Hindi News »Chhatisgarh »Surajpur» ललित कला सीखने के लिए बच्चों में मची होड़

ललित कला सीखने के लिए बच्चों में मची होड़

जिला गठन के बाद पहली बार बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के सदुपयोग के लिए उमंग समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 20, 2018, 03:00 AM IST

ललित कला सीखने के लिए बच्चों में मची होड़
जिला गठन के बाद पहली बार बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के सदुपयोग के लिए उमंग समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस कैम्प में बच्चों को खेल के साथ कई तरह की ललित कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीईओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों में 11 मई से 10 जून तक दो पालियों में समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।

इस बार कैंप में शामिल होने लक्ष्य से अधिक बच्चों का पंजीयन हुआ है। ललित विधाओं में सबसे ज्यादा तीन सौ बच्चे शामिल हो रहे हैं। इनमें संगीत में 45, नृत्य 115, टेराकोटा 16, पेंटिंग 60, रंगोली 25, इम्ब्रायडरी 11 व साफ्टटॉय में 28 बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। समर कैम्प की लोकप्रियता को देखते हुए यहां रोज पंजीयन की सुविधा दी गई है। समर कैम्प में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ एवं स्थानीय स्तर के कलाकारों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों में सीमा भारती, अमन कोरी, रामचन्द्र सोनी, पंकज कुमार गुप्ता, विमल फूटान, नन्दकुमार सिंह, विरेन्द्र साहू, काव्य मिश्रा, हितेन्द्र वर्मा, दीपक चंद्रा, संतोष विश्वकर्मा, कुष्ण कुमार ठाकुर, विनोद सिंह, मनोज दुबे शामिल हैं। आयोजन में दिनेश कौशिक, शिवभजन सिंह, डॉ. मोहनलाल साहू, दिनेश द्विवेदी, संजय त्रिपाठी, पंकज कुमार गुप्ता, अनुज नारायण दुबे, अनुराग्वेन्द्र सिंह बघेल, गौतम, मुकेश त्रिपाठी सक्रिय हैं।

कुछ ही दिनों में बच्चे सीखे मधुबनी शैली और टेराकोटा विधा:गर्मी के बावजूद भी बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षकों द्वारा सभी विधाओं से जुड़ी बारीकियां सिखाई जा रही है। जो बच्चे शुरू में पेंसिल पकड़ना और ब्रश चलाना तक नहीं जानते थे, वे कुछ ही दिनों में मधुबनी शैली के मनमोहक चित्र आसानी से बना ले रहे हैं। टेराकोटा विधा में बच्चों द्वारा नई-नई आकृतियां रोज बनाई जा रही है। नृत्य विधा के प्रशिक्षकों द्वारा अच्छे तरीके से नृत्य के स्टेप सिखाये जा रहे हैं। संगीत विधा में रोज स्वर साधना एवं सुगम संगीत का अभ्यास कराया जा रहा है।

भास्कर संवाददाता|सूरजपुर

जिला गठन के बाद पहली बार बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के सदुपयोग के लिए उमंग समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस कैम्प में बच्चों को खेल के साथ कई तरह की ललित कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीईओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों में 11 मई से 10 जून तक दो पालियों में समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।

इस बार कैंप में शामिल होने लक्ष्य से अधिक बच्चों का पंजीयन हुआ है। ललित विधाओं में सबसे ज्यादा तीन सौ बच्चे शामिल हो रहे हैं। इनमें संगीत में 45, नृत्य 115, टेराकोटा 16, पेंटिंग 60, रंगोली 25, इम्ब्रायडरी 11 व साफ्टटॉय में 28 बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। समर कैम्प की लोकप्रियता को देखते हुए यहां रोज पंजीयन की सुविधा दी गई है। समर कैम्प में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ एवं स्थानीय स्तर के कलाकारों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों में सीमा भारती, अमन कोरी, रामचन्द्र सोनी, पंकज कुमार गुप्ता, विमल फूटान, नन्दकुमार सिंह, विरेन्द्र साहू, काव्य मिश्रा, हितेन्द्र वर्मा, दीपक चंद्रा, संतोष विश्वकर्मा, कुष्ण कुमार ठाकुर, विनोद सिंह, मनोज दुबे शामिल हैं। आयोजन में दिनेश कौशिक, शिवभजन सिंह, डॉ. मोहनलाल साहू, दिनेश द्विवेदी, संजय त्रिपाठी, पंकज कुमार गुप्ता, अनुज नारायण दुबे, अनुराग्वेन्द्र सिंह बघेल, गौतम, मुकेश त्रिपाठी सक्रिय हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surajpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×