीमा माडवी, बामन मड़कामी, मड़कामी हिड़मा, पदाम भीमा शामिल हैं। ये चारों नक्सली बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं। एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि 4 कैदियों ने फरार होने की कोशिश की थी, जिन्हें पकड़ लिया गया। जिला जेल व सीएएफ के जवानों को एसपी कमलोचन कश्यप ने 10-10 हजार रुपए का इनाम दिया है।


कर्मचारियों को गमछे में बांधकर पीटा और मेन गेट की चाबी छीनी

सुबह 9 बजे नगरपालिका की गाड़ी जिला जेल के सामने पहुंची थी। तीन कर्मचारी कचरा लेने जैसे ही दूसरे नंबर के दरवाजे से अंदर जा रहे थे, तभी चारों कैदियों ने उन्हें गमछे से बांधकर पीटा और चाबी छीन ली। इसी बीच एक कर्मचारी ने अलार्म बजा दिया। इस पर सीएएफ के जवान सतर्क हो गए। जवानों ने करीब 100 मीटर तक चारों कैदियों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।

2007 में भागे थे 299 कैदी

दंतेवाड़ा में 16 दिसंबर 2007 को सबसे बड़ा जेल ब्रेक हुआ था। इस जेल ब्रेक में 299 विचाराधीन कैदी जेल से फरार हो गए थे। इनमें से कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। 24 मार्च 2018 की स्थिति में 720 विचाराधीन कैदी जिला जेल में हैं।

यह है पूरा घटनाक्रम








क्षमता से तीन गुना ज्यादा कैदी: दंतेवाड़ा जिला जेल में वर्तमान में 720 कैदी हैं। जेल की क्षमता पहले 150 थी, लेकिन हाल में दो अतिरिक्त कमरे बनाए गए हैं। ऐसे में फिलहाल करीब 250 कैदियों की क्षमता वाली जेल है। यहां क्षमता से तीन गुना ज़्यादा दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर जिले के विचाराधीन बंदी हैं। सुरक्षा के लिहाज़ से जेल के बाहर सीएएफ के जवानों का पहरा 24 घंटे रहता है,जबकि जेल के अंदर जेल के कर्मचारी तैनात हैं।

घटना के बाद दंतेवाड़ा जेल पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी।

कैदियों की प्रोफाइल

भीमा माडवी : अरनपुर थाना क्षेत्र के परियानपारा का रहने वाला। जानलेवा हमले का प्रयास समेत कई वारदातों में भी शामिल रहा। फरवरी 2017 में हुई थी गिरफ्तारी।

बामन मड़कामी : कुआकोंडा थाना के फुलपाड़ का रहने वाला है। साल 2017 में हत्या के प्रयास व कई घटनाओं को अंजाम देने के मामले में जेल में कैद है।

मड़कामी हिड़मा : नीलावाया का रहने वाला है। हत्या के प्रयास करने सहित अन्य मामले में शामिल रहा। दिसंबर 2017 में हुई थी गिरफ्तारी।

पदाम भीमा: चिंतागुफा थाने के तिमेलवाडा निवासी। इस पर हत्या के प्रयास सहित अन्य मामले थाने में दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी 19 सितंबर 2017 को हुई थी।

X
दंतेवाड़ा जेल में कचरा लेने आए कर्मियों को पीटा, चाबी छीनकर चार नक्सली भागे, अलार्म बजने पर जवानों ने जेल से 100 मीटर दूर दबोचा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..