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किसानों की समस्याएं, सीमेंट के रेट पीने के पानी का संकट सदन में गूंजा

विधानसभा में शुक्रवार को किसानों का मुद्दा फिर आया। कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि किसान सरकार से...

Dainik Bhaskar

Feb 24, 2018, 04:00 AM IST
किसानों की समस्याएं, सीमेंट के रेट 
 पीने के पानी का संकट सदन में गूंजा
विधानसभा में शुक्रवार को किसानों का मुद्दा फिर आया। कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि किसान सरकार से परेशान हैं। उनकी कोई नहीं सुन रहा तो उन्हें चीफ जस्टिस के पास जाना पड़ा। कृपया स्थगन ग्राह्य कर चर्चा कराएं।

शून्यकाल में शर्मा ने अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल से यह मांग की। पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने भी समस्याओं की ओर ध्यान खींचा। लालजीत सिंह राठिया ने धरमजयगढ़ में पानी की समस्या उठाई। मोहन मरकाम ने 19 फरवरी को चार छात्रों को माओवादी बताकर गिरफ्तार करने का मुद्दा उठाया। अमरजीत भगत ने सीमेंट की बढ़ती कीमतों का जिक्र किया। दलेश्वर साहू ने परिवार सहायता योजना का लाभ न मिलने की बात कहीं। वृहस्पति सिंह ने बलरामपुर जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ने व घटिया रेडी-टू-ईट का मुद्दा उठाया। दिलीप लहरिया ने अनुसूचित जाति के बच्चों को स्कॉलरशिप ने मिलने का जिक्र किया। लखेश्वर बघेल ने भी क्षेत्र की समस्या उठाई। भूपेश बघेल ने महावीर चौरड़िया आत्महत्या मामले को नोटबंदी से जोड़ते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की बात कही। सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि कालेधन का पूरा खेल राजनांदगांव में हो रहा है। धनेंद्र साहू ने गोबरा नवापारा में तीन पेयजल योजनाओं के मंजूर होने के बाद भी काम न होने पर ध्यान खींचा। आरके राय ने शक्कर कारखाना बंद होने का उल्लेख किया। चुन्नीलाल साहू ने अकलतरा में बाइपास रोड न बनने सो रहे हादसों का उल्लेख करते हुए दुर्घटना में एक मौत की जानकारी दी। गिरवर जंघेल ने पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। अरूण वोरा ने दुर्ग की आउटर कालोनियों में पीने के पानी के संकट का मुद्दा उठाया। डॉ. प्रीतम राम ने राजपुर में घटिया केवीके लगाने का उल्लेख किया। सरोजनी बंजारे ने आदिवासी समाज के मंदिर को नुकसान पहुंचाने का जिक्र किया।

कभी दूध और कभी खाने से बच्चे क्यों बीमार पड़ रहे मंत्री जी?

दंतेवाड़ा की कांग्रेस विधायक देवती कर्मा ने शिक्षामंत्री केदार कश्यप से पूछा कि सुकमा-दंतेवाड़ा में आदिवासी हॉस्टलों व पोटा केबिनों में रहने वाले कभी दूध पीने और कभी भोजन से क्यों बीमार हो रहे हैं? आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

आदिवासी बहुल सुकमा के कोंटा में बिरला छात्रावास में पढ़ रही 27 छात्राएं 20 फरवरी को फूड पाइजनिंग की शिकार हो गई। यह मुद्दा सदन में ध्यानाकर्षण में कवासी लखमा, दीपक बैज व कर्मा ने उठाया। उन्होंने कहा कि घटना के समय हॉस्टल अधीक्षिका गायब थी। सीआरपीएफ के जवानों की मदद से उन्हें एर्राबोर अस्पताल पहुंचाया गया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के ट्राइबल हॉस्टलों में ढाई लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें से कुछ बीमार हो जाते हैं। मंत्री ने सदस्यों की मांग पर फूड पाइजनिंग के शिकार गंभीर बच्चों को जरूरत पड़ने पर राजधानी लाकर इलाज कराने का भरोसा दिलाया।

टावर लगाने से पहले मुआवजा जरूरी: पांडेय

सदन में दूसरे ध्यानाकर्षण में केशव चंद्रा ने जांजगीर जिले में बिजली के लिए लगाए जा रहे टावरों और किसानों को जमीन का मुआवजा न मिलने की ओर ध्यान खींचा। राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि टावर खड़ा करने से पहले जमीन मालिक को मुआवजा देना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं है तो कार्रवाई होगी। चंद्रा ने मंत्री को बताया कि निजी व सरकारी जमीन के हजारों फलदार, इमारती व जलाऊ के पेड़ काट डाले गए हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है।

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