सीएम ने केज से निकाली मछली, कहा- खेतों व नालों में खूब पकड़ते थे टेंगना और मुंगरी

Ambikapur News - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत केनापारा में बनाए गए वाटर बोटिंग व फ्लोटिंग...

Bhaskar News Network

Nov 10, 2019, 08:00 AM IST
Surajpur News - chhattisgarh news cm extracted fish from cage said tenga and mungri used to catch a lot in fields and drains
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत केनापारा में बनाए गए वाटर बोटिंग व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट स्थल में 600 मीटर तक बोटिंग का आनंद लिया। उनके साथ बोट में मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह, अमरजीत भगत, उमेश पटेल व विधायक बोट में सवार थे।

केज कल्चर में मुख्यमंत्री ने स्वयं मछ लियों को जाली से बाहर निकाला। निकाली गई मछली को अधिकारियों ने बताया कि यह पंगेशियस प्रजाति की है तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मछली को छत्तीसगढ़ी में ‘टेंगना‘ कहते हैं। यह मछली पकड़ने पर कांटा वार करता है, जिससे तेज दर्द होता है। उन्होंने अपने बचपन के दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि गांव के खेत एवं नालों में टेंगना, मुंगरी एवं केवच खूब पकड़ा करते थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जलाशय के मध्य में जिला प्रशासन द्वारा मत्स्य पालन के लिए विकसित केज कल्चर को देखा और मछली पालन के केज कल्चर पद्धति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि केज कल्चर में यहां पंगेशियस प्रजाति के मछली का पालन किया जा रहा है। यहां 32 केज स्थापित किए गए हैं। अभी मछलियों का वजन अधिकतम एक किलो है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मछली पालन करने वाले समूह को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दें। उन्हें मछली पालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देकर कुशल बनाएं। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए मछली पालन एक अच्छा माध्यम है। ज्ञात हो कि एसईसीएल की बंद पोखरी खदान में जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर एसईसीएल द्वारा 1.97 करोड़ की लागत से मत्स्य पालन, बोटिंग एवं कैंटीन स्था पित किया गया है। जलाशय में केनापरा के महामाया मछुआ समिति को मत्स्य पालन रोजगार से जोड़ा गया है। प्रति केज दो टन मछली पालन से प्रतिवर्ष करीब 14 लाख शुद्ध लाभ होने का अनुमान है। जलाशय में ग्राम केनापरा के शिव शक्ति ग्राम संगठन द्वारा बोटिंग एवं कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। इस संगठन में 123 महिला सदस्य हैं। यहां महिलाएं स्वयं बोट चलाकर पर्यटकों को जलाशय का भ्रमण कराते हैं। बोटिंग के दौरान सविप्रा अध्यक्ष खेलसाय सिंह, भटगांव विधायक पारसनाथ राजवाड़े, कलेक्टर दीपक सोनी, एसपी राजेश कुकरेजा मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ केनापारा जलाशय में बोटिंग की, बचपन के दिनों को याद किया

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केज से निकाली मछली। इनसेट- मंत्रियों के साथ बोटिंग करते मुख्यमंत्री।

भास्कर न्यूज|बिश्रामपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत केनापारा में बनाए गए वाटर बोटिंग व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट स्थल में 600 मीटर तक बोटिंग का आनंद लिया। उनके साथ बोट में मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह, अमरजीत भगत, उमेश पटेल व विधायक बोट में सवार थे।

केज कल्चर में मुख्यमंत्री ने स्वयं मछ लियों को जाली से बाहर निकाला। निकाली गई मछली को अधिकारियों ने बताया कि यह पंगेशियस प्रजाति की है तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मछली को छत्तीसगढ़ी में ‘टेंगना‘ कहते हैं। यह मछली पकड़ने पर कांटा वार करता है, जिससे तेज दर्द होता है। उन्होंने अपने बचपन के दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि गांव के खेत एवं नालों में टेंगना, मुंगरी एवं केवच खूब पकड़ा करते थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जलाशय के मध्य में जिला प्रशासन द्वारा मत्स्य पालन के लिए विकसित केज कल्चर को देखा और मछली पालन के केज कल्चर पद्धति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि केज कल्चर में यहां पंगेशियस प्रजाति के मछली का पालन किया जा रहा है। यहां 32 केज स्थापित किए गए हैं। अभी मछलियों का वजन अधिकतम एक किलो है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मछली पालन करने वाले समूह को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दें। उन्हें मछली पालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देकर कुशल बनाएं। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए मछली पालन एक अच्छा माध्यम है। ज्ञात हो कि एसईसीएल की बंद पोखरी खदान में जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर एसईसीएल द्वारा 1.97 करोड़ की लागत से मत्स्य पालन, बोटिंग एवं कैंटीन स्था पित किया गया है। जलाशय में केनापरा के महामाया मछुआ समिति को मत्स्य पालन रोजगार से जोड़ा गया है। प्रति केज दो टन मछली पालन से प्रतिवर्ष करीब 14 लाख शुद्ध लाभ होने का अनुमान है। जलाशय में ग्राम केनापरा के शिव शक्ति ग्राम संगठन द्वारा बोटिंग एवं कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। इस संगठन में 123 महिला सदस्य हैं। यहां महिलाएं स्वयं बोट चलाकर पर्यटकों को जलाशय का भ्रमण कराते हैं। बोटिंग के दौरान सविप्रा अध्यक्ष खेलसाय सिंह, भटगांव विधायक पारसनाथ राजवाड़े, कलेक्टर दीपक सोनी, एसपी राजेश कुकरेजा मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने खाया पीठा व लकरा चटनी

मुख्यमंत्री ने बोटिंग के दौरान मंत्रियों सहित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में सरगुजिहा व्यंजनों का लुत्फ उठाया। शिव शक्ति ग्राम संगठन की महिला समूह द्वारा तैयार किए गए सरगुजिहा व्यंजनों में रसोरा, पीठा रोटी, डुबकी, ठेकुवा, सूजीपुवा, चीला रोटी, लकरा चटनी का स्वाद चखा। उन्होंने फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का संचालन करने वाली महिलाओं की तारीफ की।

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