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20 नक्सलियों ने मनोज के घर को घेरा था फिर कमांडर ने अंदर घुसकर मारी थी गोली

तीन फरवरी को गाटम के मनोज पोड़ियामी की हत्या में शामिल दो नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो नक्सलियों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 17, 2018, 06:05 AM IST

तीन फरवरी को गाटम के मनोज पोड़ियामी की हत्या में शामिल दो नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो नक्सलियों की गिरफ्तारी सूरनार व बड़े लखापाल के बीच कटेकल्याण पुलिस ने की है लेकिन इस बार फिर नक्सली कमांडर को पकड़ने पुलिस चूक गई व इनके बीच से डूमाम एलओएस कमांडर मंगतू भाग निकला।

पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने घर घुसकर गोली मारकर नक्सलियों ने हत्या की थी। घटना में मनोज की 9 साल की साली मुस्कान भी घायल हो गई थी। डेढ़ महीने की छानबीन के बाद ग्रामीणों की मीटिंग ले रहे 2 नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए नक्सली बुटू मंडावी के मुताबिक मनोज की हत्या करने कमांडर मंगतू के साथ वह स्वयं, मुकेश, उरा, मासा सहित 20 नक्सली गए थे। सभी ने मनोज के घर को घेरा व नक्सली कमांडर मंगतू घर के अंदर घुसकर मनोज की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा तोयलंका में भी सड़क निर्माण में लगे वाहनों को आग लगाना भी स्वीकार किया है। उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी को गाटम निवासी मनोज पोड़ियामी की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

तोयलंका से लखापाल के बीच चल रहे सड़क निर्माण काम में मनोज मुंशी का काम करता था। डूमाम एलओएस सदस्य हड़मा कुंजाम एक लाख रुपए का इनामी नक्सली है जो पुलिस पार्टी को आते देख जान से मारने की नियत से विस्फोट की घटना, सुकमा पुलिस पार्टी पर हमला करने की घटना में शामिल रहा है। उस पर सुकमा जिले के 5 गंभीर प्रकरणों में न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया है।

दंतेवाड़ा. गिरफ्तार नक्सली।

गोली मारने की घटना ने संशय में डाला था

इधर गाटम के मनोज कुमार की गोली मारकर हुई हत्या का मामला पुलिस के लिए काफी पेचीदा बना हुआ था। कोई आपसी रंजिश बता रहे थे तो कोई नक्सली द्वारा की गई हत्या क्योंकि नक्सलियों ने अब तक किसी की हत्या के लिए बंडा, कुल्हाड़ी, गुप्ती जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल किया है या फिर गला रेतकर। बताया जा रहा है कि किसी की हत्या के लिए नक्सलियों ने संभवतः पहली बार पिस्टल का इस्तेमाल किया है। पुलिस ने मामले की जब बारीकी से छानबीन की तो मामला साफ हुआ। अंततः घेराबंदी कर हत्या में शामिल दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया।

अब वर्दी में नहीं सिविल ड्रेस में घूमते हैं नक्सली

अंदरुनी इलाकों में पुलिस का दबाव इतना बढ़ गया है कि अब नक्सली अपनी वर्दी पहनकर हथियार लेकर नहीं घूमते, बल्कि ग्रामीण वेशभूषा में गांवों में घूमकर रेकी करते हैं। इस बात का खुलासा स्वयं पकड़े गए दोनों नक्सलियों ने किया है। एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि नक्सली हत्या के लिए गोली का कम इस्तेमाल करते हैं। मनोज की हत्या के बाद मामले की जांच चल रही थी। सूरनार-बड़े लखापाल के बीच कमांडर मंगतू, सुकड़ा, हुर्रा, बुटू, हड़मा, केशा के साथ मीटिंग की सूचना मिली थी। घेराबंदी कर दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है शेष पहाड़ी-जंगल की आड़ लेकर भाग गए।

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