Hindi News »Chhatisgarh »Sukma» अपने ही बाबू से उपसंचालक ने घूस ली थी, 4 साल की कैद

अपने ही बाबू से उपसंचालक ने घूस ली थी, 4 साल की कैद

मछली विभाग के उपसंचालक ने अपने ही विभाग के बड़े बाबू से 61 दिन के अर्जित अवकाश की स्वीकृति देने के लिए तीन हजार रुपए की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 17, 2018, 06:05 AM IST

मछली विभाग के उपसंचालक ने अपने ही विभाग के बड़े बाबू से 61 दिन के अर्जित अवकाश की स्वीकृति देने के लिए तीन हजार रुपए की मांग की थी।

इसके बाद बड़े बाबू ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी और उपसंचालक को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। इस मामले में पिछले चार सालों से जिला एवं सत्र न्यायालय के भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय में यह मामला चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश डीएन भगत ने रिश्वतखोर उपसंचालक को चार साल की सजा सुनाई है।

मछली पालन विभाग के तत्कालीन उपसंचालक अजय कुमार सिंह ने वर्ष 2014 में अपने ही विभाग के बड़े बाबू दीपक रंगारी से 61 दिनों की अर्जित अवकाश की स्वीकृति के लिए तीन हजार रुपए की घूस मांगी थी। इसके बाद दीपक ने इसकी शिकायत 20 जुलाई को एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी। इसके बाद ब्यूरो ने उपसंचालक का वाइस रिकार्ड भी किया।

इसके आधार पर एसीबी ने दो राजपत्रित अधिकारियों को बाबू के साथ उपसंचालक को ट्रेप करने भेजा गया और 28 जुलाई 2014 को उपसंचालक को उनके ही कार्यालय में तीन हजार रुपए की घूस लेते हुए एंटी करप्शन के डीएसपी एमएल नेगी और उनकी टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया और उप संचालक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(1) (डी), 13(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था। इधर सजा के तुरंत बाद ही उप संचालक को जेल भेज दिया गया है।

अर्जित अवकाश की स्वीकृति के लिए मांगे थे तीन हजार रुपए

रेंजर के खिलाफ अभियोजन चलाने की दी अनुमति

इधर सुकमा जिले में पदस्थ रेंजर अजय कुमार कावड़े के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में अभियोजन चलाने की अनुमति सरकार ने दी है। इस अनुमति के साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर दंतेवाड़ा स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया। यहां से न्यायालय ने रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को होनी है। रेंजर अजय कावड़े जब सुकमा में पदस्थ थे तब 20 जून 2015 को उनके घर एसीबी ने छापा मारा था। इसके बाद उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति नहीं मिल रही था। तीन साल बाद जब उनकी पोस्टिंग बीजापुर में हो गई तब उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sukma

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×