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अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने से नाराज माहरा समाज ने रैली निकाल विरोध जताया

अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने से नाराज माहरा समाज के लोगों ने शुक्रवार को अनुसूचित जनजा‍ति में शामिल किए जाने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 17, 2018, 04:50 AM IST

अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने से नाराज माहरा समाज ने रैली निकाल विरोध जताया
अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने से नाराज माहरा समाज के लोगों ने शुक्रवार को अनुसूचित जनजा‍ति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर नगर में रैली निकाली और राज्‍यपाल के नाम का ज्ञापन एसडीओ राजस्‍व जेआर चौ‍रसिया को सौंपा। इस दौरान समाज के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

माहरा सामाज के संभागीय अध्‍यक्ष बिचेम पोंदी ने बताया कि 19 दिसंबर को कैबिनेट ने 4 सदस्यीय भाषाविदों की कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अनुसूचित जनजाति के 22 जातियों के 86 उच्चारण विभेद और अनुसूचित जातियों की 5 जातियों के 19 उच्चारण विभेद को मान्य करने का निर्णय लिया था। इसमें उच्चारण भेद की वजह बताकर बस्‍तर की माहरा जाति को भी अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है।

माहरा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने पर आपत्‍ति दर्ज करते हुए बिचेम पोंदी ने कहा कि माहरा जाति के लोग आयातित जाति व समुदाय के नहीं हैं। वे बस्‍तर के मूल आदिवासी हैं। महार व माहरा अलग-अलग जाति के हैं।

माहरा जाति को 1949 में जनजाति के गजट में शामिल कर अन्‍य जनजातियों के आरक्षण सूची के सरल क्रमांक 69 में हिंदी व अंग्रेजी दोनों गजटों में अधिसूचित किया गया था। माहरा समाज संवैधानिक आधारों को राज्‍य सरकार के समक्ष प्रस्‍तुत कर विगत ढाई दशकों से फिर से जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर संघर्षरत हैं।

भाषाविदों की कमेटी की रिपोर्ट गलत: बिचेम

बिचेम पोंदी ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि माहरा समाज के आंदोलन को कुचलने के लिए उच्चारण की त्रुटि बताकर महार को माहरा बताकर अनुसूचित जाति का लाभ दिए जाने का प्रस्‍ताव कैबिनेट में पारित किया गया है। माहरा जाति में कोई उच्चारण की त्रुटि नहीं है। माहरा जाति को महार से संबद्ध करने से माहरा जाति की संस्कृति, रीति रिवाज, जातीय अस्मिता और स्‍वाभिमान को खत्‍म करने का प्रयास राज्‍य सरकार ने किया है। उन्‍होंने कहा कि माहरा महार नहीं हैं, इसलिए अनुसूचित जाति में शामिल करने की भाषाविदों की कमेटी की रिपोर्ट गलत है। इस दौरान माहरा सामाज के बस्‍तर जिलाध्‍यक्ष सुंदर सोढ़ी, संभागीय सचिव चंदर कश्‍यप एवं पी राजेंद्र मौजूद रहे।

सुकमा. माहरा समाज ने शुक्रवार को नगर में रैली निकाली व मांग का ज्ञापन एसडीओ राजस्‍व को सौंपा।

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