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गाजे-बाजे के साथ दस किमी पैदल कांवड़ लेकर जलाभिषेक करने मंदिर पहंुचे श्रद्धालु

रामानुजगंज| ग्राम विजयनगर व रामचंद्रपुर में सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालु जल लेकर 10 किलोमीटर कांवड़ यात्रा...

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2018, 03:50 AM IST
रामानुजगंज| ग्राम विजयनगर व रामचंद्रपुर में सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालु जल लेकर 10 किलोमीटर कांवड़ यात्रा देवालय धाम में भोले शंकर पर जलाभिषेक किया गया। वहीं रामचंद्रपुर के श्रद्धालु क्षेत्र के प्राचीन मंदिर पर जल अर्पित किया। श्रद्धालु रास्ते भर बाजे-गाजे के साथ पैदल मंदिर पहुंचकर पूजार्चना की। वहीं धामों पर दिनभर भंडारा चलता रहा। विजयनगर के श्रद्धालु भाला बांकी नदी से व रामचंद्रपुर के श्रद्धालु कुरसा नदी से कांवड़ में जल उठाकर झूमते-गाते मंदिरों में जलाभिषेक किया। इस दौरान आयोजन समिति के राजकुमार गुप्ता, लडु कश्यप, पवन कश्यप, नारायण गुप्ता, राहुल गुप्ता, विनोद यादव, महेश यादव, संतोष पांडेय, विशाल गुप्ता, रामप्रताप गुप्ता आदि सक्रिय रहे।

कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक

बिश्रामपुर| सावन महीने के दूसरे सोमवार को कांवड़ियों ने जगह-जगह शिवालयों में कांवर यात्रा कर जलाभिषेक किया। रेलवे स्टेशन प्रांगण में हर हर महादेव मंदिर स्थित शिवालय में सोमवार को भी हर्राटिकरा स्थित रेण व घुनघुट्‌टी संगम तट से जल भरकर पांच किलोमीटर की पैदल यात्रा कर शिवभक्तों ने बोल बम के जयघोष के साथ जल अर्पित किया। इसी प्रकार अन्य शिवालयों में भी भक्तों ने उत्साह के साथ कांवर यात्रा के साथ जलाभिषेक किया। क्षेत्र के देवगढ़ धाम स्थित अर्धनारिश्वर शिवलिंग में सैकड़ों की संख्या में लोग बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किए।

भारतीय खनन उद्योग में महिलाओं की संपूर्ण भागीदारी की तैयारी

विश्रामपुर|
माइंस एक्ट 1952 जो देश की कोयला गैर कोयला तथा पेट्रोलियम पदार्थों के दोहन को नियंत्रित करता है। इसमें महिलाओं के अंडरग्राउंड नियोजन पर पूर्णत: रोक है। भूमि की ऊपरी सतह पर भी महिलाओं का नियोजन सुबह छह से सात बजे तक ही किया जा सकता है। हाल ही में सरकार द्वारा फैक्ट्रीज एक्ट 1948 में संशोधन कर महिलाओं का नियोजन रात्रि में किया जा सकेगा यह सुनिश्चित कर दिया गया है। कानून में संशोधन की अनुशंसा हेतु केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा 9 अगस्त को श्रम श्रक्ति भवन नई दिल्ली में बैठक बुलाई गई है। समिति में कोयला उद्योग के श्रमिकों के प्रतिनिधि के रुप में नामित जावेद अख्तर उस्मानी ने बताया कि महिलाओं को रोजगार आर्थिक आत्म निर्भर ही असली सशक्तिकरण है परंतु स्वस्थ कार्य स्थल परिवेश के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य मातृत्व मर्यादित कार्य संस्कृति आदि को ध्यान में आगे बढ़ना बेहतर होगा।

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