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खूंखार नक्सली मंजुला को घर बसाने की इजाजत नहीं मिली तो प्रेमी के साथ सरेंडर

Sukma News - नक्सल संगठन में हिंसा व कठोर हृदय के पीछे एक कोमलता भी छिपी होती है। जो प्रेम का अहसास कराती है, घर बसाने की इच्छा...

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 03:00 AM IST
खूंखार नक्सली मंजुला को घर बसाने की इजाजत नहीं मिली तो प्रेमी के साथ सरेंडर
नक्सल संगठन में हिंसा व कठोर हृदय के पीछे एक कोमलता भी छिपी होती है। जो प्रेम का अहसास कराती है, घर बसाने की इच्छा जागृत करती है, जब इन सबकी सख्त मनाही होती है, तब इस हिंसात्मक रास्ते का साथ खुद-ब-खुद छूटने लगता है। कुछ ऐसा ही नक्सलियों के मिलिट्री कंपनी नंबर 6 की सदस्य मंजुला के साथ हुआ। कमांडर पति हड़मा की मौत के बाद मंजुला को एक बार फिर इसी कंपनी में काम करने वाले सदस्य सुंदर कोर्राम उर्फ विकास से प्रेम हो गया। दोनों ने शादी का मन बनाया, लेकिन नक्सल संगठन को नागवार गुजरा, सालों से हिंसा में लिप्त खूंखार प्रेमी जोड़े को जब नक्सल विचारधारा की असलियत पता चली तो मंजुला ने संगठन छोड़ने का निर्णय लिया। मंजुला के प्रेम के सामने सुंदर की एक भी न चली, उसने प्रेमिका मंजुला का हाथ थामा व दोनों सरेंडर के लिए दंतेवाड़ा एसपी के पास पहुंच गए। एसपी कमलोचन कश्यप ने कहा कि दोनों 8-8 लाख रुपए के इनामी हैं। दोनों शादी के लिए राजी हैं तो इनके विवाह में सहयोग किया जाएगा। साथ ही सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति का इन्हें फायदा मिलेगा।

हर तरह के हथियार चलाना जानती है : सरेंडर नक्सली मंजुला ने बताया कि करीब 15 सालों से वह नक्सल संगठन में काम कर रही है। सुकमा क्षेत्र में सक्रिय हिड़मा के साथ उसने काम किया, बीजापुर क्षेत्र में उसने काम किया। हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली। वह हर तरह के हथियार चलाने में माहिर है।

सरेंडर का सच

कमांडर पति की मौत के बाद महिला नक्सली को हुआ प्रेम, दो दर्जन से ज्यादा हत्याओं में रह चुकी है शामिल, एसपी ने बताया-दोनों पर 8-8 लाख का इनाम है

आत्मसमर्पण करने पहुंचे खूंखार नक्सली मंजुला और सुंदर कोर्राम।

बीमारी से हुई थी पति की मौत

सरेंडर के बाद मंजुला ने मीडिया को बताया कि उसने नारायणपुर कोंडागांव जिले में कमांडर रह चुके हड़मा से शादी की थी लेकिन साल 2017 में उसकी अल्सर से मौत हो गई। वह अपने पति के साथ की पुरानी यादें भुलाकर नया जीवन बसाना चाहती थी। इसी कंपनी के सदस्य सुंदर से उसे प्रेम हो गया। दोनों ने कमांडर शोभी से विवाह की इजाजत मांगी लेकिन लेकिन कमांडर शोभी ने दोनों को सख्त मनाही करते हुए इजाजत नहीं दी। ऐसे तानाशाही रवैये से परेशान मंजुला ने नक्सल संगठन छोड़ने का निश्चय किया।

कमांडर बनने पर ही होती है शादी, और भी लोग करना चाहते हैं शादी

सरेंडर नक्सली मंजुला ने यह भी बताया कि नक्सल संगठन में रहते हुए शादी की इजाजत तब तक नहीं दी जाती जब तक कमांडर न बन जाएं। हिंसात्मक कार्यों में करीब 15 सालों तक काम किया, लेकिन खुद का घर बसाने की बारी आई तो मनाही हो गई। उसने यह भी बताया कि नक्सल संगठन में कई जोड़े ऐसे हैं जो विवाह करना चाहते हैं, लेकिन इजाजत नहीं मिलने पर परेशान हैं।

विकल्प का गनमैन है सुंदर

मिलिट्री कंपनी नंबर 6 का सदस्य सुंदर कोर्राम उर्फ विकास 2008 में कोंडागांव के बयानार में एएलओएस सदस्य, 2013 में कंपनी नंबर 6 में स्थानांतरित हुआ। दो साल तक डीकेएसजेडसी सदस्य व उत्तर सब जोनल ब्यूरो सचिव रामचंद्रन रेड्डी उर्फ विकल्प उर्फ राजू के गनमैन के रूप में काम किया है। 2018 में कंपनी नंबर 6 के प्लाटून दो का सेक्शन बी में पीपीसीएम बनाया गया। एंबुश लगाकर 4 पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल रहा है। आकाबेड़ा में एसटीएफ कैंप में राकेट बम से हमला करने की घटना में शामिल था, जिसमें दो जवान घायल हुए थे।

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