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सीआरपीएफ कैंप से 500 मीटर के फासले पर तीन बसों तीन ट्रकों काे जलाकर नक्सलियों ने फोर्स को दी चुनौती

Sukma News - भास्कर न्यूज | जगदलपुर/दोरनापाल ग्रे हाउंड के बड़े हमले के बाद नक्सलियों ने साेमवार की रात सुकमा जिले में नेशनल...

Dainik Bhaskar

Mar 07, 2018, 04:00 AM IST
सीआरपीएफ कैंप से 500 मीटर के फासले पर तीन बसों तीन ट्रकों काे जलाकर नक्सलियों ने फोर्स को दी चुनौती
भास्कर न्यूज | जगदलपुर/दोरनापाल

ग्रे हाउंड के बड़े हमले के बाद नक्सलियों ने साेमवार की रात सुकमा जिले में नेशनल हाईवे पर पेंटा सीआरपीएफ कैंप से 500 मीटर के फासले पर 6 गाड़ियों को जलाकर फोर्स को बड़ी चुनौती दी है। यहां वेट्टी रामा ओर ऐरे के नेतृत्व में नक्सली पहुंचे और हाईवे पर करीब दाे घंटे तक तांडव मचाया। नक्सलियों ने सोमवार की रात 8.30 बजे के करीब बैलाडीला से हैदराबाद जा रही तेलंगाना स्टेट ट्रांसपोर्ट की दो बसों और मलकानगिरी से हैदराबाद जा रही एआरएमटीसी कंपनी की बस को सड़क पर ट्रक को तिरछा अड़ाकर रोका। करीब 150 मीटर के फासले पर दो अलग-अलग स्थानाें पर इन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इससे पहले नक्सलियाें ने यात्रियाें से पूछताछ भी की। इस दाैरान नक्सलियाें ने पूर्व सहायक आरक्षक की पहचान कर उसकी हत्या कर दी।

एसपी ने कहा-नक्सली सिर्फ आगजनी के लिए आए थे लेकिन मुन्ना दिखा तो हत्या कर दी

इधर सुकमा अभिषेक मीणा ने बसों में आगजनी और मुन्ना की हत्या के मामले काे अलग-अलग बताया है। उन्होंने कहा कि नक्सली यहां ग्रे हाउंड के हमले के विरोध में गाड़ी जलाने आए थे लेकिन मौके पर मुन्ना को उसकी प|ी के भाई ने देख लिया और उसने उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि मुन्ना ने अपनी प|ी की हत्या की थी और घटना स्थल पर उसकी प|ी के भाई ने ही मुन्ना को मार दिया।

संबंधित खबर पेज 14 पर

दोरनापाल. ट्रकों को नक्सलियों ने माल सहित जला दिया।

रात में पैदल गए दोरनापाल थाने तक यात्री, थाने में हुआ भोजन व सोना

मलकानगिरी से दोरनापाल होते हुए हैदराबाद के बीच चलने वाली बस की यह पहली यात्रा थी। पहले ही दिन नक्सलियों ने इस बस को आग के हवाले कर दिया। रात में जब भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो डरे सहमे यात्री एक कोने में बैठे हुए थे। मौके पर सड़क पर एक जलता ट्रक आड़ा खड़ा नजर आया। इसके बाद एक कतार से जलती गाड़ियां खड़ी थीं। मौके पर टीम के पहुंचने के बाद भी यात्री बात करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। जब टीम ने यहा फोटोग्राफी शुरू की तो लोगों की जान में जान आई और फिर एक-एक कर यात्रियों ने पूरी कहानी मौके पर ही दोहरा दी। इसके बाद यात्रियों ने पैदल ही दोरनापाल थाने के लिए सफर शुरू किया। रात में सभी यात्रियों के भोजन और सोने की व्यवस्था थाने में ही की गई।

दोरनापाल. सोमवार मध्यरात्रि करीब 12 बजे यात्री पैदल दोरनापाल थाने पहुंचे जहां उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई। फोटो : नीरज भदौरिया

पूर्व सहायक आरक्षक को भी पहचाना और तुरंत मौत की सजा दे दी

इधर नक्सलियों ने गाड़ियों को रोकने के बाद इसमे सवार यात्रियों की तलाशी और शिनाख्ती भी की। इस दौरान नक्सलियों के हत्थे आत्मसमर्पित नक्सली मुन्ना चढ़ गया। आत्मसमर्पण के बाद मुन्ना सहायक आरक्षक बन गया था। वह दोरनापाल से एर्राबोर जाने के लिए बस में सवार हुआ था। नक्सलियों ने उसे तुरंत ही पहचान लिया और उसकी हत्या मौके पर कर शव को सड़क पर फेंक दिया। मुन्ना ने 2012 में अपनी प|ी की हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि उसकी प|ी का भाई नक्सली है और सोमवार की रात उसने ही मुन्ना को पहचाना और उसे मौत के घाट उतार दिया।

पूर्व सहायक आरक्षक मुन्ना

पेंटा कैंप से 500 मीटर आगे 8 बजे शुरू किया तांडव, रात 12 बजे यात्री खुद ही पहुंचे थाने








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