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सड़क काटने नहीं पहुंचे तो हिड़मा और साथियों ने सरपंच सहित ग्रामीणों को घर से निकालकर पीटा

सुकमा | किस्टाराम थाना क्षेत्र के पालाचलमा गांव में शुक्रवार रात नक्सलियों की बटालियन नंबर एक का कमांडर खूंखार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 16, 2018, 03:45 AM IST

सुकमा | किस्टाराम थाना क्षेत्र के पालाचलमा गांव में शुक्रवार रात नक्सलियों की बटालियन नंबर एक का कमांडर खूंखार नक्सली हिड़मा साथियों सहित आ धमका। नक्सलियों ने गांव वालों को एक-एक घर से बाहर निकाला। बैठक लेकर फरमान की नाफरमानी करने पर गांव वालों सहित सरपंच के र|ा और पटेल माड़वी हांदा समेत एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों की बेदम पिटाई की।

एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि नक्सलियों ने बीते दिनों पालाचलमा के ग्रामीणों को कांसाराम सड़क काटने के लिए बुलावा भेजा था। गांव वाले नहीं गए। इसी बात से नक्सली नाराज चल रहे थे। ग्रामीणों की पिटाई के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने की धमकी भी नक्सलियों ने दी है। एसपी ने बताया कि नक्सली धमकी से डरे जनप्रतिनिधि और गांव वालों ने वारदात की रिपोर्ट अब तक थाने में दर्ज नहीं कराई है।

एसपी की बैठक में शामिल होने पर भड़के थे नक्सली : बीते 19 दिसंबर को किस्टाराम थाने में ग्रामीणों की बड़ी बैठक हुई थी। बैठक में किस्टाराम थाने के आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांव के ग्रामीण पहुंचे थे। एसपी अभिषेक मीणा की मौजूदगी हुई बैठक में ग्रामीणों ने नक्सलियों को कोर एरिया पालाचलमा,सालातोंग एवं डब्बामरका इलाके में फोर्स का नया कैंप खोलने की मांग की थी। हिड़मा ने शुक्रवार की बैठक में इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि पुलिस के बुलाने पर ग्रामीण बैठक में शामिल होते हैं तो उनके बुलावे पर कांसाराम सड़क काटने क्यों नहीं आए। बीते माह किस्टाराम में हुई बैठक में ग्रामीणों ने पालाचलमा समेत नक्सलियों के कोर एरिया में कैंप खोलने की मांग की थी। ग्रामीणों के मांग के मुताबिक भविष्य में इन इलाकों में फोर्स के कैंप खोले जाने हैं। नक्सली इसी बात से बौखलाए हुए हैं।

फोर्स के एप्रोच पुल को नक्सलियों ने विस्फोट कर फिर की उड़ाने की कोशिश

सुकमा | नक्सलियों ने रविवार की रात करीब 9:45 बजे धरमापेंटा कैंप के पास पुल पर एक के बाद एक दो आईईडी ब्लास्ट कर पुल को उड़ाने की नाकाम कोशिश की। धरमापेंटा कैंप तक रसद समेत अन्य सामग्री पहुंचाने के लिए यह एप्रोच पुल ही एकमात्र साधन है। आईईडी ब्लास्ट में पुल बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। नक्सलियों ने इससे पहले 27 दिसंबर को भी इसी पुल को उड़ाने की कोशिश की थी। रविवार को किए गए दो विस्फोट के बाद पुल बीच से क्रेक हो गया है। भारी वाहन के पुल से गुजरने पर खतरा भी हो सकता है।

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