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रीडर के कमरे में गिरी फाल सीलिंग, देर रात में हादसा होने से बाल-बाल बच गए कर्मचारी

साठ साल पुरानी तहसील कार्यालय की बिल्डिंग मेंे संचालित कलेक्टर न्यायालय के रीडर कक्ष में बुधवार रात फाल सीलिंग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 23, 2018, 03:05 AM IST

साठ साल पुरानी तहसील कार्यालय की बिल्डिंग मेंे संचालित कलेक्टर न्यायालय के रीडर कक्ष में बुधवार रात फाल सीलिंग के गिरने से वहां रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन सहित अन्य कई अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। यह हादसा रात में हुआ, इससे वहां के कर्मचारी मुसीबत से बच गए। वहां हुए हादसे का पता सुबह उस वक्त चला जब वहां एक महिला सफाई करने पहंुची।

गौरतलब है कि साठ के दशक में बने तहसील भवन के ही एक हिस्से में कलेक्टर न्यायालय लगता है। न्यायालय के पास में ही रीडर का कमरा है। बताया गया कि बुधवार की देर शाम काम समाप्त करने के बाद रीडर संदीप विश्वकर्मा सहित अन्य कर्मचारी कमरे को ताला बंद कर घर चले गए। सुबह करीब दस बजे वहां की कर्मचारी बसंती राजवाड़े सफाई करने पहुंची। उसने रीडर कक्ष का दरवाजा जैसे ही खोला भीतर का नजारा देख कर उसके होश उड़ गए। करीब बीस फीट लंबा-चौड़ा कमरे का फाल्स सीलिंग गिरा हुआ था। इससे वहां रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। उसने तत्काल इसकी सूचना रीडर को दी। मौके पर रीडर सहित अन्य कर्मचारी पहुंचे। जानकारी मिलने पर कलेक्टर केसी देवसेनापति भी वहां पहंुचे। उन्होंने कर्मचारियों को मलबे को हटवा उसे व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

सुबह हादसा होने पर गंभीर हो जाता मामला:रीडर के कमरे में फाल्स सीलिंग उस वक्त गिरा जब वहां कोई नहीं था। रात में हादसा होने के कारण कर्मचारी सुरक्षित रहे। यही हादसा सुबह दस बजे के बाद होता तो मामला गंभीर हो जाता। रीडर कक्ष में उस वक्त काफी लोग जुटते हैं। यदि इस दौरान फॉल सीलिंग गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

भास्कर संवाददाता| सूरजपुर

साठ साल पुरानी तहसील कार्यालय की बिल्डिंग मेंे संचालित कलेक्टर न्यायालय के रीडर कक्ष में बुधवार रात फाल सीलिंग के गिरने से वहां रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन सहित अन्य कई अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। यह हादसा रात में हुआ, इससे वहां के कर्मचारी मुसीबत से बच गए। वहां हुए हादसे का पता सुबह उस वक्त चला जब वहां एक महिला सफाई करने पहंुची।

गौरतलब है कि साठ के दशक में बने तहसील भवन के ही एक हिस्से में कलेक्टर न्यायालय लगता है। न्यायालय के पास में ही रीडर का कमरा है। बताया गया कि बुधवार की देर शाम काम समाप्त करने के बाद रीडर संदीप विश्वकर्मा सहित अन्य कर्मचारी कमरे को ताला बंद कर घर चले गए। सुबह करीब दस बजे वहां की कर्मचारी बसंती राजवाड़े सफाई करने पहुंची। उसने रीडर कक्ष का दरवाजा जैसे ही खोला भीतर का नजारा देख कर उसके होश उड़ गए। करीब बीस फीट लंबा-चौड़ा कमरे का फाल्स सीलिंग गिरा हुआ था। इससे वहां रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। उसने तत्काल इसकी सूचना रीडर को दी। मौके पर रीडर सहित अन्य कर्मचारी पहुंचे। जानकारी मिलने पर कलेक्टर केसी देवसेनापति भी वहां पहंुचे। उन्होंने कर्मचारियों को मलबे को हटवा उसे व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

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