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निपाह वायरस से बचने स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश

सीएमओ डॉ. एसपी वैश्य ने केरल मेें फैले निपाह वायरस के संबंध मंे दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया कि यह बीमारी काफी...

Dainik Bhaskar

May 31, 2018, 03:25 AM IST
सीएमओ डॉ. एसपी वैश्य ने केरल मेें फैले निपाह वायरस के संबंध मंे दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया कि यह बीमारी काफी खतरनाक है। निपाह वायरस का पहला मामला सबसे पहले सिंगापुर मलेशिया में 1998 और 1999 में सामने आया था।

यह वायरस सबसे पहले सुअर, चमगादड़ या अन्य जीवों को प्रभावित करता है और इसके संपर्क में आने से मनुष्यों को भी चपेट में ले लेता है। निपाह वायरस मनुष्यों को संक्रमित सुअर, चमगादड़ या अन्य संक्रमिक जीवों से संपर्क में आने से फैलता है।

यह इंफेक्शन फ्रुट बैट्स के जरिए लोगों में फैलता है। खजूर की खेती करने वाले लोग इस इंफेक्शन की चपेट में जल्दी आते है। चमगादड़ और सूअर जैसे जानवर इस वायरस के वाहक है। संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने या इनके संपर्क में आई वस्तुओं के सेवन से निपाह वायरस का संक्रमण होता है। निपाह वायरस से संक्रमित इंसान भी संक्रमण को आगे बढ़ाता है।

निपाह वायरस के लक्षण

निपाह वायरस का प्रमुख लक्षण अचानक बुखार का आना, दिमाग में तेल जलन, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, मानसिक भ्रम का होना, उल्टी जैसे महसूस होना अथवा उल्टी आना। बुखार के साथ मानसिक रूप से सुस्त होना और कन्फ्यूजन होना। कुछ मामलों में सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती हैं। निपाह वायरस मस्तिष्क ज्वर से भी जुड़ा है। इसमें मस्तिष्क में सूजन हो सकता है। निपाह वायरस से ग्रस्त मरीज 24 से 48 घंटे में कोमा में भी जा सकता है। मरीजों की जॉच ईएलआईएसए द्वारा एनआईव्ही पुणे में की जाती हैं। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर बिना देरी किये नजदीकी अस्पताल में जांच कराना चाहिए।

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