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जटगा में कॉलेज खुलने के बाद भी पोड़ी-उपरोड़ा की एक बड़ी आबादी को रहेगा कॉलेज का इंतजार

आबादी ही नहीं क्षेत्र की दृष्टि से पोड़ी-उपरोड़ा जिले का सबसे बड़ा ब्लाक है। यहां एक और ब्लाक बनने की भी मांग वर्षों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 12, 2018, 03:30 AM IST

आबादी ही नहीं क्षेत्र की दृष्टि से पोड़ी-उपरोड़ा जिले का सबसे बड़ा ब्लाक है। यहां एक और ब्लाक बनने की भी मांग वर्षों पुरानी है ताकि सुविधाएं बढ़े। जिला बनने के बाद इस ब्लाक में सरकार ने जटगा में कॉलेज खोलने की घोषणा बजट में की है। इसके बाद भी कोरबी, कोनकोना, जलके, मोरगा प्रमुख गांवों के साथ दर्जनों पंचायतें हैं जहां के बच्चों को हायर सेकेंडरी के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए सोचना पड़ता है। बीते साल सांसद ने चौपाल लगाकर कोरबी में कॉलेज की घोषणा कर क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों को पंख लगाए थे। उन्हें क्षेत्र में कॉलेज खुलने का इंतजार रहेगा।

लोक सुराज अभियान के दौरान तत्कालीन कलेक्टर पी दयानंद की अगुवाई में कोरबी में सांसद डॉ.बंशीलाल महतो की चौपाल लगी थी। जिसमें लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने प्रचार प्रसार, उनकी समस्याओं का मौके पर निदान भी किया गया। वहीं सांसद डॉ.महतो के समक्ष कॉलेज की मांग गांव के लोगों ने उठाया था। इस बात पर डॉ. महतो ने कोरबी में कॉलेज की सुविधा दिलाने की घोषणा की थी। हालांकि पोड़ी ब्लाक के जटगा में कॉलेज की सौगात मिलने का लाभ तो उस क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा ही लेकिन उससे कहीं अधिक एक बड़ी आबादी को विकल्प के रूप में कटघोरा, कोरबा की दौड़ जारी रखनी होगी।

8221 की जनसंख्या वाली तीन बड़ी पंचायतों को मिलता लाभ

पोड़ी ब्लाक में कोरबी से लगा सिमगा हायर सेकेंडरी स्कूल।

इन गांवों के बच्चों को

रहेगा इंतजार

गांव आबादी

जलके 3370

कोनकोना 2588

कोरबी 2263

नोट- कोरबी से कोरिया व सूरजपुर जिला लगा हुआ है। जिसमें कई पंचायतें आती हैं। जहां के बच्चों के कोरबी सुगम होगा।

पसान के बच्चों को कोटमी ही सुविधाजनक

पसान व आसपास के गांव के हायर सेकेंडरी पास बच्चों के लिए पहले की तरह अभी भी बिलासपुर जिले के पेंड्रा ब्लाक का कोटमी गांव में संचालित कॉलेज ही सुविधाजनक होगा। क्योंकि पसान से 15 किमी की दूरी है। जबकि जटगा 20 किमी। यहां की डगर कोरबी, कोनकोना, चोटिया, मोरगा, जल्के समेत दर्जनों पंचायतों के बच्चों के लिए आसान नहीं होगी। क्योंकि यह क्षेत्र एक ओर कोरिया तो दूसरी ओर सूरजपुर जिले से लगा हुआ है। न्यूनतम 60 से अधिक 80 किलोमीटर चलकर जटगा पहुंचना छात्रों के लिए कठिन होगा।

सर्वे के बाद भी नहीं मिली मंजूरी कोरबी :कॉलेज कहां खोला जा सकता है इसकी संभावनाओं व बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के ग्राम कोरबी, जटगा व कटघोरा ब्लाक के बांकीमोंगरा, करतला ब्लाक के रामपुर में सर्वे कराया गया था। सर्वे करने वाली टीम को कॉलेज के उपयुक्त संपूर्ण संभावनाएं मिली थीं। दो साल पहले तत्कालीन प्राचार्य स्व.पीआर नेताम के माध्यम से कॉलेज खोलने प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर अब जाकर जटगा की मंजूरी मिली है।

पांचों ब्लाकों में सबसे ज्यादा स्कूल :पोड़ी-उपरोड़ा ब्लाक में सभी पांच ब्लाकों से कहीं अधिक स्कूल संचालित हैं। यहां 402 प्राइमरी, 140 मिडिल, 24 हाई तो 18 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। कॉलेज पढ़ने जाने वाले बच्चों की संख्या कम होती है क्योंकि जो सक्षम होते हैं वे अभिभावक ही अपने बच्चों को कॉलेज की पढ़ाई के लिए कटघोरा, कोरबा या बिलासपुर भेजते हैं। 60 प्रतिशत बच्चों को हायर सेकेंडरी के बाद कॉलेज से दूर होना पड़ता है। यह संख्या जटगा में कॉलेज खुलने से काफी हद तक घटेगी।

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