सीता के हाथों से उछलकर गिरा गर्म कटोरे का तेल, वहां बन गए कुंड

Ambikapur News - तातापानी उत्तरी छत्तीसगढ़ के दुरूस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित है। गर्म जल स्त्रोत होने के कारण ही इस क्षेत्र का...

Jan 16, 2020, 06:25 AM IST
तातापानी उत्तरी छत्तीसगढ़ के दुरूस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित है। गर्म जल स्त्रोत होने के कारण ही इस क्षेत्र का नाम तातापानी पड़ा।

मान्यता है कि यहां स्थित राम चौरा पहाड़ में भगवान राम सीता और लक्ष्मण के साथ रुके थे। इसी दौरान राम ने खेल-खेल में सीता की ओर पत्थर फेंका जो कि सीता मां के हाथ में रखें गर्म तेल के कटोरे से टकराया, जो उछलकर धरती पर गिरा और जहां-जहां तेल की बूंदें पड़ी वहां से गर्म पानी धरती से फूट कर निकला। तातापानी मेला समिति द्वारा मेला तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। तातापानी महोत्सव में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से आगंतुकों का मनोरंजन किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने क्षेत्रीय आदिवासी नृत्य जैसे करमा, सैला, सुआ, डण्डा नाचा, सरहुल की शानदार प्रस्तुति दी गई। छत्तीसगढ़ी लोक गायन में ओजस्वी साहू, अल्का चन्द्राकर, पण्डवानी में प्रतिमा वार्ले ने संस्कृति तथा परम्परा का सम्पूर्ण चरित्र चित्रण प्रस्तुत किया। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों ने राजकीय गीत अरपा पैरी के धार गीत पर नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रों ने सैला-रीना, ढोला-मारू, सरहुल, देवार करमा नृत्य, ककसार नृत्य, देवार करमा, गौरा-गौरी, झालियाना जैसे प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी आदिवासी तथा परम्परागत नृत्यों की पूरी श्रंृखला प्रस्तुत की। काॅमेडियन रविन्द्र जाॅनी ने जहां दर्शकों को हंसाकर लोटपोट किया, वहीं रजी मोहम्मद एवं साथियों ने पियानों की सुरीली धुन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेजर लाइट शो के माध्यम से पर्दे पर विभिन्न पौराणिक गाथाएं का प्रदर्शित की गई।

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