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हैदराबाद जा रही नई बस को पहले ही दिन नक्सलियों ने फूंका

भास्कर न्यूज | जगदलपुर/दोरनापाल नेशनल हाईवे-30 पर सुकमा जिले में नक्सलियों ने सोमवार रात जमकर उत्पात मचाया। यहां...

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 04:00 AM IST
भास्कर न्यूज | जगदलपुर/दोरनापाल

नेशनल हाईवे-30 पर सुकमा जिले में नक्सलियों ने सोमवार रात जमकर उत्पात मचाया। यहां पेंटा सीआरपीएफ कैंप से करीब एक किमी दूर नक्सलियों ने एक-एक कर 6 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इनमें तीन बस और तीन ट्रक शामिल हैं। नक्सलियों ने मलकानगिरी से हैदराबाद जा रही एक नई बस को भी आग के हवाले कर दिया है। सोमवार शाम पहली बार मलकानगिरी से सीधे हैदराबाद के लिए बस सेवा की शुरुआत की गई थी। यह बस शाम साढ़े पांच बजे मलकानगिरी से निकली थी और तीन घंटे सफर के बाद जब बस रात साढ़े आठ बजे के करीब पेंटा कैंप के आगे पहुंची तो नक्सलियों ने इसे फूंक दिया। सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि ग्रे हाउंड के हमले के विरोध में नक्सलियों ने गाड़ियों में आग लगाई है।

मलकानगिरी में पूजापाठ के बाद रवाना की गई थी बस।

बस चालू होने से पहले नाव से करते थे सफर : इस बस में ज्यादातर यात्री ऐसे थे जो नई सेवा के पहले दिन घूमने के लिए बस में सवार हो गए थे। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि इससे पहले मलकानगिरी के लोगों को हैदराबाद जाने के लिए मलकानगिरी से मोटू जाना पड़ता था। मोटू से नाव के सहारे नदी पार करने के बाद कोंटा पहुंचकर यहां से पैदल सफर तय कर आंध्र के बार्डर तक पहुंचना पड़ता था। इसके बाद हैदराबाद के लिए बस मिलती थी।

तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर शादी समारोह में मारे गए थे नक्सली

इधर तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर ग्रे हाउंड और स्टेट पुलिस ने कुछ दिन पहले नक्सलियों के शादी समारोह में धावा बोलकर दस नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें 6 महिला नक्सली भी मारी गई थीं। फोर्स ने नक्सलियों के शवों के साथ बड़ी संख्या में टिफिन बम, कुकर बम, जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इलाके के लोगों की मानें तो एनकाउंटर के बाद से इस इलाके में फोर्स ने कोई मूवमेंट ही नहीं किया है। जिस इलाके में ग्रे हाउंड ने नक्सलियों को घेरा था वह नक्सलियों का मजबूत गढ़ है। इस घटना के बाद नक्सलियों ने आरोप लगाया है कि हमले के बाद घबराई महिला नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया था लेकिन फोर्स ने गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें गोली मार दी। इतना ही नहीं महिला नक्सलियों के शवों से छेड़छाड़ भी की गई है। घटना के तीन दिन बाद दोरनापाल के निकट वाहनों में आगजनी के बाद नक्सलियों ने पर्चे फेंके गए हैं जिसमें इस मुठभेड़ की हाईकाेर्ट के न्यायाधीश से जांच की मांग की गई है। हालांकि इस तरह के आरोप नक्सली अक्सर फोर्स पर लगाते रहते हैं।